डॉ. विकास सिंह। भारत में उपभोक्ताओं की कमी नहीं है, लेकिन असली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि उनके द्वारा खर्च किए गए प्रत्येक रुपये से अधिक से अधिक आय का निर्माण हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह अपील कि नागरिक घरेलू वस्तुओं और सेवाओं को प्राथमिकता दें, केवल देशभक्ति का नारा नहीं बल्कि विकास के अर्थशास्त्र से जुड़ा एक स्पष्ट तर्क है।

जब कोई भारतीय नागरिक विदेश में छुट्टी मनाता है या आयातित सामान खरीदता है, तो खर्च का बड़ा हिस्सा विदेशी उत्पादन के पास चला जाता है। अर्थशास्त्र में इसे लीकेज कहते हैं। इसके विपरीत, जब वही पैसा घरेलू पर्यटन, भारतीय होटलों, स्थानीय परिवहन या देसी शादियों पर खर्च होता है, तो वह देश की सीमा के भीतर ही घूमता है। इससे डामेस्टिक वैल्यू एडिशन बढ़ता है, क्योंकि एक व्यक्ति का खर्च ही दूसरे व्यक्ति की आय बनता है।

यह मल्टीप्लायर प्रभाव तब सबसे मजबूत होता है जब पैसा पर्यटन और आतिथ्य जैसे क्षेत्रों में पहुंचता है। ये क्षेत्र कम पूंजी में अधिक लोगों को रोजगार और वेतन प्रदान करते हैं। इससे आय किसी एक बड़ी कंपनी में केंद्रित होने के बजाय छोटे सेवा प्रदाताओं तक व्यापक रूप से फैलती है। इसके अलावा, जब भारतीय कंपनियां अपने उत्पादों की निरंतर घरेलू मांग देखती हैं, तो वे विनिर्माण और नई क्षमता निर्माण में निवेश करने के लिए भी प्रेरित होती हैं।

हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी आयात नुकसानदेह हैं। तेल, औद्योगिक मशीनरी और इलेक्ट्रानिक्स घटकों का आयात देश की उत्पादकता और निर्यात क्षमता को बढ़ाता है। ऐसे आयात भविष्य के उत्पादन का आधार बनते हैं। इसके विपरीत, सोने का अत्यधिक आयात या विदेशी यात्रा जैसी चीजें देश की उत्पादन क्षमता बढ़ाए बिना केवल विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल करती हैं। इस तर्क की एक महत्वपूर्ण सीमा भी है।

केवल संरक्षणवाद के नाम पर उपभोक्ताओं को घटिया या महंगा सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। वास्तविक लाभ तब मिलता है जब विशाल घरेलू बाजार भारतीय कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने का पैमाना देता है और बाजार की प्रतिस्पर्धा उन्हें गुणवत्ता सुधारने पर मजबूर करती है। अंतिम लक्ष्य हर रुपये को भारत में रोककर रखना नहीं, बल्कि देश में रहने वाले रुपये से इतनी उत्पादकता और आय पैदा करना है जो बाहर जाने वाले रुपये की भरपाई कर सके। इससे देश की आर्थिक सेहत बेहतर होगी।

(लेखक समग्र विकास विशेषज्ञ हैं)