Kanpur में फर्जी डिग्री गैंग का बड़ा खुलासा: सरगना के 5 खातों में 12.50 करोड़ का लेनदेन, बेंगलुरु में साथी रडार पर
कानपुर में फर्जी डिग्री बनाने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। सरगना शैलेंद्र कुमार के पांच बैंक खातों में 12.50 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है। ...और पढ़ें

HighLights
फर्जी डिग्री बनाकर बेचने के मामले में 1030 डिग्री-मार्कशीट में 400 मिल चुकी फर्जी
यूपी बोर्ड की बरामद 99 मार्कशीट के सत्यापन रिपोर्ट के लिए एक टीम गई प्रयागराज
जागरण संवाददाता, कानपुर। नौ राज्यों के 14 विश्वविद्यालय से मार्कशीट-डिग्रियां बनाने वाले गिरोह के सरगना के पांच बैंक खातों में लगभग 12.50 करोड़ रुपये का लेनदेन मिला है। इसके अलावा एसआइटी की रडार पर सरगना का खास साथी आया है, जिसकी लोकेशन बेंगलुरु मिली है। टीम जल्द वहां जा सकती है।
वहीं, यूपी बोर्ड की बरामद 99 मार्कशीट की सत्यापन रिपोर्ट के लिए दूसरी टीम प्रयागराज गई है। एसआइटी की जांच में आरोपितों से बरामद 1030 मार्कशीट-डिग्रियों में 400 फर्जी पाई जा चुकी हैं, जबकि अन्य विश्वविद्यालयों से मार्कशीट-डिग्रियों का सत्यापन भी होना है।
किदवई नगर पुलिस ने 18 फरवरी काे फर्जी मार्कशीट बनाकर बेचने वाले गिरोह के सरगना रायबरेली के शैलेंद्र कुमार, कौशांबी के नागेंद्रमणि त्रिपाठी, गाजियाबाद के जाेगेंद्र व शुक्लागंज के अश्वनी कुमार को गिरफ्तार किया था। आरोपितों के पास से 1030 डिग्रियां-मार्कशीट बरामद हुई थीं। गिरोह उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश,अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, झारखंड, मणिपुर, सिक्किम राज्य के 14 विश्वविद्यालय व माध्यमिक शिक्षा परिषद से फर्जी डिग्री व मार्कशीट बनाते थे।
एसआइटी को बरामद मार्कशीट-डिग्रियों में 441 का सत्यापन हो चुका है, जिसमें 400 फर्जी निकली, जबकि 41 सही पाई गईं। एसआइटी अध्यक्ष एडीसीपी दक्षिण योगेश कुमार ने बताया कि सरगना शैलेंद्र कुमार ओझा के पांच बैंक खातों में लगभग 12.50 करोड़ रुपये के लेनदेन मिले हैं। इसमें पीएनबी में 1.90 करोड़, आइसीआइसीआइ बैंक में 7.27 करोड़, इंडसइंड बैंक में 48.29 लाख रुपये, एसआइबीआइ में 2.70 करोड़, कोटेक महिंद्रा में 14.30 लाख रुपये के लेनदेन पाए गए हैं।
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अभी यूपी बोर्ड, शहर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कृष्णा विश्वविद्यालय छतरपुर, प्रज्ञान विश्वविद्यालय झारखंड की डिग्रियों का सत्यापन हो रहा है। आरोपितों के गिरोह के शेखू उर्फ ताबिश, छतरपुर निवासी मयंक भारद्वाज, हैदराबाद का मनीष उर्फ रवि, शुभम दुबे, गौतम और नागेन्द्र के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसआइटी साक्ष्य जुटा रही है।
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