खौफनाक! बेवफाई के शक में प्रेमी बना हैवान, फतेहपुर में शारीरिक संबंध बना 10 मिनट तक गला दबा प्रेमिका को मार डाला
फतेहपुर में प्रेमी रजपाल रैदास ने अपनी प्रेमिका ललिता उर्फ राखी की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी ने बताया कि प्रेमिका के अन्य युवकों से संबंध होने के श ...और पढ़ें

राजपाल व ललिता की फाइल फोटो। स्वजन
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हत्यारोपित बोला, कई युवकों से फोन पर करती थी बातचीत
अब प्रेमिका अपने बुआ के बेटे से शादी करना चाह रही थी
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। बहादुरपुर गांव की ललिता उर्फ राखी को खौफनाक मौत दी। हत्याकांड का आरोपित प्रेमी रजपाल रैदास ने आत्मसमर्पण कर पुलिस को हत्या की पूरी कहानी सुनाई। उसने बताया कि दूसरे से अवैध संबंध होने के शक में हत्या की।
राजपाल ने पुलिस को बताया कि प्रेमिका, कई युवकों से फोन पर बातचीत करती थी और उसे संदेह हो गया था कि उसके किसी अन्य से भी संबंध हो गए हैं। मना करने पर मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने की धमकी देती थी। अब वह अपने बुआ के बेटे से शादी करने की बात कह रही थी। इस पर उसने रजामंदी से पहले शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद दुपट्टे से गला दबा दिया और 10 मिनट तक गला दबाए रहा, जब तक उसकी सांस नहीं थम गई। जेल जाते समय हत्यारोपित प्रेमी के चेहरे में इसका खौफ नहीं दिखा।
असोथर थाने के कैथनपुरवा गांव में रहने वाले रमाकरन रैदास चेन्नई में आइसक्रीम बेचते हैं। उनकी पुत्री ललिता उर्फ राखी की शादी छह वर्ष पूर्व थरियांव थाने के नयापुरवा निवासी जितेंद्र रैदास से हुई थी। शादी के बाद ललिता अपने पति को छोड़कर मासूम बच्ची के साथ मायका में आकर रहने लगी थी। इसी बीच उसका प्रेम प्रसंग स्वजातीय रजपाल उर्फ विजय कुमार रैदास निवासी बहादुरपुर, गाजीपुर से हो गया। इस पर वह एक साल से उसके साथ बहुआ कस्बा के गांधीनगर स्थित प्रेमी के घर पर जाकर रहने लगी थी।
शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े 10 बजे रजपाल ने प्रेमिका की गला दबाकर हत्या कर दी और ललौली थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। सूचना पर ललौली थाने पहुंची गाजीपुर पुलिस ने रजपाल को हिरासत में ले लिया। एसओ हनुमान प्रताप सिंह ने बताया कि दिवंगत की मां सुमित्रा देवी की तहरीर पर रजपाल रैदास के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे शनिवार जेल भेजा गया है।
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सूरत गया तो वहां भी बातचीत
हत्यारोपित रजपाल दो माह पूर्व प्रेमिका ललिता के साथ गुजरात के सूरत शहर गया था। जहां उसने एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी की और वहीं किराए का कमरा लेकर रहने लगा। वहां पर भी ललिता ने एक युवक से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी। इस पर वह रजपाल ने वहां से लौट आया और शहर के आइटीआइ रोड पर किराए का कमरा लेकर रहने लगा। रजपाल की मानते तो ललिता ने यहां पहुंचने पर भी अपनी आदत नहीं बदली, और एक पड़ोसी युवक से बातचीत शुरू कर दी। मना करने पर उसकी बात नहीं मानती थी।
अधिवक्ता का रौब जमाता था मुंशी
एसओ हनुमान प्रताप सिंह ने बताया कि हत्थे चढ़ा रजपाल उर्फ विजय कुमार रैदास कचेहरी में एक अधिवक्ता के यहां मुंशी का काम करता था। पूछताछ में पता चला कि स्नातक के बाद ये एलएलबी में एडमीशन कराने को सोच रहा था, लेकिन प्रेम प्रसंग के चलते एडमीशन ही नहीं कराया था लेकिन हर जगह अधिवक्ता होने का रौब गांठता था।
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