अंततः भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम घोषित हो गई। इस टीम के गठन की प्रतीक्षा लंबे समय से की जा रही थी। कुछ इसी तरह मोदी मंत्रिमंडल में विस्तार की भी प्रतीक्षा हो रही थी। नितिन नवीन टीम की घोषणा के बाद यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या अब मंत्रिमंडल में भी विस्तार होगा? यह प्रश्न इसलिए उठेगा, क्योंकि हाल के समय में कुछ चेहरे मंत्रिमंडल से बाहर हुए हैं।

इनमें प्रमुख हैं धर्मेंद्र प्रधान। इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल के कई चेहरे पुराने पड़ चुके हैं। तथ्य यह भी है कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को फिर से कोषाध्यक्ष बनाया गया है। चूंकि वह पहले भी मंत्री रहने के साथ कोषाध्यक्ष रह चुके हैं, इसलिए वे आगे भी दोनों पद संभाल सकते हैं। जो भी हो, उचित तो यही होगा कि संगठन को नए सिरे से गठित किए जाने के बाद मंत्रिमंडल में भी विस्तार और फेरबदल किया जाए, ताकि उसमें नई ऊर्जा का संचार हो सके। ध्यान रहे जब किसी समूह का नए सिरे से गठन होता है तो कुछ चेहरे ही नहीं बदलते, बल्कि उसकी कार्यशैली और प्राथमिकताएं भी बदलती हैं।

पता नहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल होगा या नहीं, लेकिन इतना अवश्य है कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम के समक्ष जनता से जुड़ाव बढ़ाने और अपेक्षाओं पर खरा उतरने की चुनौती है। उनकी टीम में नए और पुराने, दोनों ही चेहरे हैं। यह दिखाता है कि युवाओं और अनुभवी लोगों में संतुलन बैठाने के साथ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचने की कोशिश की गई है और युवाओं एवं महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। ऐसा करना समय की मांग है।

भाजपा की नई टीम में महिलाओं के साथ युवाओं को खास तौर पर आगे किया गया है। इनमें से कुछ तेजतर्रार चेहरे हैं। उन्हें आगे लाना इसलिए आवश्यक था, क्योंकि जहां महिलाएं एक नया और प्रभावी वोट बैंक हैं, वहीं युवा और विशेष रूप से जेन-जी पीढ़ी सबके एजेंडे में हैं। भाजपा की नई टीम को केवल नए अध्यक्ष की टीम कहना सही नहीं होगा। इस टीम में प्रधानमंत्री मोदी की छाप दिख रही है, जो समय की नब्ज भांपने और उसके अनुकूल फैसले लेने के लिए जाने जाते हें।

भाजपा की नई टीम के सामने जो अनेक चुनौतियां हैं, उनमें सबसे बड़ी चुनौती नैरेटिव बदलने की है। काकरोच जनता पार्टी के उभार के साथ ही विपक्ष ने संसद के मानसून सत्र को जिस तरह चलने नहीं दिया, उससे इसकी आवश्यकता महसूस हो रही है कि भाजपा को सरकार एवं संगठन के जरिये अपने विरोधी नैरेटिव का प्रतिकार करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। इसमें एक बड़ी भूमिका इंटरनेट मीडिया की होगी। यह अच्छा है कि इंटरनेट मीडिया विभाग में नए चेहरे दिख रहे हैं।