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दिल्ली एयरपोर्ट पर लॉन्च हुआ ‘स्काईकास्ट’, भारत का पहला अत्याधुनिक विमानन मौसम एआई सिस्टम

Published: Fri, 29 May 2026 10:26 PM (IST)

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 'स्काईकास्ट' नामक भारत की पहली एकीकृत विमानन मौसम बुद्धिमत्ता प्रणाली का उद्घाटन किया गया है।

एयरपोर्ट पर स्थापित यह प्रणाली भारत की पहली एकीकृत विमानन मौसम बुद्धिमत्ता और तत्काल पूर्वानुमान सुविधा है।

एयरपोर्ट पर स्थापित यह प्रणाली भारत की पहली एकीकृत विमानन मौसम बुद्धिमत्ता और तत्काल पूर्वानुमान सुविधा है।

HighLights

  1. दिल्ली एयरपोर्ट पर भारत का पहला 'स्काईकास्ट' लॉन्च।

  2. विमानों के सुरक्षित संचालन हेतु वास्तविक समय मौसम निगरानी।

  3. उड़ानों की देरी, रद्द होने में भारी कमी आएगी।

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। भारतीय विमानन क्षेत्र की सुरक्षा और मौसम पूर्वानुमान की क्षमता को और आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और एयरपोर्ट संचालन एजेंसी डायल ने संयुक्त रूप से स्काईकास्ट का उद्घाटन किया। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट पर स्थापित यह प्रणाली भारत की पहली एकीकृत विमानन मौसम बुद्धिमत्ता और तत्काल पूर्वानुमान सुविधा है।

इस अत्याधुनिक सिस्टम के शुरू होने के साथ ही दिल्ली एयरपोर्ट देश का अकेला ऐसा हवाई अड्डा बन गया है, जहां विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए रीयल-टाइम (तत्काल) वायुमंडलीय निगरानी प्रणाली तैनात की गई है।

डायल प्रवक्ता ने बताया कि स्काई कास्ट अगली पीढ़ी का एक मौसम के पूर्वानुमान का प्लेटफार्म है। यह कोई साधारण मौसम विभाग का उपकरण नहीं है, बल्कि यह कई आधुनिक तकनीकों का एक मिश्रण है। इसमें मुख्य रूप से चार अत्याधुनिक सिस्टम काम कर रहे हैं, जिसमें रडार विंड प्रोफाइलर (आरडबल्यूपी) जो हवा की गति और दिशा पर बारीक नजर रखता है।

माइक्रोवेव प्रोफाइलिंग रेडियोमीटर (एमपीआर) जो वातावरण के तापमान और नमी को मापता है। सोडार (सानिक डिटेक्शन एंड रेजिंग) ध्वनि तरंगों के जरिए हवा के उतार-चढ़ाव को ट्रैक करता है। आटोमेटेड वेदर स्टेशंस (एडब्ल्यूएस) जो जमीन के पास के मौसम की सटीक गणना करते हैं।

यह सिस्टम जमीन की सतह से लेकर आसमान में करीब 10 किलोमीटर की ऊंचाई तक के वातावरण का विश्लेषण करने में सक्षम है। साथ ही यह तकनीक विमानन क्षेत्र के सबसे बड़े दुश्मनों जैसे हवा की दिशा और गति में अचानक खतरनाक बदलाव (विंड शियर), घना कोहरा, आसमान में बर्फ जमने की स्थिति , लो-लेवल जेट्स और खतरनाक बादलों की हलचल का पता लगाकर हर 5 मिनट में आटोमैटिक अलर्ट जारी करेगी।

डायल के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने बताया कि इस सुविधा के शुरू होने से सबसे बड़ी राहत आम यात्रियों और एयरलाइंस को मिलेगी। अक्सर सर्दियों में घने कोहरे या गर्मियों में अचानक आए तूफान की वजह से उड़ानें रद्द करनी पड़ती हैं या उन्हें दूसरे शहरों में डायवर्ट करना पड़ता है।

स्काईकास्ट के विज़एयर साफ्टवेयर की मदद से अब मौसम वैज्ञानिकों, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स और पायलटों के पास स्क्रीन पर मौसम का लाइव डेटा होगा। इससे टेक-आफ और लैंडिंग के समय होने वाले हादसे रुकेंगे। खराब मौसम के दौरान उड़ानों में होने वाली देरी और रूट डायवर्जन में भारी कमी आएगी। पायलटों को पहले से पता होगा कि आगे का रास्ता कैसा है, जिससे यात्रियों का सफर और अधिक आरामदायक बनेगा।

बता दें कि मौजूदा समय में इस स्तर की उन्नत तकनीक केवल दुनिया के चुनिंदा हवाई अड्डों और अंतरिक्ष केंद्रों पर ही मौजूद है, जिनमें हॉन्गकॉन्ग इंटरनेशनल एयरपोर्ट, लंदन का हीथ्रो, न्यूयार्क का जाॅन एफ. कैनेडी, सिंगापुर का चांगी एयरपोर्ट और नासा के केप कैनावेरल लॉन्च पैड शामिल हैं। अब भारत का दिल्ली एयरपोर्ट भी इस संभ्रांत क्लब का हिस्सा बन गया है।

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