Ebola Alert: रांची एयरपोर्ट पर 24 घंटे तैनात रहेगी एंबुलेंस, सदर अस्पताल में बना विशेष आइसोलेशन वार्ड
झारखंड में इबोला वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। रांची एयरपोर्ट पर विशेष क्वारंटाइन सेंटर और 24x7 ...और पढ़ें

रांची एयरपोर्ट पर इबोला अलर्ट: क्वारंटाइन सेंटर और एंबुलेंस तैनात। (तस्वीर: सांकेतिक)
HighLights
रांची एयरपोर्ट पर विशेष इबोला क्वारंटाइन सेंटर बनेगा।
एयरपोर्ट पर 24x7 एंबुलेंस और स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे।
सदर अस्पताल में चार बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार।
जागरण संवाददाता, रांची। दुनिया के कई देशों में इबोला वायरस को लेकर बढ़ती सतर्कता के बीच झारखंड में भी स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। राजधानी रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर अब विशेष क्वारंटाइन सेंटर बनाया जाएगा, जहां विदेश से आने वाले यात्रियों में इबोला जैसे लक्षण मिलने पर उन्हें तत्काल अलग रखा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन, जिला प्रशासन और अस्पतालों के साथ समन्वय शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट पर 24 घंटे एक एंबुलेंस तैनात रहेगी। यदि किसी यात्री में तेज बुखार, उल्टी, कमजोरी, रक्तस्राव या अन्य संदिग्ध लक्षण पाए जाते हैं तो उसे तुरंत क्वारंटाइन कर प्राथमिक जांच की जाएगी।
इसके बाद मरीज को विशेष निगरानी में रिम्स या सदर अस्पताल भेजा जाएगा। इस संबंध में जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से एयरपोर्ट में प्रशिक्षण कार्यशाला भी आयोजित की गई है। मालूम हो कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इबोला वायरस को लेकर एलर्ट व दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
केंद्र सरकार ने जारी किया अलर्ट
इबोला वायरस को लेकर केंद्र सरकार द्वारा अलर्ट जारी करने के बाद झारखंड सरकार भी इसे लेकर अलर्ट हो गई है। सभी सिविल सर्जनों को अलर्ट कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने रांची के रिम्स और सदर अस्पतालों को इबोला के इलाज के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।
सदर अस्पतालों को आपातकालीन व्यवस्था के लिए कुछ बेड सुरक्षित रखने को कहा गया है। रिम्स में छह बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार कर सुरक्षित रखा गया है। रांची एयरपोर्ट पर इसकी जांच की भी व्यवस्था की जा रही है।
सदर अस्पताल में चार बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार
इबोला जैसी संक्रामक बीमारी से निपटने के लिए रांची के सदर अस्पताल में चार बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। यहां पीपीई किट, संक्रमण नियंत्रण उपकरण, सैनिटाइजेशन और अलग चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है।
स्वास्थ्य कर्मियों को भी संक्रमण से बचाव और संदिग्ध मरीजों की देखभाल को लेकर प्रशिक्षित किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार रिम्स में भी संक्रामक रोगों के लिए अलग वार्ड और निगरानी व्यवस्था को अलर्ट मोड में रखा गया है।
हालांकि इबोला के लिए अलग समर्पित वार्ड की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने आवश्यक तैयारी रखने का निर्देश दिया है। कोविड काल के अनुभव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतना चाहता।
एयरपोर्ट पर बढ़ेगी स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। विदेश से आने वाले यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री, स्वास्थ्य स्थिति और लक्षणों पर विशेष नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर संदिग्ध यात्रियों के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे।
इबोला का खतरा मुख्य रूप से अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों में अधिक माना जा रहा है, खासकर उन देशों में जहां पहले इबोला संक्रमण फैल चुका है या हाल में संदिग्ध मामले मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल राज्य में इबोला का कोई मामला नहीं मिला है, लेकिन एहतियात के तौर पर तैयारी की जा रही है।
क्या है इबोला वायरस बीमारी
इबोला एक गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलती है। यह बीमारी मुख्य रूप से अफ्रीकी देशों में देखी गई है। इसमें तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, उल्टी, दस्त और कई मामलों में आंतरिक व बाहरी रक्तस्राव तक की स्थिति बन जाती है।
गंभीर मामलों में मृत्यु दर काफी अधिक मानी जाती है। इबोला वायरस मुख्य रूप से फ्रूट बैट (फल खाने वाले चमगादड़) माने जाते हैं। इन्हें इबोला वायरस का प्राकृतिक वाहक माना जाता है।
बचाव ही सबसे बड़ा उपाय
डाक्टरों के अनुसार इबोला से बचाव के लिए संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और संदिग्ध लक्षण होने पर तुरंत जांच कराना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध स्थिति की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को देने की अपील की है।
