महंगाई का डबल अटैक: कानपुर में 10% बढ़ा माल भाड़ा, डीजल की कीमतों ने बिगाड़ा बजट; अब ये चीजे होंगी महंगी
डीजल की कीमतों में वृद्धि के कारण कानपुर में माल भाड़े में 10% की बढ़ोतरी हुई है। इससे रोजमर्रा की वस्तुओं, सब्जियों और खाद्य पदार्थों की कीमतों पर सी ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, कानपुर : डीजल महंगा होने का असर सीधे ट्रांसपोर्ट कारोबार पर पड़ा है। दस प्रतिशत माल भाड़ा बढ़ने से अब रोजमर्रा के सामानों की महंगाई भी बढ़ना तय है। कानपुर से हैदराबाद जाने वाली 12 टन लोड वाली गाड़ी का किराया अब 51 हजार रुपये हो गया है। ट्र्रांसपोर्टरों का कहना है कि भाड़ा बढ़ाने का पहले से दबाव था जिसमें डीजल के बढ़े दाम ने आग लगा दी है।
ट्रांसपोर्टरों ने पिछले दो साल से माल भाड़ा नहीं बढ़ाया था जबकि दो साल के दौरान मोटर पुर्जाें से लेकर टायर तक सभी के दामों में वृद्धि हुई है। डीजल के दाम बढ़ने से अब किराया बढ़ाना अनिवार्य हो गया है। इसलिए सभी ट्रांसपोर्टर ने शुक्रवार से ही माल -भाड़े में दस प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। अभी तक कानपुर से दिल्ली तक जो गाड़ी 30 हजार रुपये में जा रही थी वह अब 33 हजार रुपये में बुक हो रही है।
इसी तरह से कानपुर से हैदराबाद का 12 टन गाड़ी का भाड़ा अभी तक 46 हजार रुपये था अब वह 51 हजार रुपया हो गया है। बेंगलुरू की 15 टन वाली गाड़ी 85 हजार रुपये के बजाय अब 92 हजार रुपये में जा रही है। गुवाहाटी का किराया 95 हजार रुपये से बढ़कर एक लाख रुपये हो गया है।
ट्रांसपोर्टर बोले
डीजल के दाम बढ़ने से माल भाड़ा बढ़ाना मजबूरी हो गई है। सभी स्थानीय से लेकर बड़े शहरों के किराये में दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है।
- श्याम शुक्ला संरक्षक, यू पी युवा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
दो साल से माल भाड़ा नहीं बढ़ाया गया था। अब डीजल के दाम बढ़ने के बाद किराया बढ़ाना पड़ रहा है। किराया आज से ही बढ़ा दिया गया है।
- मनीष कटारिया, प्रदेश अध्यक्ष यूपी मोटर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से केवल वाहन चलाना महंगा नहीं होगा, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों, सब्जियों, दूध और रोजमर्रा की हर चीज पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा। पहले से महंगाई से परेशान व्यापारी और जनता पर यह प्रतिकूल असर देगा।
अभिमन्यु गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश प्रांतीय व्यापार मंडल