कौन हैं IPS अरुणदेव गौतम? जिन्हें बनाया गया छत्तीसगढ़ पुलिस का नया बॉस, फतेहपुर में टाट-पट्टी पर बैठकर शुरू की थी शिक्षा
आईपीएस अरुणदेव गौतम को छत्तीसगढ़ पुलिस का पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया गया है, जिससे उनके पैतृक गांव फतेहपुर के अभयपुर में जश्न का माहौल है। उन्होंन ...और पढ़ें

छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुणदेव गौतम के पैतृक गांव अभयपुर में मध्य में छोटे भाई जनमेजय सिंह का मुंह मीठा कराते स्वजन। जागरण
HighLights
अरुणदेव गौतम छत्तीसगढ़ के पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किए गए
गांव के प्राइमरी स्कूल में पूरी की प्रारंभिक शिक्षा, जेएनयू से किया परास्नातक
सुंदर कांड का हुआ पाठ, सतरंगी आतिशबाजी छुड़ाकर गांव में बाटी गई मिठाई
प्रयागराज के लेटे हनुमानजी के अनन्य भक्त हैं पूर्णकालिक डीजीपी अरुणदेव गौतम
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। 1991-92 बैच के आइपीएस आफीसर अरुणदेव गौतम ने छत्तीसगढ़ पुलिस का मुखिया बनकर जनपद को गौरवान्वित किया है। जैसे ही यह खबर उनके पैतृक गांव अभयपुर में पहुंची, पूरा गांव जश्न में डूब गया। कहीं सुंदरकांड का पाठ तो कहीं मिठाई बंटनी शुरू हो गई। ग्रामीणों ने खुशी में आतिशबाजी छुड़ाई।
घर में बधाई देने वालाें का तांता लगा
यूं तो अरुणदेव गौतम फरवरी 2025 में छत्तीसगढ़ के कार्यवाहक डीजीपी बन गए थे। रविवार को जैसे ही उन्हें पूर्णकालिक छत्तीसगढ़ पुलिस की कमान सौंपी गई। गांव समेत शहर स्थित उनके सगे भाई जनमेजय सिंह व साले पूर्व विधायक विक्रम सिंह के आवास पर मिठाई बांटकर खुशी मनाई गई।
पांच भाई व बहन में चौथे नंबर के हैं डीजीपी अरुणदेव
डीजीपी के ओहदे तक पहुंचे अरुणदेव गौतम पांच भाई व एक बहन हैं। वह पांच भाइयों में चौथे नंबर के भाई हैं। उनके तीन बड़े भाइयों में से सबसे बड़े भाई गिरजाशंकर सिंह गौतम इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। वहीं दूसरे नंबर के भाई दयाशंकर सिंह गांव में रहकर खेती-किसानी का कार्य करते हैं। वहीं तीसरे नंबर के भाई अनिल कुमार सिंह रिटायर्ड क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी हैं। इसके अलावा उनके एक छोटे भाई जनमेजय सिंह हैं, जो सामाजिक सेवा व राजनीति में सहभागिता निभा रहे हैं। सबसे छोटी बहन साधना सिंह हैं।
गांव में आतिशबाजी
डीजीपी बनने की सूचना जैसे ही गांव पहुंची पूरा गांव जश्न में डूब गया। बड़े भाई दयाशंकर सिंह, जन्मेजय सिंह, गिरिजाशरण सिंह, मुन्ना सिंह, केके सिंह, अनिल सिंह, तन्मय, अचल, गब्बू, पुष्पेंद्र, आदित्य प्रताप सिंह गौतम, प्रीतम सिंह, विजयशंकर तिवारी, मोतीलाल यादव, साधू सिंह, मलखान, उर्मिला, वंदना, अंशिका, अनन्या, अविरल व दिव्यांशी गौतम ने आतिशबाजी छुड़ाकर सभी का मुंह मीठा कराया।
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प्रयागराज के लेटे हनुमानजी के अनन्य भक्त हैं डीजीपी
दूरभाष पर नवनियुक्त डीजीपी ने कहा कि वह प्रयागराज के लेटे हनुमानजी के अनन्य भक्त हैं। बातचीत में उन्होंने कहा कि यह हनुमानजी की ही कृ़पा के साथ शुभ संयोग है कि जब वह चार फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़ के कार्यवाहक डीजीपी बने थे, तब मंगलवार का दिन था और जब पूर्णकालिक डीजीपी का दायित्व मिला है तो आज शनिवार का दिन है।
पूर्व सदर विधायक के बहनोई हैं डीजीपी
छत्तीसगढ़ के डीजीपी बने अरुणदेव गौतम पूर्व सदर विधायक विक्रम सिंह के बहनोई हैं। डीजीपी का विवाह वर्ष 1994 में ज्योति गौतम के साथ कानपुर बर्रा में हुआ था। इसके दो पुत्र में बड़ा पुत्र अक्षत गौतम भुवनेश्वर में प्रवक्ता है, वहीं छोटा पुत्र डा. तन्मय गौतम विलासपुर सरकारी अस्पताल में चिकित्सक है।
धनुष-वाण व सुखबग्घी में माहिर थे अरुण
गांव के प्राइमरी स्कूल में सहपाठी रहे कृष्णकुमार सिंह, शीतलदीन निषाद, राजेंद्र सिंह गौतम, सुरेश सिंह बचपन की यादें साझ़ा करते हुए कहते हैं कि अरुण बचपन में रुसाह की धनुष बनाते थे और हम लोग सरई की तीर बनाकर खूब खेलते थे।
| शिक्षा स्तर | संस्थान |
|---|---|
| आठवीं तक | अभयपुर गांव के परिषदीय स्कूल में |
| नौंवी व दसवीं | सेवा समिति विद्या मंदिर इंटर कालेज, रामबाग प्रयागराज |
| इंटरमीडिएट | जीआइसी प्रयागराज |
| स्नातक | इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज |
| परास्नातक | जेएनयू, नई दिल्ली |