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krishna Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घर के लिए कौन-सी कृष्ण मूर्ति है बेस्ट? नोट करें सही चुनाव का तरीका

Published: Thu, 03 Sep 2026 10:45 AM (IST)

जन्माष्टमी पर घर लाने के लिए सही कृष्ण मूर्ति का चुनाव कैसे करें? लड्डू गोपाल, राधा-कृष्ण या बांसुरी वाले कृष्ण - जानें किस रूप की पूजा का क्या महत्व है।

कान्हा के किस रूप की पूजा का क्या महत्व है? (AI-Generated Image)

कान्हा के किस रूप की पूजा का क्या महत्व है? (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जन्माष्टमी सिर्फ घर सजाने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन में कृष्ण की शिक्षाओं को अपनाने का दिन माना जाता है। इसलिए, जब आप कृष्ण जी की मूर्ति घर लाएं, तो इसे सिर्फ एक सजावटी चीज न समझें। कृष्ण जी के हर रूप का अपना अलग महत्व है। आइए जानते हैं कि इस जन्माष्टमी (Janmashtami 2026) आपके घर और पूजा के तरीके के हिसाब से कौन सी मूर्ति सबसे अच्छी रहेगी।

1. लड्डू गोपाल की प्रतिमा

लड्डू गोपाल, कृष्ण जी का बाल रूप है, जो भक्तों को बहुत प्रिय है। अगर आप कृष्ण जी को अपने परिवार का सदस्य मानकर रोजाना उनकी सेवा (जैसे - नहलाना, कपड़े पहनाना, भोग लगाना) कर सकते हैं, तभी लड्डू गोपाल को घर लेकर आएं। इन्हें सिर्फ त्योहार के दिन घर लाना सही नहीं है, इनकी नियमित सेवा बहुत जरूरी मानी जाती है।

2. राधा-कृष्ण की मूर्ति

राधा-कृष्ण की मूर्ति सिर्फ प्रेम का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सच्चे और निस्वार्थ प्रेम को दर्शाती है। यह मूर्ति घर के पूजा घर या शांत जगह के लिए एकदम सही है। यह हमें सिखाती है कि प्यार में सम्मान, समर्पण और अहंकार की कमी होनी चाहिए।

3. बांसुरी बजाते कृष्ण जी

श्रीकृष्ण का बांसुरी बजाता हुआ रूप बहुत ही शांत और आध्यात्मिक होता है। बांसुरी इस बात का प्रतीक है कि हमें अंदर से अहंकार मुक्त होना चाहिए। अगर आप घर में शांति और संतुलन का माहौल चाहते हैं, तो यह रूप बेहतरीन है। यह हमें मधुर वाणी और प्यार से जीतने की सीख भी देता है।

4. गाय के साथ कृष्ण जी की मूर्ति

गाय के साथ कृष्ण की मूर्ति देखभाल, करुणा और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है। जो परिवार जानवरों के प्रति दया और प्रकृति का सम्मान करते हैं, उनके लिए यह मूर्ति बहुत अच्छी है।

5. खड़े हुए कृष्ण भगवान

खड़े हुए कृष्ण की मूर्ति आत्मविश्वास और सही रास्ते पर चलने का प्रतीक है। अगर आप जीवन में कोई नई शुरुआत कर रहे हैं, तो यह मूर्ति आपको प्रेरणा दे सकती है। लेकिन याद रखें, सफलता के लिए सही कर्म भी जरूरी हैं।

मूर्ति खरीदते समय ध्यान रखें ये बातें

  • सिर्फ सजावट या कीमत देखकर मूर्ति न खरीदें, आपकी श्रद्धा सबसे ऊपर है।
  • टूटी या खंडित मूर्ति पूजा के लिए न लें।
  • उतने ही बड़े लड्डू गोपाल लाएं, जिनकी आप आसानी से सेवा कर सकें।
  • बहुत सारी मूर्तियां रखने से बेहतर है कि एक की ही सच्चे मन से पूजा करें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।