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    बार-बार मन में किसी के प्रति हिंसक विचार आते हैं ? इन ग्रहों के कमजोर होने का है नतीजा

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 03:23 PM (IST)

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब मन का कारक चंद्रमा और ऊर्जा का कारक मंगल पाप ग्रहों से पीड़ित होते हैं, तो मानसिक संतुलन प्रभावित होता है। जानें इसके मु ...और पढ़ें

    मन में आते हैं बुरे विचार तो जानें कमजोर ग्रहों का प्रभाव । (Picture Credit- AI Generated)

    मन में आते हैं बुरे विचार तो जानें कमजोर ग्रहों का प्रभाव । (Picture Credit- AI Generated)

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    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ऐसा कई बार होता है कि जब हम किसी व्‍यक्ति को लेकर या फिर किसी विशेष स्थिति-परिस्थिति में हम बुरा हिंसक विचारधारा अपना लेते हैं। ऐसा कभी-कभी हो जाए और कुछ देर में आप नॉर्मल फील करने लग जाएं, तो समझ में आता है। लेकिन यदि ऐसा बार-बार हो और आप अपनी सोच पर कंट्रोल न कर पाएं तो समझ लें कि आपकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति खराब है, जो आपको बुरा सोचने पर मजबूर कर रही है।

    ज्‍योतिष शास्‍त्र के आधार पर ऐसा कमजोर चंद्रमा, मंगल और राहु की वजह से होता है। इन ग्रहों के प्रभावित होने के कारण कई बार हम मानसिक रूप से शांत नहीं होते हैं और वो कर बैठते हैं, जो खुद के लिए और दूसरों के लिए बुरा होता है। चलिए हम आपको बताते हैं कि इन कमजोर ग्रहों की वजह से हमारे मन में कैसे विचार आते हैं।

    कमजोर चंद्रमा

    चंद्रमा मन का कारक होता है। यदि आपका मन विचलित है, तो समझ लें चंद्रमा कमजोर है। चंद्रमा के कमजोर होने पर मन में उथल-पुथल मच जाती है। व्‍यक्ति हर वक्‍त नकारात्‍मक चीजों के बारे में ही सोचता है और अशुभ स्थिति में कुछ ऐसा बोल या कर बैठता है, जो स्थिति को और ज्‍यादा खराब बना देता है।

    पीड़ित मंगल

    मंगल बहुत ही उग्र ग्रह है, इसके पीड़ित होने पर भी व्‍यक्ति को ऐसे विचार आते हैं, जिनमें हिंसा छिपी होती है। कई बार तो पीड़ित मंगल की वजह से व्‍यक्ति अचानक ही किसी से नफरत करने लग जाता है। ऐसा भी होता है कि व्‍यक्ति किसी बात को लेकर मन ही मन कुढ़ता रहे। मन का अशांत होना और बार-बार छोटी-बड़ी बातों पर लड़ने का मन करना भी पीड़ित मंगल के ही संकेत होते हैं।

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    राहु का प्रभावित होना

    राहु एक छाया ग्रह है और यह मन को भ्रमित करता है। जब किसी जातक की कुंडली में राहु प्रभावित होता है, तो व्‍यक्ति को किसी भी चीज का अजीब सा जुनून सवार हो जाता है। जैसे- सफाई का जुनून सवार हो जाए, तो व्‍यक्ति साफ-सुथरी चीजों में भी गंदगी तलाश लेता है। कई बार जब इनके मन का नहीं होता है, तब भी ये लोग हिंसक हो जाते हैं। वहीं छोटी-छोटी बातों में इन्‍हें भ्रम हो जाता है और ये लोग सामने वाले से लड़ पड़ते हैं। इन लोगों के साथ ऐसा भी होता है कि ये उन चीजों के बारे में सोचना शुरू कर देते हैं, जो वास्‍तव में हुई नहीं होती हैं।

    अतः अगर आपके मन में भी हिंसक या नकारात्मक विचार आ रहे हैं, तो आपको भी एक बार किसी अच्छे पंडित से अपनी कुंडली दिखवा लेनी चाहिए।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।