सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    अनिल अग्रवाल की कंपनी चीन के लपेटे में आई, ड्रैगन ने इस प्रोडक्ट पर 5 साल तक के लिए बढ़ाई एंटी-डंपिंग ड्यूटी

    Updated: Thu, 13 Aug 2026 05:11 PM (IST)

    चीन ने भारत से आयात होने वाले सिंगल-मोड ऑप्टिकल फाइबर पर अगले पांच साल के लिए एंटी-डंपिंग ड्यूटी बढ़ा दी है। इससे अनिल अग्रवाल की स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज ...और पढ़ें

    चीन ने भारतीय ऑप्टिकल फाइबर पर ड्यूटी 5 साल बढ़ाई।

    चीन ने भारतीय ऑप्टिकल फाइबर पर ड्यूटी 5 साल बढ़ाई।

    HighLights

    1. चीन ने भारतीय ऑप्टिकल फाइबर पर ड्यूटी 5 साल बढ़ाई।

    2. अनिल अग्रवाल की स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज भी इससे प्रभावित होगी।

    3. विभिन्न भारतीय निर्यातकों पर 7.4% से 30.6% शुल्क।

    नई दिल्ली। चीन ने भारत को एक बार फिर से झटका दिया है। उसने भारत से आयात होने वाले सिंगल-मोड ऑप्टिकल फाइबर पर अगले पांच साल तक के लिए एंटी डंपिंग ड्यूटी को बढ़ा दिया है। इसमें अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal Company) की कंपनी भी शामिल है। इससे पहले चीन ने जेनेटिकली मॉडिफाइड ऑर्गनिज्म (GMO) होने के आरोप में 7 भारतीय चावल एक्सपोर्टर्स का रजिस्ट्रेशन रद किया था।

    चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने पांच साल तक के लिए बढ़ाई एंटी डंपिंग ड्यूटी

    चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि चीन शुक्रवार से भारत से आयात होने वाले सिंगल-मोड ऑप्टिकल फाइबर (Single-mode optical fiber) पर अगले पांच साल तक एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाना जारी रखेगा। यह फैसला एक साल पहले शुरू की गई 'सनसेट रिव्यू' (समय-सीमा की समीक्षा) के बाद लिया गया है।

    यह भी पढ़ें- अंबानी की Jio Credit पर बड़ा विदेशी दांव, ₹18268 करोड़ के भारी निवेश से बैंक ऑफ अमेरिका को मिलेगा 49.9% स्टेक

    इस समीक्षा में यह निष्कर्ष निकला कि अगर एंटी-डंपिंग उपायों को खत्म किया गया, तो डंपिंग जारी रह सकती है या फिर से शुरू हो सकती है, जिससे चीन के घरेलू ऑप्टिकल फाइबर उद्योग को नुकसान हो सकता है।

    चीन ने सबसे पहले अगस्त 2014 में भारतीय सिंगल-मोड ऑप्टिकल फाइबर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लागू की थी और 2020 में इसे पांच साल के लिए बढ़ा दिया था।

    अनिल अग्रवाल की कंपनी भी लपेटे में

    अलग-अलग भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए टैक्स की दरें पहले के फैसलों के मुताबिक ही रहेंगी, जो 7.4% से 30.6% के बीच होंगी। इनमें स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज (7.4% दर) और अक्ष ऑप्टिफाइबर व फिनोलेक्स केबल्स (दोनों के लिए 30.6%) शामिल हैं। आपको बता दें कि स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज दिग्गज अरबपति अनिल अग्रवाल की है। 

    अनिल अग्रवाल Sterlite Technologies के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं। कंपनी का कंट्रोल और मैनेजमेंट अग्रवाल परिवार के पास है, जिसमें प्रवीण अग्रवाल वाइस चेयरमैन और अंकित अग्रवाल मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर काम करते हैं।

    यह भी पढ़ें- Vedanta ने लंदन की SBI ब्रांच से लिया था 50 करोड़ डॉलर का कर्ज, अब उसी पर आया बड़ा अपडेट; 54% शेयर रखे थे गिरवी

    खबरें और भी