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सऊदी अरब के एयरपोर्ट और अरामको ऑयल साइट्स पर हूती विद्रोहियों का हमला, 73 लोग घायल

Published: Tue, 08 Sep 2026 03:30 PM (IST)

यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिसमें 73 लोग घायल हो गए।

HighLights

  1. हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के ठिकानों पर हमला किया।

  2. हमलों में 73 लोग घायल, कई तेल कारखाने प्रभावित हुए।

  3. सऊदी अरब ने कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

डिजिटल डेस्क, रियाद। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हो गए हैं। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनके दक्षिणी हिस्से में मौजूद कई ऊर्जा और तेल कारखानों को निशाना बनाया गया है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब यमन में संघर्ष फिर से तेज हो गया है, सऊदी समर्थित सरकार हूतियों से अपने इलाके वापस लेने की कोशिश कर रही है। वहीं, हूतियों ने सऊदी अरब पर एक जेल पर हवाई हमला करने का आरोप लगाया है, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई थी।

हूतियों ने ली हमले की जिम्मेदारी

यमन के ज्यादातर आबादी वाले और उत्तरी हिस्सों पर नियंत्रण रखने वाले हूती विद्रोहियों ने इन मिसाइल और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी ली है। विद्रोहियों का कहना है कि उन्होंने सीमा के करीब स्थित आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग खालिद एयर बेस और सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको के आभा और जिजान स्थित ठिकानों को निशाना बनाया है।

इस बड़े हमले के बाद सऊदी अरब ने कड़ी जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। सऊदी अधिकारियों और मीडिया के मुताबिक, इन हमलों की वजह से कई तेल कारखानों में आग लग गई और कुछ समय के लिए वहां कामकाज रोकना पड़ा।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद तेल ठिकानों को आग की लपटों में घिरा हुआ देखा जा सकता है।

जुलाई में यमन का चार साल पुराना युद्धविराम टूटने के बाद से यह हूतियों द्वारा किया गया सबसे भीषण हमला है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में कहा है कि देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।

विद्रोहियों को सख्त चेतावनी

सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन 2015 से हूतियों के खिलाफ लड़ रहा है, जो इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही है। गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मल्की ने इसे आतंकवादी हूती मिलिशिया का एक खतरनाक कदम बताया, जिसमें 73 नागरिक घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि हम इस खतरे के स्रोत को खत्म करने और अपनी रक्षा के लिए हर संभव सैन्य कार्रवाई करेंगे।

सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, ऊर्जा मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि इन हमलों की वजह से कई जगहों पर आग लगी और कुछ लोगों को चोटें आईं, जिसके कारण कुछ कार्यों को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।

सऊदी-हूती संघर्ष की कहानी

हूती विद्रोही जुलाई से ही सऊदी अरब की ओर लगातार हमले कर रहे हैं, जब उन्होंने रियाद के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी का एलान किया था और लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाना शुरू किया था।

कर्नल तुर्की अल-मल्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि हूतियों ने दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश के नागरिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाकर स्थिति को बहुत खतरनाक बना दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गठबंधन इस आतंकवादी गुट को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।

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