9/11 के संदिग्ध का अल-कायदा और सऊदी अरब से संबंध, FBI के पास थे सबूत लेकिन नहीं की कार्रवाई; रिपोर्ट में दावा
एक नई BBC जांच में 9/11 के संदिग्ध उमर अल-बयौमी के अल-कायदा नेता अनवर अल-अवलाकी और सऊदी अरब से संबंधों का खुलासा हुआ है।

9/11 के संदिग्ध का अल-कायदा और सऊदी अरब से संबंध। (रॉयटर्स)
HighLights
वीडियो में 9/11 संदिग्ध बयौमी अल-कायदा नेता अवलाकी के साथ।
FBI ने 9/11 हमलों के बाद बयौमी की जांच की थी।
सबूतों ने बयौमी को 9/11 के अपहरणकर्ताओं से जोड़ा।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। हाल ही में जारी एक वीडियों में सऊदी नागरिक उमर अल-बयौमी को अल-कायदा के भविष्य के नेता अनवर अल-अवलाकी को गले लगाते और उसके साथ पेंटबॉल एक्सरसाइज में हिस्सा लेते हुए दिखाया गया है।
BBC की एक जांच के मुताबिक, FBI ने 11 सितंबर, 2001 के हमलों के बाद बयौमी की जांच की थी।
ईयू ने नए आतंकी खतरे को लेकर किया आगाह
अमेरिका में 25 वर्ष पहले 11 सितंबर, 2001 को अलकायदा द्वारा किए गए आतंकी हमले के बाद भी इस आतंकी संगठन का खौफ बरकरार है। यूरोपीय यूनियन (ईयू) ने आगाह किया है कि अलकायदा यूरोप के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। इस बीच, एक बड़ी चिंता भी उभरी है, जो युवाओं को आकर्षित करने की मंशा वाले आनलाइन अभियान को लेकर है। यह नया आतंकी खतरा ज्यादा खतरनाक बताया गया है।
इस नए खतरे को "निराशावादी हिंसक कट्टरपंथ" कहा जा रहा है। हालांकि वास्तव में इसका दायरा कितना बड़ा है, यह अभी साफ नहीं है। लेकिन नौ यूरोपीय देशों के पुलिस जांचकर्ताओं को जून और जुलाई में "द काम" (जिस नाम से यह आनलाइन कम्युनिटी जानी जाती है) से जुड़े लगभग 4,340 यूआरएल वेब एड्रेस मिले। इयू के आतंक रोधी समन्वयक बार्टजन वेग्टर ने एक इंटरव्यू में कहा, 'यह केवल हिंसा के लिए नहीं है। यह हिंसा के प्रति आकर्षित करने का हथकंडा है।'
उनका यह बयान अमेरिका में 9/11 आतंकी हमले के 25 वर्ष पूरे होने से पहले आया है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 27 यूरोपीय देशों में से 10 में कुल 45 आतंकी हमलों का मामला सामने आया था। इनमें से कोई भी बड़ी वारदात नहीं थी। इनमें से करीब आधे को विफल कर दिया गया था, लेकिन इन हमलों में छह लोग मारे गए थे।
BBC पैनोरमा और रेडियो 4 को मिले ये फुटेज उन सबूतों का हिस्सा थे जो जांचकर्ताओं ने हमलों के बाद इकट्ठा किए थे, लेकिन इन्हें पहले कभी सार्वजनिक नहीं किया गया था।
यह 9/11 पीड़ितों के परिवारों द्वारा दायर 1 ट्रिलियन डॉलर के मुकदमे का हिस्सा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि सऊदी अरब इन हमलों में शामिल था। एक वीडियो, जिसे 1997 या 1998 की शुरुआत में सैन डिएगो के पास शूट किया गया था, उसमें बयौमी और अवलाकी को सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी के साथ पेंटबॉल एक्सरसाइज में हिस्सा लेते हुए दिखाया गया है।
इसमें हिस्सा लेने वाले कुछ लोग मिलिट्री-स्टाइल के कपड़े पहने हुए हैं और नकली शहरी लड़ाई और टारगेट प्रैक्टिस कर रहे हैं। कुछ लोगों को 'अल्ला-हु अकबर' चिल्लाते हुए भी सुना जा सकता है। FBI जांचकर्ताओं को बाद में बताया गया कि कुछ लोगों ने जिहाद की ट्रेनिंग के लिए पेंटबॉल सेशन का इस्तेमाल किया था। अवलाकी, जो 2011 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया था, के उस समय पहले से ही अल-कायदा के लोगों से संबंध थे।
एक और पहले न देखा गया क्लिप जनवरी 1998 में बयौमी को अवलाकी को गले लगाते हुए दिखाता है। बयौमी ने 9/11 पीड़ितों के परिवारों के मुकदमे में 2021 में दिए गए बयान में अवलाकी से मिलने से इनकार किया था। वीडियो इस दावे के उलट लगता है।
बयौमी 1994 में सैन डिएगो आया था और उसने दावा किया था कि वह अंग्रेजी भाषा का छात्र है। बाद में जांचकर्ताओं को ऐसे सबूत मिले जिनसे पता चला कि उसने अपनी पढ़ाई काफी हद तक छोड़ दी थी और वह धार्मिक गतिविधियों के आयोजन में शामिल था।
बयौमी तब FBI के शुरुआती संदिग्धों में शामिल हो गया जब उसका नाम नवाफ अल-हजमी और खालिद अल-मिहदार द्वारा साइन किए गए अपार्टमेंट रेंटल एग्रीमेंट पर मिला। ये दोनों उन हाईजैकर्स में से थे जिन्होंने बाद में पेंटागन में विमान दुर्घटनाग्रस्त करने में मदद की थी।
ब्रिटिश पुलिस ने 21 सितंबर, 2001 को बर्मिंघम में बयौमी को गिरफ्तार किया और हजारों दस्तावेज, तस्वीरें और लगभग 80 वीडियोटेप जब्त किए। सबूतों में हाथ से बना एक डायग्राम भी शामिल था, जिसमें एक प्लेन और ऊंचाई व दूरी से जुड़े गणितीय हिसाब-किताब दिखाए गए थे।
FBI को हमलों के कुछ ही दिनों बाद इस डायग्राम की कॉपी मिल गई थी, लेकिन जिन ब्रिटिश डिटेक्टिव्स ने बायौमी से पूछताछ की थी, उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई, जबकि यह सबूत उसी पुलिस स्टेशन में मौजूद था जहां उसे रखा गया था, यानी बस कुछ ही मीटर की दूरी पर। बाद में एक फेडरल जज ने कहा कि यह दस्तावेज साफ तौर पर बायौमी का 9/11 हमलों की जानकारी से संबंध दिखाता है।
BBC को यह भी पता चला कि सैन डिएगो में FBI एजेंटों ने बार-बार बायौमी के बारे में सबूत मांगे, लेकिन उन्हें ज्यादा कुछ नहीं मिला। वहीं, FBI दफ्तरों की ओर से सऊदी सरकार में उसके कुछ संपर्कों से पूछताछ करने की कोशिशों को रोक दिया गया।
28 सितंबर, 2001 को बायौमी को रिहा कर दिया गया, क्योंकि अमेरिकी अधिकारियों ने यह नतीजा निकाला कि उसके प्रत्यर्पण की मांग करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे।
बायौमी और सऊदी सरकार ने इन हमलों में शामिल होने या पहले से जानकारी होने से इनकार किया है। दोनों में से किसी ने भी BBC के कमेंट के अनुरोध का जवाब नहीं दिया। FBI ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
