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    लालकुआं: मोबाइल चलाने पर मां की डांट से नाराज प्रियांशु ने लगाई थी गौला में छलांग, बरामद हुआ शव

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 05:49 PM (IST)

    मोबाइल चलाने पर मां की डांट से आहत होकर लालकुआं के प्रियांशु बिष्ट ने गौला नदी में छलांग लगा दी थी। सोमवार को उसका शव बरामद हुआ। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    HighLights

    1. मां की डांट से नाराज प्रियांशु ने गौला नदी में छलांग लगाई

    2. सोमवार को गौला नदी से किशोर का शव बरामद हुआ

    3. परिवार में मातम, अंतिम संस्कार पैतृक गांव गगास में

    संवाद सहयोगी, लालकुआं। मोबाइल चलाने पर मां की डांट के बाद मोतीनगर जगदंबा कॉलोनी निवासी प्रियांशु बिष्ट (17) ने गौला नदी में छलांग लगाई थी।

    सोमवार को गोला नदी से उसका शव बरामद हुआ था परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उसकी मृत्यु से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

    स्वजन के अनुसार रविवार दोपहर में प्रियांशु घर पर मोबाइल फोन चला रहा था। इसी दौरान उसकी मां लीला बिष्ट ने उसे डांट दिया।

    वह मां की डांट से आहत होकर घर से निकल गया और शाम पांच बजे के करीब गौला पुल से छलांग लगा दी। स्वजन उसकी तलाश में जुटे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका।

    रविवार शाम को किशोर के गौला नदी में छलांग लगाने की जानकारी पर घरवाले मौके पर पहुंचे।

    प्रियांशु परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी एक छोटी बहन है। वह मोतीनगर इंटर कालेज में कक्षा 12 का छात्र था। बेटे की असमय मौत से लीला बिष्ट और पिता गोविंद बिष्ट सदमे में हैं।

    घर में मातम पसरा हुआ है। स्वजनों को सांत्वना देने के लिए रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों का तांता लगा हुआ है।

    रानीखेत के गगास में होगा अंतिम संस्कार

    गोविंद बिष्ट का पैतृक निवास अल्मोड़ा जिले के गगास रानीखेत क्षेत्र में है। वह लालकुआं के मोतीनगर में अपने साले के मकान में परिवार सहित रहते थे और एक निजी फैक्ट्री में नौकरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे।

    इकलौते पुत्र की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को स्वजन प्रियांशु के शव को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव गगास ले गए।

    एसडीआरफ, पुलिस और गोताखोर भी जुटे

    गौला नदी में लापता प्रियांशु की तलाश में रविवार शाम पांच बजे से टीमें जुटी गई थी। रात में अंधेरा होने पर अभियान रोका गया। सुबह पांच बजे एसडीआरएफ, पुलिस और गोताखोर दोबारा खोजबीन में जुट गए थे।

    एसआइ मनोज यादव ने बताया कि दूसरे दिन एक घंटे सर्च अभियान के बाद घटनास्थल से थोड़ी दूर शव बरामद कर लिया गया।

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