विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बनभूलपुरा अतिक्रमण: सुप्रीम कोर्ट में टली सुनवाई, अब 18 को अगली सुनवाई

Published: Wed, 09 Sep 2026 07:54 AM (IST)Updated: Wed, 09 Sep 2026 02:06 PM (IST)

हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टल गई है, रेलवे की तत्काल सुनवाई की याचिका खारिज हुई।

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। हल्द्वानी के बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई। अब संवेदनशील मामले में अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी। कोर्ट ने इस मामले में रेलवे की ओर से तत्काल सुनवाई से जुड़ा दायर प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जायमाल्या बागची व न्यायमूर्ति वी मोहना की खंडपीठ में हल्द्वानी के अब्दुल मतीन सिद्दीकी सहित अन्य की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान रेलवे की ओर से मामले में जल्द सुनवाई के लिए दाखिल प्रार्थना पत्र को संयुक्त पीठ ने निरस्त करते हुए अगली सुनवाई के लिए 18 नवंबर की तिथि नियत कर दी।

दरअसल हाई कोर्ट के बनभूलपुरा में रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने पांच जनवरी 2023 को एक अंतरिम आदेश में रोक लगा दी थी। इसी साल फरवरी में सुप्रीम कोर्ट इस मामले में साफ कर चुका है कि जमीन रेलवे की है। कोर्ट का कहना था कि याची यह जिद नहीं कर सकते कि उनको वहीं बसाया जाए, रेलवे प्रोजेक्ट के लिए जमीन जरूरी है।

कोर्ट ने अतिक्रमण की जद में आए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए शिविर लगाकर प्रधानमंत्री आवास योजना के फार्म भरवाने के निर्देश दिए। इसके बाद राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बनभूलपुरा क्षेत्र में शिविर लगाकर फार्म भरवाए गए।

कोर्ट के समक्ष यह तथ्य आया था कि 30 हेक्टेयर से अधिक सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर चार हजार से अधिक मकान बनाए गए हैं जहां 50 हजार से अधिक की आबादी रह रही है। सरकार की ओर से बताया गया कि बनभूलपुरा क्षेत्र में 13 परिवार ऐसे हैं जिनके पास भूखंडों का वैध स्वामित्व है। यदि परियोजना के लिए उनकी भूमि की जरूरत होगी तो विधि अनुसार अधिग्रहण किया जाएगा।

सुप्रीम आदेश पर गलत टिप्पणी तो होगी कार्रवाई: एसएसपी

बनभूलपुरा से जुड़े रेलवे अतिक्रमण को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी थी। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया।

एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि फरवरी 2024 में मलिक के बगीचे में निगम की जमीन से कब्जा हटाने के दौरान बवाल हो गया था। ऐसे में रेलवे प्रकरण को लेकर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।

अगर किसी व्यक्ति ने इंटरनेट मीडिया पर ऊलजुलूल टिप्पणी की या फिर सुप्रीम आदेश आने पर गलत व्याख्या कर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। इंटरनेट मीडिया की निगरानी की जा रही है। साथ ही खुफिया एजेंसी भी सूचनाएं जुटाने में लगी है।

वहीं बुधवार को बनभूलपुरा में पुलिस ने फ्लैग मार्च कर सुरक्षा वस्था का जायजा लिया। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल ने पैदल मार्च किया और चप्पे-चप्पे पर चेकिंग की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि शांति और कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी। क्षेत्र में धरातल के साथ ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।

फ्लैग मार्च रेलवे स्टेशन, लाइन नंबर 17, इंद्रानगर बड़ी रोड, मुजाहिद चौक, गोपाल मंदिर, ठोकर, शनि बाजार रोड, छोटी रोड इंद्रानगर, ताज मस्जिद, 16 नंबर तिराहा, गांधी नगर, लाइन नंबर आठ, चोरगलिया रोड, ताज चौराहा, भारद्वाज चौराहा और रेलवे स्टेशन गेट समेत संवेदनशील क्षेत्रों में निकाला गया। पुलिस ने संदिग्ध लोगों और वाहनों की चेकिंग की।

सत्यापन अभियान

क्षेत्र में लगातार सत्यापन अभियान भी चलाया जा रहा है। संदिग्धों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। फ्लैग मार्च एसपी नैनीताल डा. जगदीश चंद्र के नेतृत्व तथा एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और एसपी संचार रेवाधर मठपाल के पर्यवेक्षण में निकाला गया।

इसमें अपर पुलिस अधीक्षक/सीओ हल्द्वानी अमित कुमार, सीओ भवाली रविकांत सेमवाल, निरीक्षक अभिसूचना ज्ञानेंद्र शर्मा, प्रभारी निरीक्षक बनभूलपुरा दिनेश सिंह फर्त्याल, प्रभारी निरीक्षक रामनगर सुशील कुमार, प्रभारी निरीक्षक तल्लीताल हरपाल सिंह, थानाध्यक्ष चोरगलिया तारा सिंह राणा समेत पुलिस बल, पीएसी, दंगा नियंत्रण दल, बम निरोधक दस्ता, अग्निशमन और ड्रोन दल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में धामी सरकार का एक्शन, बनभूलपुरा में बगैर मान्यता चल रहे दो मदरसे सील

ब्रीफिंग कर दिए सख्त निर्देश

कोतवाली हल्द्वानी के सभागार में बनभूलपुरा ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की ब्रीफिंग भी की गई। एसपी अपराध यातायात डा. जगदीश चंद्र की अध्यक्षता में हुई ब्रीफिंग में सरकारी कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए।

छतों में ड्रोन का पहरा

बनभूलपुरा में ड्रोन से छतों, गलियों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी गई। सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है। पुलिस ने छतों पर पत्थर, रोड़ी, ईंट, मलबा, हथियार या हथियारनुमा वस्तुएं जमा करने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। किसी व्यक्ति या समूह द्वारा उपद्रव की तैयारी किए जाने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई होगी।

इंटरनेट पर पुलिस की नजर

इंटरनेट माध्यमों पर भी पुलिस की पैनी नजर रही। अफवाह फैलाने, भड़काऊ सामग्री डालने, लोगों को गुमराह करने या माहौल खराब करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने क्षेत्रवासियों से सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान करने, शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

300 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी की दो कंपनियां

बनभूलपुरा में दो सुपर जोन और चार जोन बनाए गए। जिसमें दो पुलिस अधीक्षक, पांच क्षेत्राधिकारी, 15 निरीक्षक व थानाध्यक्ष, 10 निरीक्षक/चौकी प्रभारी, 45 उपनिरीक्षक व अतिरिक्त उपनिरीक्षक, 10 महिला उपनिरीक्षक व अतिरिक्त उपनिरीक्षक, 182 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल और 47 महिला हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल तैनात रहे। पीएसी की दो कंपनियां और ड्रोन की दो विशेष टीमें भी लगाई गई।

यह भी पढ़ें- बनभूलपुरा अतिक्रमण: घर-दुकानों से दबा डाला बरसाती नाला, बुलडोजर ने तोड़े कब्जे

आंसू गैस और दंगा नियंत्रण टीम तैनात

बनभूलपुरा में पुलिस ने आंसू गैस और दंगा नियंत्रण की दो-दो टीमें तथा फायरिंग दस्ते की दो टीमें तैयार की। आवश्यकता के अनुसार अन्य विशेष वाहन और संसाधन भी तैनात किए गए। सुरक्षा व्यवस्था में अग्निशमन विभाग की चार इकाइयां, यातायात पुलिस की चार टीमें, एक बम निरोधक दस्ता और हाक पुलिस की दो इकाइयां तैनात रहीं।