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बनभूलपुरा अतिक्रमण: घर-दुकानों से दबा डाला बरसाती नाला, बुलडोजर ने तोड़े कब्जे

Published: Sun, 19 Jul 2026 08:51 AM (GMT+05:30)

हल्द्वानी के बनभूलपुरा में बरसाती नाले पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन और निगम ने बुलडोजर कार्रवाई की। एक महीने ...और पढ़ें

एक महीने पहले 70 लोगों को गए थे नोटिस, 20 के कब्जे हटाए। जागरण

एक महीने पहले 70 लोगों को गए थे नोटिस, 20 के कब्जे हटाए। जागरण

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। बरसाती नाले पर कब्जा मानसून सीजन में जलभराव के हालात पैदा करने वाले लोगों के अतिक्रमण पर शनिवार को बुलडोजर कार्रवाई देखने को मिली।

प्रशासन और निगम की टीम ने बनभूलपुरा से जुड़े लाइन नंबर एक में पुलिस की मौजूदगी में घर-दुकानों के साथ ही सीढियों को भी ध्वस्त कर दिया। इसके बाद बरसात होने पर अभियान रूक गया। निगम के अनुसार गलियों में कई लोगों ने खुद भी अतिक्रमण तोड़ा है। सर्वे के बाद साफ हो जाएगा कि अभी नाले पर और कितने कब्जे हैं। इसके बाद फिर कार्रवाई की जाएगी।

गंदे पानी के साथ कचरे के ढेर भी

हल्द्वानी में आबादी क्षेत्र से निकलने वाले नालों पर अतिक्रमण के कारण बरसात के दौरान इन्हीं इलाकों के लोगों के लिए संकट की स्थिति पैदा हो जाती है। गंदे पानी के साथ कचरे के ढेर भी नजर आने लगते हैं। जिससे संक्रमण का डर भी रहता है।

नगर आयुक्त के अनुसार केमू रोड से ईदगाह होते हुए पुराना बरसाती नाला आगे बढ़ता है। लेकिन लाइन नंबर एक में जगह-जगह अतिक्रमण की वजह से पानी आगे बढ़ने की बजाय स्थानीय लोगों के लिए संकट की स्थिति पैदा कर देता है। कब्जे हटाने के लिए सर्वे किया गया तो पता चला कि कहीं कवर नाले के ऊपर दुकानें बना दी गई तो कहीं कमरे खड़े कर दिए।

इसके अलावा सीढियों के चक्कर में नाले पर कब्जा किया गया। जिसके बाद एक महीने पूर्व 70 लोगों को नोटिस देकर खुद अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उसके बावजूद लापरवाही की स्थिति नजर आई। जिस पर शनिवार को नगर आयुक्त परितोष वर्मा और सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी लाइन नंबर एक पहुंच गए। इसके बाद नाले से जुड़े स्थायी अतिक्रमण को बुलडोजर से हटाया गया। नगर आयुक्त ने बताया कि कार्रवाआई आगे भी जारी रहेगी।

बुलडोजर गरजा तो हिलने लगा मकान

एक घर का आगे का कुछ हिस्सा अतिक्रमण से जुड़ा था। नोटिस के बाद भी कब्जा नहीं हटने पर निगम ने बुलडोजर चला तोड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान मकान के पीछे का हिस्सा भी हिलने लगा। मकानस्वामी के बचे चिन्हित हिस्से को खुद तोड़ने की मोहलत मांगने पर उसे समय दिया गया है।

वहीं, एक घर की सीढ़ियां नाले के अतिक्रमण से जुड़ी है। जिन्हें ढहाने पर घर से निकली महिला ने परिवार के किसी सदस्य के बीमार होने का हवाला देते हुए कार्रवाई रोकने की मांग की। लेकिन अफसरों ने ने यह कहकर सुनवाई से मना कर दिया कि पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है।

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