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    नए साल में उत्तराखंड के हजारों उपनल कर्मियों को मिला संबल, धामी सरकार ने पूरी की बरसों पुरानी मांग

    Updated: Fri, 16 Jan 2026 01:03 PM (GMT+05:30)

    उत्तराखंड सरकार ने हजारों उपनल कर्मियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी की है। अब उपनल के बजाय विभाग सीधे कार्मिकों से अनुबंध करेंगे। पहले चरण में 2025 तक ...और पढ़ें

    गुरूवार को हुई बैठक में एक बार फिर यह विषय कैबिनेट के समक्ष रखा गया। File Photo

    गुरूवार को हुई बैठक में एक बार फिर यह विषय कैबिनेट के समक्ष रखा गया। File Photo

    HighLights

    1. उपनल कर्मियों का अब विभाग से सीधा अनुबंध होगा

    2. 2025 तक 10 वर्ष सेवा पूरी करने वालों को समान वेतन

    3. यह निर्णय चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा

    राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। सरकार ने वर्षों से उपनल के जरिये विभिन्न विभागों में सेवा देने वाले उपनल कर्मियों की एक बड़ी मांग को पूरा किया है। इससे फौरी तौर पर तो सात से आठ हजार कार्मिकों को राहत मिलेगी, लेकिन आने वाले समय में इसका लाभ बाद में भर्ती होने वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा। कैबिनेट ने अपने निर्णय में यह भी व्यवस्था की है कि शेष बचे कार्मिकों को समान कार्य समान वेतन देने के संबंध में चरणबद्ध तरीके से निर्णय लिया जाएगा। अहम बात यह होगी कि अब ये कार्मिक उपनल के नहीं बल्कि विभाग के साथ अनुबंध कर कार्य करेंगे।

    प्रदेश में इस समय विभिन्न विभागों में 20 हजार से अधिक उपनल कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये वर्षों से समान कार्य, समान वेतन की मांग कर रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकारों ने समय-समय पर उनके मानदेय में तो वृद्धि की है, लेकिन यह काफी कम थी। स्थिति यह रही कि कई विभागों में उपनल कर्मियों से अधिक मानदेय होमगार्ड व पीआरडी के जवानों का है। प्रदेश सरकार भी इस दिशा में कदम उठा रही थी लेकिन इसमें कई विधिक अड़चनें सामने आ रही थी।

    इस पर उपनल कर्मियों ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट के निर्णय के क्रम में प्रदेश सरकार ने उपनल कर्मियों को समान पद, समान वेतन देने के लिए कैबिनेट की उप समिति का गठन किया। इस समिति ने अपनी बैठकों में उपनल कर्मियों का पक्ष भी सुना। उपनल कर्मियों का प्रकरण पिछली कैबिनेट बैठक में भी आया था। इस दौरान 12 वर्ष की सेवा पूरी करने वालों को समान पद समान वेतन देने पर चर्चा हुई थी।

    गुरूवार को हुई बैठक में एक बार फिर यह विषय कैबिनेट के समक्ष रखा गया। इस पर यह निर्णय लिया गया कि अधिक से अधिक उपनल कर्मियों को लाभ देने के लिए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए। पहले चरण में वर्ष 2025 तक 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वालों को समान पद, समान वेतन दिया जाए। इन्हें इनके पद के सापेक्ष बेसिक वेतन दिया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में विभाग शेष उपनल कर्मियों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। अहम यह कि अब विभाग इनसे सीधे अनुबंध करेंगे यानी अब से उपनल कर्मी नहीं, बल्कि विभागीय कार्मिकों की भांति कार्य कर सकेंगे।

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