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    दून मेडिकल कालेज में फिर रैगिंग, सीनियर छात्रों ने जूनियर का किया मानसिक उत्पीड़न; एनएमसी ने तलब की रिपोर्ट

    Updated: Tue, 20 Jan 2026 09:35 PM (IST)

    दून मेडिकल कॉलेज (Doon Medical College) में रैगिंग का नया मामला सामने आया है। 2025 बैच के छात्रों ने 2023 बैच के एक छात्र पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप ल ...और पढ़ें

    लगाम के तमाम दावों के बावजूद दून मेडिकल कालेज में नहीं थम रही रैगिंग

    लगाम के तमाम दावों के बावजूद दून मेडिकल कालेज में नहीं थम रही रैगिंग

    HighLights

    1. दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का नया गंभीर मामला।

    2. जूनियर छात्रों ने सीनियर पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया।

    3. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने कॉलेज से तत्काल रिपोर्ट मांगी।

    जागरण संवाददाता, देहरादून। दून मेडिकल कालेज (Doon Medical College) में रैगिंग (Ragging) पर लगाम के तमाम दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। कड़े कदमों और निष्कासन की कार्रवाई के बावजूद रैगिंग का नया मामला सामने आया है।

    इस बार 2025 बैच के छात्रों ने 2023 बैच के एक छात्र पर धमकाने और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सीधे राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) में शिकायत दर्ज कराई है। मामले को गंभीर मानते हुए एनएमसी ने कालेज प्रशासन से तत्काल जांच कर रिपोर्ट तलब की है।

    एनएमसी के निर्देश मिलते ही कालेज प्राचार्य डा. गीता जैन ने एंटी रैगिंग कमेटी को मामले की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।

    हैरानी की बात यह है कि यह शिकायत ऐसे समय में सामने आई है, जब महज एक दिन पहले ही कालेज प्रशासन ने रैगिंग के आरोप में सख्त कार्रवाई करते हुए सीनियर छात्रों को निष्कासित किया था।

    इसके बावजूद नये बैच के छात्रों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है, जो व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। एंटी रैगिंग कमेटी ने ताजा मामले की जांच शुरू कर दी है।

    रिपोर्ट के आधार पर और एनएमसी के निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्राचार्य ने साफ कहा है कि कालेज में किसी भी छात्र के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    सख्ती के बाद भी क्यों नहीं रुक रही रैगिंग?

    कालेज में लगातार सामने आ रहे मामलों से यह स्पष्ट होता जा रहा है कि केवल कार्रवाई और चेतावनी से रैगिंग पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा।

    वर्ष 2025 बैच के छात्रों की शिकायत ने यह साफ संकेत दिया है कि सीनियर-जूनियर के बीच भय का माहौल अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

    सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश, निगरानी तेज

    लगातार शिकायतों के बाद कालेज प्रशासन ने जूनियर छात्रों के हास्टल में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है। प्राचार्य ने वार्डन, चीफ वार्डन व एंटी रैगिंग स्क्वायड को निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिदिन दो-दो बार हास्टल का निरीक्षण करें।

    • किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

    इसके साथ प्राचार्य ने सीनियर और जूनियर छात्रों की संयुक्त बैठक लेकर रैगिंग के कानूनी प्रविधानों व इसके गंभीर परिणामों की जानकारी दी और छात्रों से किसी भी उत्पीड़न की सूचना तत्काल देने की अपील की।

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    पिछले हफ्ते ही सामने आया था मामला

    पिछले हफ्ते ही दून मेडिकल कालेज में रैगिंग का गंभीर मामला सामने आया था। इसमें 2023 और 2024 बैच के नौ छात्रों को दोषी पाए जाने पर हास्टल व अकादमिक निष्कासन की कार्रवाई सोमवार को ही की गई थी।

    • दोषी दो छात्रों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
    • कालेज प्रशासन ने दावा किया था रैगिंग पर पूरी तरह लगाम लगा दिया है।

    नया मामला सामने आने के बाद यह सवाल फिर खड़ा हो गया है कि क्या दून मेडिकल कालेज में रैगिंग रोकने के लिए उठाए जा रहे कदम पर्याप्त हैं, या यह समस्या व्यवस्था की गहरी कमजोरी बन चुकी है।

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