अल्मोड़ा की कोसी नदी में ऊदबिलावों का दुर्लभ जमावड़ा, मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमाण
अल्मोड़ा की मोहान रेंज में कोसी नदी में 8-10 ऊदबिलावों का दुर्लभ समूह देखा गया है। वन्यजीव विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण जैसी चुनौतियों के ब ...और पढ़ें

मोहान रेंज में कोसी नदी क्षेत्र में ऊदबिलावों का कुनबा। सौ. वन्यजीव फोटोग्राफर दिपांकर

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दीप सिंह बोरा, रानीखेत। जलवायु परिवर्तन, अवैज्ञानिक मानवीय हस्तक्षेप व प्रदूषण वगैरह तमाम चुनौतियों के बीच शिवालिक की तलहटी पर ऊदबिलावों के दुर्लभ जमावड़े से वन्यजीव विशेषज्ञ व पर्यावरणप्रेमी खासे उत्साहित हैं।
उनका मानना है कि मोहान रेंज (अल्मोड़ा वन प्रभाग) में कोसी नदी में आठ से 10 ऊदबिलावों का समूह संकेत दे रहा है कि इस क्षेत्र में पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत हो रहा है।
साथ ही भविष्य में यहां ऊदबिलाव जैसे वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास और बेहतर हो सकते हैं।
मोहान से ढिकुली तक कोसी नदी में लगभग एक दशक पूर्व वन विभाग ने सर्वे किया था। तब यहां ऊदबिलाव कम दिखे थे।
मत्स्य संरक्षण के साथ नदी क्षेत्र में अनियोजित विकास व मानवीय हस्तक्षेप पर लगाम लगाने के बाद इनकी संख्या बढ़ी थी। मगर पिछले कुछ वर्षों में ऊदबिलाव गुम से हो गए थे।
इस बीच कोसी में आठ से 10 ऊदबिलावों का कुनबा एकसाथ दिखाई देने लगा है। वन्यजीव विशेषज्ञों ने इसे दुर्लभ नजारा बताते हुए नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिहाज से अच्छा संकेत बताया है।
ऊदबिलाव कुछ वर्षों से मोहान क्षेत्र में दिखाई देने बंद हो गए थे। यह स्वच्छ जल स्रोतों और प्रचुर मछली संसाधनों पर निर्भर रहते हैं। उनकी बढ़ती उपस्थिति अक्सर बेहतर जल गुणवत्ता, पर्याप्त आहार उपलब्धता और कम मानव हस्तक्षेप को दर्शाती है। यह कोसी क्षेत्र में सकारात्मक पर्यावरणीय परिस्थितियों व मजबूत होती नदी पारिस्थितिकी का संकेत भी है। बेहतर संरक्षण प्रयासों से ऊदबिलाव जैसे जीव अपने प्राकृतिक आवास में फिर से फल फूल सकते हैं।
- हरेंद्र बर्गली, उपनिदेशक विश्व प्रकृति निधि कार्बेट फाउंडेशन
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