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आठ साल तक नहीं दिया संभल के किसान को नलकूप कनेक्शन, अब अधिकारियाें के वेतन से कटेंगे एक लाख

Published: Tue, 08 Sep 2026 02:56 PM (IST)

आयोग ने मानसिक कष्ट और आर्थिक हानि के लिए ₹30,000 का हर्जाना और आदेश न मानने पर अधिकारियों के वेतन से ₹1 लाख काटने का निर्देश दिया।

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. किसान प्रेमपाल को आठ साल से नलकूप कनेक्शन नहीं मिला

  2. उपभोक्ता आयोग ने कनेक्शन देने और ₹30,000 हर्जाना देने का आदेश

  3. आदेश न मानने पर अधिकारियों के वेतन से ₹1 लाख कटेंगे

संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। घासीपुर निवासी प्रेमपाल ने कृषि कार्य के लिए अपने खेत पर वर्ष 2018-19 में सामान्य योजना के अंतर्गत निजी नलकूप लगवाने के लिए विद्युत विभाग में आवेदन किया था, जो दिसंबर 2018 में स्वीकृत हुआ। स्वीकृति के बाद नियमानुसार धनराशि भी जमा कर दी गई, लेकिन विद्युत विभाग द्वारा लगातार टालमटोल की जाती रही।

किसान ने इसकी शिकायत डीएम से भी की तो विभाग ने उन्हें बताया कि यदि चाहें तो जमा योजना के अंतर्गत निजी नलकूप लगवा सकते हैं अथवा जमा धनराशि वापस प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद किसान ने जिला उपभोक्ता आयोग बहजोई में परिवाद प्रस्तुत किया गया।

उपभोक्ता आयोग ने दो माह में 7.5 हॉर्सपावर का कनेक्शन देने का दिया आदेश

आयोग ने विद्युत विभाग को तलब किया तो विभाग ने बताया कि उसे मिले लक्ष्य में वादी का नाम भी शामिल है, लेकिन वादी के नाम पहले से एक निजी नलकूप सामान्य योजना में संचालित है, इसलिए दूसरा कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। इस पर अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय ने विरोध करते हुए कहा कि विद्युत संहिता में ऐसा कोई नियम नहीं है कि किसी व्यक्ति के नाम पहले से निजी नलकूप होने पर दूसरा कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आयोग ने परिवाद स्वीकार कर लिया।

मानसिक कष्ट व आर्थिक हानि के 25 हजार और वाद व्यय के पांच हजार रुपये भी देने होंगे

आयोग ने विभाग को आदेश दिया कि पर उनके खेत पर 7.5 हार्सपावर का निजी नलकूप सामान्य योजना के अंतर्गत दो माह के अंदर स्थापित कर आपूर्ति प्रदान करें। साथ ही प्रेमपाल को मानसिक कष्ट एवं आर्थिक हानि के लिए 25 हजार रुपये और वाद व्यय के मद में पांच हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया।

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नियत अवधि में आदेश का अनुपालन नहीं होने पर एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति परिवाद संस्थान की तिथि से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देय होगी। यह धनराशि संबंधित अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी और अवर अभियंता के वेतन से काटकर दी जाएगी।

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