सावन की शिवरात्रि: संभल में बारिश के बावजूद शिवभक्तों में उत्साह, शिवालयों में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे
सावन की शिवतेरस पर संभल में भारी बारिश के बावजूद शिवभक्तों और कांवड़ियों की आस्था अडिग रही। जिलेभर के शिवालयों में हर-हर महादेव के जयकारों के साथ भगवा ...और पढ़ें

बारिश के बीच गुजरते कांवड़िये।
HighLights
सावन की शिवतेरस पर संभल में जलाभिषेक
भारी बारिश भी शिवभक्तों की आस्था डिगा न सकी
शिवालयों में हर-हर महादेव के जयकारों से भक्तिमय माहौल
जागरण संवाददाता, संभल। सावन की बरसती बदरिया भी मंगलवार को शिवभक्तों की आस्था को नहीं डिगा सकी। शिवतेरस के मौके पर जिलेभर के शिवालयों में सुबह से शुरू हुआ जलाभिषेक जारी है। बारिश के बीच भी श्रद्धालु हाथों में गंगाजल, दूध, बेलपत्र, फल-फूल और पूजन सामग्री लेकर मंदिरों में पहुंच रहे हैं।
कांवड़ लेकर आने वाले शिवभक्तों के साथ ही डाक कांवड़िए भी शिवालयों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। मंदिरों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
बारिश भी नहीं डिगा पाई शिवभक्तों की आस्था
मंगलवार की भोर से झमाझम बारिश लगातार जारी है। इसके बावजूद शिवभक्तों के कदम मंदिरों की ओर बढ़ हैं। नगर के सूर्य कुंड मंदिर, पक्का बाग स्थित पातालेश्वर महादेव मंदिर, गुमसानी के झारखंडी शिव मंदिर, फत्तेहपुर भाऊ के प्रकटेश्वर महादेव मंदिर समेत जिले के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ है। बारिश से बचने के लिए कई श्रद्धालु छाता लेकर तो कई भीगते हुए ही मंदिर पहुंच रहे हैं।

हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे शिवालय
श्रद्धालुओं के हाथों में गंगाजल और दूध के साथ बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल-फूल और मिठाई दिखाई दी। अपनी बारी आने पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का गंगाजल और दूध से अभिषेक किया और बेलपत्र, धतूरा व फूल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। वहीं कांवड़ियों के पहुंचने पर मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे और तेज हो गए।
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बारिश के बीच शिवालय पहुंचे कांवड़िये
सावन की बारिश के बीच पैदल कांवड़ लेकर आने वाले शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बना। कई कांवड़िए भीगते हुए शिवालयों तक पहुंचे और पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। डाक कांवड़िए भी झमाझम बरसात के बीच भीगते हुए शिवालयों की पर बढ़ रहे हैं। कांवड़ियों को जलाभिषेक में प्राथमिकता दी गई, जिससे उन्हें समय से पूजन पूरा कर आगे बढ़ने में सुविधा हो सके।