यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 में पकड़े गए साल्वरों के जरिए गैंग सरगना तक पहुंचने की कोशिश, सिंडिकेट का राजफाश होगा
यूपी बोर्ड 2026 की परीक्षा में पकड़े गए साॅल्वरों के माध्यम से बोर्ड साॅल्वर गैंग के सरगना तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। बोर्ड सचिव ने डीजीपी को 22 ...और पढ़ें

यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 में सक्रिय साल्वर गैंग के राजफाश करने की तैयारी है।
HighLights
27 और साल्वरों पर दर्ज मुकदमे का विवरण डीजीपी को देगा यूपी बोर्ड
हाईस्कूल-इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रदेश भर में पकड़े गए हैं कुल 49 साल्वर
सीसीटीवी फुटेज और विभागीय संलिप्तता की भी गहन जांच होगी।
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की वर्ष 2026 की परीक्षा में पकड़े गए साल्वरों के माध्यम से यूपी बोर्ड साल्वर गैंग के सरगना तक पहुंचने की कोशिश में है। इसी कारण बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने परीक्षा के मध्य तक पकड़े गए 22 साल्वरों के विरुद्ध दर्ज मुकदमों का विवरण पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को इस आशय से भेजा था ताकि जांच में साल्वर बैठाने वाले सिंडिकेट के वास्तविक सूत्रधार का पता चले।
इसके बाद पकड़े गए 27 और साल्वरों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम) के तहत दर्ज मुकदमे का विवरण अब परीक्षा संपन्न होने के बाद डीजीपी को भेजा जा रहा है। बोर्ड सचिव का मानना है कि हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट स्तर की परीक्षा में साल्वर बैठाए जाने की घटना केवल छात्र-छात्रा के स्तर की नहीं है। इसमें सुनियोजित तरीके से सिंडिकेट की संलिप्तता की आशंका है।
पकड़े गए साल्वरों के मामले में संबंधित जिलों के अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इन दर्ज मुकदमे की विवेचना में साल्वरों के माध्यम से सरगना तक पहुंचने के लिए सघन जांच के निर्देश एसपी को दिए जाने के लिए डीजीपी को पत्र भेजा जा रहा है।
पुलिस विवेचना में साक्ष्य के संबंध में पत्र में सचिव ने बताया है कि परीक्षा का संपादन सीसीटीवी कैमरे के साथ किया गया है, जिसकी रिकार्डिंग केंद्र व्यवस्थापकों ने सुरक्षित रखी है। ऐसे में प्रत्येक घटना की सीसीटीवी रिकार्डिंग भी साक्ष्य स्वरूप विवेचक अवश्य प्राप्त कर लें।
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इसके अलावा परीक्षा केंद्र के भीतर या बाहर से सहयोग प्रदान करने वाले केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों अथवा किसी भी विभागीय कर्मचारी की संलिप्तता की गहन जांच कर विवेचक सिंडिकेट के सरगना तक पहुंच सकते हैं। यह भी लिखा है कि विभागीय कर्मचारी की संलिप्तता मिलने पर बोर्ड को भी अवगत कराया जाए, ताकि उनके विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई के साथ ही विभागीय सेवा नियमावली के अंतर्गत भी कार्यवाही शुरू की जा सके।
इस तरह साल्वर बैठाए जाने की घटनाओं को रोका जा सकेगा। जिन जनपदों में साल्वर पकड़े गए हैं, उनमें गाजीपुर, आजमगढ़, गोंडा, मैनपुरी, कौशांबी, झांसी सहित दर्जन भर से ज्यादा जिले शामिल हैं।
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