Census 2027 : पांच में से चार शिक्षक जनगणना प्रशिक्षण में, एक के भरोसे विद्यालय; बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित
बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक जनगणना प्रशिक्षण और विद्यालय में पढ़ाई व नामांकन कराने की दुविधा में हैं। कई जिलों में एक ही बैच में अधिकांश शिक्षकों की ...और पढ़ें

एक विद्यालय के अधिकांश शिक्षकों की जनगणना-2027 के प्रशक्षिण की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
HighLights
बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की दुविधा- स्कूलों में पढ़ाई व नामांकन कराएं या जनगणना प्रशिक्षण करें
यूपी के कई जिलों में कक्षा आठ तक के विद्यालयों में शिक्षामित्र सहित पांच-छह शिक्षक हैं, अप्रसन्नता जताई
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक इस दुविधा में हैं कि विद्यालयों में रहकर पढ़ाई कर नए नामांकन कराएं या जनगणना प्रशिक्षण में प्रतिभाग करें। कई जिलों में स्थिति यह है कि कक्षा आठ तक के विद्यालयों में शिक्षा मित्र सहित पांच-छह शिक्षक हैं, जिसमें एक को छोड़कर बाकी सब की जनगणना प्रशिक्षण में एक ही बैच में ड्यूटी लग गई है।
सभी शिक्षकों की एक बैच में ड्यूटी नहीं लगाई जाए
एक को छोड़कर बाकी सबकी जनगणना प्रशिक्षण में एक ही बैच में ड्यूटी लगाए जाने को लेकर शिक्षकों ने अप्रसन्नता जताई है। उन्होंने मांग की है कि विद्यालय में पठन-पाठन की व्यवस्था बनाए रखने का भी ध्यान रखकर सभी शिक्षकों की जनगणना प्रशिक्षण ड्यूटी एक बैच में नहीं लगाई जाए।
देवरिया के कंपोजिट विद्यालय का हाल
देवरिया के सदर विकास खंड के एक कंपोजिट विद्यालय (कक्षा एक से आठ तक) में चार सहायक एवं एक शिक्षामित्र की तैनाती है। इसमें से चार का तीन दिवसीय प्रशिक्षण एक ही बैच में 27 अप्रैल से लगा दिया गया है। प्रशिक्षण तीन दिन चलना है। ऐसे में वहां अब एक अध्यापक पर ही कक्षा आठ तक की पढ़ाई का दायित्व है।
प्रयागराज व कुछ जिलों में स्थिति ठीक
इस स्थिति में यह अनुमान लगाना कठिन नहीं है कि एक शिक्षक कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों को किस तरह पढ़ाएंगे। उन्हें सिर्फ पढ़ाना ही नहीं है, बल्कि मिडडे मील के लिए सब्जी आदि का प्रबंध कर बनवाने के साथ वितरित भी कराना है। यह एक उदाहरण मात्र है। ऐसी ही स्थिति कई जिलों में है। इसके विपरीत प्रयागराज सहित कुछ जिलों में जनगणना प्रशिक्षण ड्यूटी लगाते समय यह ध्यान रखा गया है कि विद्यालय में कम से कम दो शिक्षकों की उपलब्धता बनी रहे।
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शिक्षक नेता ने की मांग
उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि एक विद्यालयों के शिक्षकों की प्रशिक्षण ड्यूटी एक ही बैच में न लगाई जाए। मांग की कि दिव्यांग और गंभीर रूप से अस्वस्थ महिला/पुरुष शिक्षकों को प्रशिक्षण ड्यूटी से मुक्त किया जाए। वर्तमान में विद्यालयों में नए नामांकन चल रहे हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी/अभाव में नामांकन प्रभावित हो रहे हैं। विद्यालय में कम छात्र संख्या होने पर भविष्य में शिक्षक परेशानी में उलझ सकते हैं।