रेलवे में अप्रेंटिसशिप करने के इच्छुक युवा ध्यान दें, दस्तावेज सत्यापन का तीसरा चरण छह मई को होगा
रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ प्रयागराज ने अप्रेंटिसशिप के लिए तीसरे चरण का दस्तावेज सत्यापन घोषित किया है। यह उन रिक्त सीटों को भरने के लिए है जो पहले दो चरणो ...और पढ़ें

आरआरसी प्रयागराज में अप्रेंटिस के लिए दस्तावेज सत्यापन का तीसरे चरण होगा।
HighLights
रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ प्रयागराज ने तीसरे चरण का दस्तावेज सत्यापन घोषित किया
रिक्त स्लाट्स को भरने के लिए मेरिट लिस्ट में नीचे के उम्मीदवारों को मौमा मिला
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) में अप्रेंटिसशिप करने के इच्छुक युवाओं के लिए एक जरूरी अपडेट है। रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ प्रयागराज ने उन उम्मीदवारों के लिए तीसरे चरण का दस्तावेज सत्यापन घोषित कर दिया है जो पहले चरण में रिक्त रह गए स्लाट्स के लिए पात्र हैं।
खाली सीटों को भरने के लिए उम्मीदवारों को मौका
एनसीआर में कुल 1763 पदों पर अप्रेंटिसशिप भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। दूसरे चरण के सत्यापन के बाद भी कुछ उम्मीदवार अनुपस्थित रहे, जिससे सीटें खाली रह गईं। अब विभाग ने उन रिक्त स्लाट्स को भरने के लिए मेरिट लिस्ट में नीचे के उम्मीदवारों को मौका देने का निर्णय लिया है।
252 अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन होगा
तीसरे चरण के लिए चयनित 252 अभ्यर्थियों को छह मई 2026 को दस्तावेज सत्यापन के लिए पहुंचना है। यह प्रक्रिया सुबह 8:30 बजे से शुरू होगी। अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गई है। जिसे वह आधिकारिक वेबसाइट www.rrcpryj.org पर देख सकते हैं।
अप्रेंटिस से अभ्यर्थियों को होगा फायदा
रेलवे अप्रेंटिसशिप व्यावहारिक अनुभव देता है। किताबी ज्ञान के साथ ही यहां अभ्यर्थी इंडस्ट्री के काम करने का असल अनुभव प्राप्त करते है। मशीनों, टूल्स और तकनीकी प्रक्रियाओं को बारीकी से समझते हैं, जो आपको एक कुशल कर्मचारी बनाता है। भारतीय रेलवे में अप्रेंटिसशिप करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जो युवा वहां से अप्रेंटिसशिप पूरी करते हैं, उन्हें भविष्य में रेलवे की ग्रुप 'डी' भर्तियों में इनके लिए विशेष आरक्षण होता है और उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट भी मिल जाती है।
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निजी क्षेत्र में भी मिलता है लाभ
अप्रेंटिसशिप पूरी होने पर अभ्यर्थी को नेशनल अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट मिलता है, जिसे 'नेशनल काउंसिल फार वोकेशनल ट्रेनिंग' द्वारा जारी किया जाता है। यह सर्टिफिकेट पूरे भारत में सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरियों में बहुत मान्य है। प्रशिक्षण की अवधि के दौरान अभ्यर्थियों को सरकार द्वारा निर्धारित 'स्टाइपेंड' (मानदेय) भी मिलता है, जिससे वह अपनी शिक्षा के दौरान आर्थिक रूप से कुछ हद तक आत्मनिर्भर बनते हैं।
रोजगार के बेहतर अवसर
अप्रेंटिसशिप के दौरान अभ्यर्थी को न केवल रेलवे, बल्कि अन्य प्राइवेट सेक्टर की बड़ी कंपनियों में भी काम करने का मौका आसानी से मिल जाता है, क्योंकि वे कंपनियां उन उम्मीदवारों को ज्यादा महत्व देती हैं जिनके पास काम का व्यावहारिक अनुभव होता है। यहां अभ्यर्थियों को अनुभवी इंजीनियरों और तकनीशियनों के साथ काम करने का मौका मिलता है, जिससे उनकी प्रोफेशनल स्किल और नेटवर्किंग दोनों मजबूत होती है।