प्रयागराज एयरपोर्ट ने विमानों की नाइट लैंडिंग की अनुमति को भेजा प्रस्ताव, यात्री सेवा अभियान में उठी मांग
प्रयागराज एयरपोर्ट ने यात्री सेवा अभियान के फीडबैक के आधार पर विमानों की नाइट लैंडिंग के लिए प्रस्ताव भेजा है। ...और पढ़ें

प्रयागराज एयरपोर्ट पर विमानों की नाइट लैंडिंग को लेकर पहल की है।
HighLights
24 दिवसीय यात्री सेवा अभियान के समापन पर यात्रियों के फीडबैक को प्रशासन ने बनाया आधार
रात 10 बजे तक उड़ानों की मांग, इंडिगो, अकासा व एलायंस एयर सेवाएं शुरू करने को तैयार
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की 17 सितंबर से संचालित 24 दिवसीय ‘यात्री सेवा अभियान 2026’ का शनिवार को औपचारिक समापन हुआ। ‘सेवा और संकल्प’ तथा ‘सर्विस विद स्माइल’ ध्येय वाक्य के साथ चले इस अभियान के समापन पर सेवा रिपोर्ट जारी की गई और उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया गया।
एयरपोर्ट प्रशासन की पहल
अभियान के दौरान यात्रियों की ओर से मिले महत्वपूर्ण सुझावों पर अमल करते हुए एयरपोर्ट प्रशासन ने प्रयागराज से रात में उड़ानों के संचालन की मजबूत पहल शुरू कर दी है।
यात्रियों से मिले फीडबैक के आधार पर एयरपोर्ट निदेशक गणेश यादव ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय सेना और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर नाइट लैंडिंग की अनुमति का औपचारिक प्रस्ताव भेजा है।
यात्रियों की मांग- रात 10 बजे तक ही उड़ान हो
यात्रियों ने रात कम से कम 10 बजे तक उड़ानों के संचालन की पुरजोर मांग की है। वर्तमान में सेना की ओर से शाम साढ़े सात बजे तक ही लैंडिंग की अनुमति है। इंडिगो, अकासा और एलायंस एयर जैसी विमानन कंपनियां रात में सेवाएं देने को तैयार हैं, लेकिन नाइट लैंडिंग की अनुमति न मिलने से विस्तार अटका है। दिन में दिल्ली-मुंबई जैसे व्यस्त हवाई अड्डों पर स्लाट की किल्लत रहती है। रात में अनुमति मिलने से न सिर्फ स्लाट प्रबंधन आसान होगा, बल्कि दिल्ली के लिए देर रात की सेवा और पुणे के लिए सीधी उड़ान शुरू हो सकेगी।
रनवे व एटीसी वायुसेना के अधीन है
वर्तमान में प्रयागराज से दिल्ली, मुंबई, भुवनेश्वर, बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए ही सीधी उड़ानें हैं। रनवे व एटीसी वायुसेना के अधीन हैं, इसलिए एयरपोर्ट निदेशक ने डीएम से सेना के अधिकारियों के साथ मध्यस्थता करने का आग्रह किया है, ताकि सुरक्षा मानकों के तहत अनुमति मिले।
