ज्ञानवापी में वुजुखाना के सर्वे मांग की पुनरीक्षण याचिका पर इलाहाबाद HC में सुनवाई टली, अब 24 अगस्त को होगी
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर के वुजुखाने के अतिरिक्त पुरातात्विक सर्वेक्षण की मांग वाली याचिका पर सुनवाई 24 अगस्त 2026 तक टाल दी है। यह निर्ण ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट।
HighLights
वाराणसी की ज्ञानवापी परिसर में वुजुखाने के अतिरिक्त पुरातात्विक सर्वेक्षण की मांग है
राखी सिंह ने इस संबंध में इलाहाबाद हाई कोर्ट में दाखिल की है पुनरीक्षण याचिका
विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर स्थित वुजुखाने के अतिरिक्त पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने की मांग वाली राखी सिंह की पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई 24 अगस्त 2026 तक के लिए टाल दी है। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने यह आदेश दिया है।
प्रतिवादी के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया
प्रतिवादी 'अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी' के अधिवक्ता सैयद अहमद फैजान ने सोमवार को अदालत को सूचित किया कि विवाद से संबंधित मामला सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के समक्ष विचाराधीन हैं, जहां अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 को तय है।
याची के अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष
याची की ओर से अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने अधिवक्ता विकास कुमार व अमित शुक्ला के साथ पक्ष रखा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की तरफ से अधिवक्ता विनीत संकल्प ने पक्ष रखा। सर्वोच्च न्यायालय में लंबित कार्यवाही को ध्यान में रखते हुए पीठ ने उच्च न्यायालय की सुनवाई को शीर्ष अदालत द्वारा मामले पर विचार किए जाने तक के लिए स्थगित कर दिया।
इस आदेश को दी गई है चुनौती
पुनरीक्षण याचिका में वाराणसी जिला न्यायाधीश के 21 अक्टूबर 2023 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) से ज्ञानवापी परिसर के 'वज़ूखाना' क्षेत्र का अतिरिक्त पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने का निर्देश देने से इन्कार कर दिया गया था। याची का कहना है कि न्यायसंगत और निष्पक्ष निर्णय पर पहुंचने के लिए वज़ूखाना क्षेत्र का एएसआइ सर्वेक्षण अत्यंत आवश्यक है।