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    प्रतापगढ़ में ऑनलाइन सट्टेबाजी की ब्रांच, प्रयागराज का युवक चला रहा था ठगी का गिरोह; UP का पहला मुकदमा दर्ज

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 09 Aug 2026 05:16 PM (IST)

    प्रतापगढ़ में ऑनलाइन सट्टेबाजी का एक बड़ा गिरोह पकड़ा गया है, जिसमें प्रयागराज का एक युवक मुख्य आरोपी है। यह उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 ...और पढ़ें

    प्रतापगढ़ में पकड़ा गया आनलाइन सट्टेबाजी का आरोपित। जागरण

    प्रतापगढ़ में पकड़ा गया आनलाइन सट्टेबाजी का आरोपित। जागरण

    HighLights

    1. कुंडा से पकड़ा गया प्रयागराज मऊआइमा इलाके का सौरभ सिंह

    2. लैपटाप, मोबाइल, 15 पासबुक और कई क्यूआर कोड बरामद

    जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। कम समय व कम मेहनत में अधिक पैसे का सपना दिखाकर जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी का खेल चल रहा था। एक गिरोह द्वारा चलाई जा रही ब्रांच को पकड़कर पुलिस ने केस दर्ज किया है। इंटर आपरेशनल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम आइसीजेएस के अनुसार यह उत्तर प्रदेश का पहला केस है, जो प्रतापगढ़ में दर्ज हुआ है। इस तरह के अब तक 45 केस देश के छह अन्य राज्यों में दर्ज हुए हैं।

    तिलौरी मोड़ स्थित शिवपुरम कालोनी से गिरफ्तारी 

    कमीशन पर लोगों को खाते लेकर उसमें ऑनलाइन सट्टेबाजी का पैसा रखने, मंगाने व भेजने का काम करने की जानकारी पुलिस को मिली थी। इसका केंद्र कुंडा था। एसपी दीपक भूकर ने मिले इनपुट पर काम करने के टीमों को लगाया। पुलिस ने कुंडा के तिलौरी मोड़ स्थित शिवपुरम कालोनी में ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियों की जांच की तो मौके से प्रयागराज जिले के मऊआइमा थाने के तिलक का पूरा गांव का सौरभ सिंह पुत्र अरविंद कुमार सिंह पकड़ा गया।

    पूछताछ में सौरभ ने किया खुलासा 

    सौरभ सिंह के पास विभिन्न लोगों के नाम की बैंक पासबुक व चेकबुक के साथ लैपटाप मिला। पूछताछ में उसने शैलेंद्र प्रताप सिंह के साथ मिलकर न्यू लोटस गेमिंग की ऑनलाइन सट्टेबाजी ब्रांच संचालित करने की जानकारी दी। यह भी बताया कि मिलने वाली रकम को अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित कर छिपाने का प्रयास भी किया जाता था। इसका मुकदमा शनिवार रात अपराध निरीक्षक संजय सिंह ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन आफ आनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 की धारा 9 (1) व 9 (2 ) में कुंडा कोतवाली में दर्ज कराया।

    पासबुक, चेक बुक, एटीएम कार्ड आदि बरामद 

    यह अब तक का उत्तर प्रदेश का इस तरह का पहला केस रहा। मौके से 15 पासबुक, नौ चेक बुक, सात एटीएम कार्ड, 11 पेटीएम क्यूआर कोड, 12 गूगल-पे क्यूआर कोड, 22 पेटीएम क्यूआर ट्रांसफर, दो गूगल-पे मशीन, पांच रजिस्टर,डायरी और एक आधार कार्ड समेत अन्य सामग्री बरामद की गई है।

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    अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगीं 

    सीओ कुंडा शिव नारायण वैस का कहना है कि गिरोह ऑनलाइन पैसे लेता था। इस रैकेट में शैलेंद्र प्रताप सिंह, हरि गोविंद सिंह, अनीश और नीरज के साथ कुछ अज्ञात ठगों की संलिप्तता मिली है। इन सब पर मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरोह के अन्य आरोपितों की तलाश में चार टीमें लगी हैं।

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