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NHAI पर घायलों की जिंदगी से खिलवाड़? NH-34 पर 5 मिनट का दावा, पुलिस बोली- एंबुलेंस पहुंचने में लगते हैं ढाई घंटे

Published: Tue, 08 Sep 2026 08:53 PM (IST)

राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर NHAI का एंबुलेंस रिस्पांस टाइम सवालों के घेरे में है। पुलिस के अनुसार, NHAI के 5 मिनट ...और पढ़ें

टोल प्रबंधन का दावा पांच मिनट रिस्पांस टाइम का है, लेकिन मौके पर पहुंचने वाली पुलिस के दावों से यह मेल नहीं खाते। प्रतीकात्मक तस्वीर

टोल प्रबंधन का दावा पांच मिनट रिस्पांस टाइम का है, लेकिन मौके पर पहुंचने वाली पुलिस के दावों से यह मेल नहीं खाते। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. NHAI का NH-34 पर एंबुलेंस रिस्पांस टाइम सवालों के घेरे में।

  2. पुलिस के दावों के अनुसार, एंबुलेंस पहुंचने में ढाई घंटे लगते हैं।

  3. यमुना एक्सप्रेसवे पर सात एंबुलेंस, आठ मिनट रिस्पांस टाइम।

जागरण संवाददाता, दादरी (ग्रेटर नोएडा)। राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल वसूलने वाले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण हादसे मेंं घायलों तक मदद पहुंचाने में उतना ही सुस्त है। दादरी क्षेत्र में एनएच 34 के 21 किमी हिस्से में घायलों तक चिकित्सीय मदद के लिए टोल प्लाजा पर एक एंबुलेंस है। टोल प्रबंधन का दावा पांच मिनट रिस्पांस टाइम का है, लेकिन मौके पर पहुंचने वाली पुलिस के दावों से यह मेल नहीं खाते। यहां तक कि घायलों तक मदद पहुंचने में ढाई घंटे तक लग जाते हैं।

टोल प्रबंधन के दावे खारिज

दादरी क्षेत्र से एनएचआई-34 का 21 किमी हिस्सा है। यह लालकुआं से शुरू होकर लुहारली टोल प्लाजा तक है। दुर्घटना की स्थिति में चिकित्सीय मदद के लिए टोल प्रबंधन ने एक एंबुलेंस और एक पेट्रोलिंग गाड़ी की तैनाती की है।

लक्ष्य है कि एनएच पर होने वाले हादसे में घायलों को त्वरित सहायता व अस्पताल तक पहुंचाकर उनकी जिंदगी को बचाया जा सके।

इसके लिए पांच मिनट के रिस्पांस टाइम का दावा है, टोल प्रबंधन का दावा है कि दोनों गाड़ियां जिम्मेदारी से अपनी डयूटी का निर्वहन कर रही है। लेकिन पुलिस टोल प्रबंधन के इस दावे को खारिज करती है।

दो से ढाई घंटे लगते हैं एंबुलेंस पहुंचने में

एनएचआई-34 का लगभग 12 किलोमीटर हिस्सा बादलपुर कोतवाली क्षेत्र में आता है। कोतवाली प्रभारी बादलपुर विजय गुप्ता के मुताबिक सड़क दुर्घटना पर एनएचआई-34 एंबुलेंस को सूचना दी जाती है, लेकिन वह अधिकतर समय पर नहीं आती है। घटना के दो से ढाई घंटे तक एंबुलेंस को पहुंचने में लग जाते हैं।

तब तक पुलिस अपने संसाधनों के माध्यम से घायलों को अस्पताल पहुंचा देती है। यही नहीं एनएचआई-34 पर पेट्रोलिंग गाड़ी में भी राहत व बचाव के उपकरण पर्याप्त व उपयुक्त नहीं होते हैं। बड़ी घटनाओं के दौरान टोल की हाइड्रा तक भी समय पर नही पहुंच सकी है।

टोल प्रबंधक लुहारली रजनीकांत का कहना है कि लुहारली टोल से लाल कुआं तक एक एंबुलेंस की तैनाती की गई है। इनका रिस्पांस समय पांच मिनट का है। घटना में घायल मरीजों को टोल की सीमा मेंं आने वाले नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। कोई अस्पताल निर्धारित नहीं है।

यमुना एक्सप्रेसवे पर सात एंबुलेंस, आठ मिनट रिस्पांस टाइम

पीपीपी माडल पर बने प्रदेश के पहले एक्सेस कंट्रोल यमुना एक्सप्रेसवे पर सात एंबुलेंस हैं। जेवर टोल प्लाजा पर एक ही समय में चार एंबुलेंस तैनात रहती हैं। टोल प्रबंधन का दावा है कि हादसे की स्थिति में रिस्पांस टाइम आठ मिनट है।

जेवर टोल पर तैनात एंबुलेंस से दोनों ओर 30 से 40 किमी क्षेत्र को कवर किया जाता है। जेवर में कैलाश अस्पताल व न्यू जेवर अस्पताल व ग्रेटर नोएडा में कैलाश अस्पताल तथा यथार्थ अस्पताल में घायलोंं को भर्ती कराया जाता है।

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