विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने नोएडा में की खुदकुशी, सुसाइड नोट में बताई जान देने की वजह

Published: Tue, 08 Sep 2026 08:13 PM (IST)Updated: Tue, 08 Sep 2026 11:00 PM (IST)

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने नोएडा में अपने किराए के फ्लैट में आत्महत्या कर ली। उन्होंने सुसाइड ...और पढ़ें

सेवानिवृत्त आइएएस राकेश मेहता की फाइल फोटो। सौ. सोशल मीडिया

सेवानिवृत्त आइएएस राकेश मेहता की फाइल फोटो। सौ. सोशल मीडिया

HighLights

  1. पूर्व दिल्ली मुख्य सचिव राकेश मेहता ने की आत्महत्या।

  2. नोएडा में किराए के फ्लैट में पंखे से लगाई फांसी।

  3. सुसाइड नोट में बीमारी को बताया आत्महत्या का कारण।

जागरण संवाददाता, नोएडा। दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (1975 बैच) राकेश मेहता (74 वर्ष) ने नोएडा की केंद्रीय विहार-2 सोसायटी स्थित अपने किराए के फ्लैट में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना रविवार की है, जिसके बाद सोमवार को दिल्ली में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मौके से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है और बीमारी से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात कही है।

बीमारी से थे ग्रसित, सुसाइड नोट में लिखी वजह

अंग्रेजी में लिखे एक पन्ने के सुसाइड नोट में राकेश मेहता ने स्पष्ट किया कि वह अपनी बीमारियों से तंग आ चुके थे। वह हाइपरटेंशन, बीपी, शुगर और हाथ-पैर कांपने (ट्रीमोर) की समस्या से पीड़ित थे। मंगलवार को परिजनों ने पुलिस से मुलाकात की, हालांकि उन्होंने मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

रविवार को ऐसे हुआ घटना का खुलासा

राकेश मेहता पिछले पांच सालों से नोएडा में अकेले रह रहे थे, जबकि उनकी पत्नी (सेवानिवृत्त IAS) और बेटा देहरादून में रहते हैं। शनिवार रात पत्नी से उनकी बात हुई थी। रविवार दोपहर जब उन्होंने फोन नहीं उठाया, तो पत्नी ने सोसायटी के गार्ड को जांच के लिए भेजा। गार्ड्स ने कमरे में जाकर देखा तो उनका शव पंखे से लटका हुआ था।

आधुनिक दिल्ली के निर्माण में रहा बड़ा योगदान

राकेश मेहता पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के करीबी माने जाते थे। अपने तीन दशक से अधिक के प्रशासनिक करियर में उन्होंने दिल्ली सरकार और एमसीडी (MCD) में कई शीर्ष पदों पर काम किया...

  • मुख्य सचिव और एमसीडी कमिश्नर: दिल्ली के मुख्य सचिव रहते हुए उन्होंने कई ओवरब्रिज और बुनियादी ढांचे का निर्माण कराया।
  • राष्ट्रमंडल खेल (2010): कॉमनवेल्थ गेम्स के सफल आयोजन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
  • उच्च शिक्षा: उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज से बीए, जेएनयू से एमए और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमएससी की पढ़ाई की थी।

यह भी पढ़ें- ग्रेटर नोएडा वासियों के लिए खुशखबरी, 174 एकड़ में बनेगा हाई-टेक लॉजिस्टिक पार्क, 5 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

यह भी पढ़ें- बंद गोदाम से अचानक उठने लगा धुआं: नोएडा में शार्ट सर्किट से भीषण आग, टीनशेड काटकर डेढ़ घंटे में पाया काबू