चाय पीने तक की थी खबर... ग्रेटर नोएडा में बदमाशों ने रेकी कर GST सलाहकार को बनाया निशाना; 500 CCTV से खुला राज
ग्रेटर नोएडा में जीएसटी सलाहकार संदीप कुमार से फर्जी पुलिसकर्मी बनकर 29 लाख की फिरौती वसूली गई। पुलिस ने रेकी कर वारदात को अंजाम देने वाले फर्जी पुलिस ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
जीएसटी सलाहकार से फर्जी पुलिसकर्मियों ने 29 लाख रुपये वसूले।
आरोपियों ने पीड़ित परिवार की पूरी जानकारी जुटाकर रेकी की।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली क्षेत्र के एगिन रायल सोसायटी निवासी जीएसटी सलाहकार संदीप कुमार से हुई वारदात का पुलिस मंगलवार को पर्दाफाश कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि वारदात में शामिल वर्दीधारी बदमाश व अन्य संदिग्धों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
कार सवार बदमाश फर्जी पुलिसकर्मी निकला है। उधर, यह भी चर्चा है कि पीड़ित ने आइजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे घटना से संबंधित सबूत नहीं मिलना बता पुलिस ने निस्तारित दिखा दिया था।
फिलहाल पुलिस ने इस बात से इन्कार किया है। पीड़ित के मुताबिक आरोपितों ने उसके पूरे परिवार के रेकी की हुई थी। घर के सदस्यों से लेकर उसकी गतिविधि की जानकारी थी।
पुलिस की वर्दी पहले साथ ले गए थे आरोपी
बता दें कि एगिन रायल सोसायटी निवासी जीएसटी सलाहकार संदीप कुमार को पुलिस की वर्दी में पहुंचे कार सवार तीन आरोपित 20 जुलाई को सुबह करीब 11 बजे उनके खिलाफ शिकायत मिलने की बात बोल कर साथ में ले गए थे।
बाद में असलहों के बल पर उन्हें नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे व यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर टोल प्लाजा के आगे से वापस सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के पास अंडरपास तक छोड़ने आए थे। बीच में संदीप के बड़े भाई से 29 लाख की फिरौती भी ली थी।
आरोपित संदीप को कार के अंदर असलहों के बल पर करीब पांच से छह घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान पीड़ित से हुई उनकी बातचीत से पता चला कि आरोपितों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पहले से ही साजिश रच रखी थी।
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आरोपितों के पास संदीप और उसके पूरे परिवार की डिटेल पहले से मौजूद थी। फिरौती नहीं मिलने पर संदीप को धमकाते हुए एनकाउंटर की धमकी दी थी। बदमाशों ने उनसे कहा कि वह मूलरूप से नजफगढ़ का रहने वाला है।
एक गाड़ी पत्नी के नाम एक उसके नाम है। कुछ दिन पहले वह किन लोगों से मिला, किस रंग के कपड़े पहने थे, फ्लैट की बालकनी में कितने बजे खड़े होकर चाय पीता है, भाई कहां रहता है क्या करता है आदि।
उधर, सूत्रों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों की पहचान कर सोमवार करीब चार बजे वारदात में शामिल फर्जी पुलिसकर्मी व दो अन्य आरोपितों को पुलिस टीमों ने गिरफ्तार कर लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है।
आरोपितों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीमों ने करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। प्रभारी निरीक्षक मुनेंद्र सिंह का कहना है कि पांच टीमें लगी हैं, आरोपितों के खिलाफ अहम साक्ष्य मिले हैं। जांच जारी है जल्द से जल्द वारदात का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
गंभीरता से नहीं ली आइजीआरएस की शिकायत
चर्चा है कि आरोपितों के चंगुल से छूट कर घर पहुंचे संदीप ने पत्नी को पूरा मामला बताया। उनकी पत्नी ने डायल-112 पर काल कर घटना की पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने कोतवाली भी बुलाया और जांच शुरू करने की बात बोल कर टरका दिया था।
24 जुलाई को उसने डीसीपी भी शिकायत की थी। कोई उचित कार्रवाई नहीं होने पर आइजीआरएस पर शिकायत की। आरोप है कि पुलिस ने पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की बात कह मामला निस्तारित दिखा दिया, जबकि घटना के संबंध में सीसीटीवी फुटेज पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा दिए थे।
पुलिस ने घटना स्थल पर सीन किया री-क्रिएट
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का सीन री-क्रिएट किया है। पीड़ित को साथ लेकर उन सभी रास्तों पर पहुंची, जहां से उन्हें ले जाया गया था, जहां आरोपित संदीप को लेकर रुके थे।
अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और बयान के आधार पर सीन री-क्रिएशन के जरिये आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच में तीन आरोपितों के बारे में अहम सुराग मिले हैं।
बर्गर खरीदता आरोपित सीसीटीवी में कैद
जांच के दौरान पुलिस टीम को कार में सफेद रंग की शर्ट और गले में मोबाइल के इयरफोन की लीड डाले एक बदमाश सीसीटीवी फुटेज में कैद मिला है। इस बदमाश का चेहरा जेवर टोल प्लाजा पर पुलिस की वर्दी में चालक की सीट की बगल में बैठे आरोपित से मिलती है।
उसने लाैटते समय नालेज पार्क से मैकडोनल्ड से बर्गर भी खरीद कर बाहर निकलते दिख रहा है। आरोपितों ने पीड़ित का मोबाइल फोन एरोप्लेन मोड पर रखा था। सिर्फ फिरौती की रकम मंगाने के लिए उसकी पत्नी व बड़े भाई को काल के समय ही इस मोड से हटाया था।
इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
घटना स्थल से लेकर टोल प्लाजा, नालेज पार्क से मैकडोनल्ड और नोएडा प्राधिकरण के पास इन सभी स्थानों पर हर समय भीड़ रहती है। ऐसे में संदीप ने आखिर शोर मचाकर मदद क्यों नहीं मांगी, जब आरोपितों ने उसे उतारा सेक्टर-96 के पास उतारा, तब भी वह चुप रहा।
पीड़ित का कहना है कि आरोपितों ने घटना के बारे में किसी को बताने पर उसे व स्वजन को जान से मारने की धमकी दी थी। इसी डर से वह चुप रहा।
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