'नीले ड्रम' में शव छुपाने वाले प्रेमी युगल को उम्रकैद, 2015 के चर्चित सौरभ हत्याकांड में आया फैसला
सौरभ हत्याकांड में बैंक प्रबंधक के बेटे की फिरौती के लिए हत्या करने वाले जिम मालिक खुर्शीद आलम और उसकी ...और पढ़ें

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HighLights
साल 2015 में फिरौती के लिए बैंक प्रबंधक के बेटे को उतारा गया था मौत के घाट
एक आरोपित साक्ष्यों के अभाव में बरी, दोनों पर 2.20 लाख का लगाया गया जुर्माना
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। नीला ड्रम...। बीते दिनों अलग-अलग शहरों में एक के बाद एक हुई हत्याओं के बाद नीले ड्रम का जिस तरह प्रयोग हुआ, वह चर्चा का विषय बना हुआ है। इंटरनेट मीडिया पर इससे जुड़े मीम्स और रील्स की भरमार है। साल 2015 के नीले ड्रम से ही जुड़े सौरभ हत्याकांड में मंगलवार को जब कोर्ट का फैसला आया तब पूरी कहानी फिर से चर्चा में आ गई।
फिरौती के लिए बैंक प्रबंधक के बेटे सौरभ सक्सेना को मौत के घाट उतारने वाले दोषी जिम मालिक खुर्शीद आलम और उसकी प्रेमिका जिम ट्रेनर शानी उर्फ सदफ शाह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
तीसरे आरोपित सैय्यद निहाल हैदर अली को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। दोनों दोषियों पर 2.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। रामगंगा विहार निवासी गौरव सक्सेना ने छह फरवरी 2015 को अपने छोटे भाई सौरभ सक्सेना की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
सौरभ सुबह करीब छह बजे टहलने के लिए स्टेडियम की ओर निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनके मोबाइल पर फोन किया तो कुछ समय तक घंटी जाती रही। बाद में मोबाइल बंद हो गया। काफी तलाश के बाद भी सौरभ का पता नहीं चला।
11 फरवरी 2015 को सौरभ का शव मझोला क्षेत्र में मिला। बाद में पुलिस ने इस घटना का राजफाश करते हुए बताया था कि रेलवे के हरथला कालोनी निवासी खुर्शीद आशियाना में जिम चलाता था। सौरभ के घर के पीछे रहने वाली शानी उर्फ सदफ जिम में ट्रेनर थी।
शानी और खुर्शीद के बीच प्रेम प्रसंग था। शानी की मां सौरभ सक्सेना के घर में खाना बनाने का काम करती थी। ऐसे में शानी का भी घर में आना जाना था। शानी की सौरभ से भी नजदीकी बढ़नी लगी थी।
उधर, जिम में घाटा होने व कर्मियों का वेतन न दे पाने की वजह से खुर्शीद ने अपने लखनऊ के मुफ्ती गंज निवासी निहाल हैदर जैदी के साथ मिलकर फिरौती के लिए अपहरण करने की योजना बनाई। ट्रेनर शानी ने सौरभ का नाम सुझाया।
छह फरवरी को शानी ने सौरभ को झांसा देकर जिम में बुलाया। फिरौती से इन्कार पर जिम में सौरभ को चाकुओं से गोदकर मौत के घाट उतारने की कोशिश की गई। तेजाब के इंजेक्शन लगाए गए। हत्या के बाद खुर्शीद शव को हरथला में एक घर लेकर पहुंचा।
जहां शव को नीले ड्रम में बंद करके दो दिन तक रखा। दो दिन बाद शव समेत नीले ड्रम को टाटा मैजिक से भोला सिंह की मिलक के नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने महिला समेत तीनों आरोपितों को जेल भेज दिया था। बाद में पुलिस ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-एक अनिल कुमार की अदालत में हुई। एडीजीसी राजीव कौशिक ने बताया कि अभियोजन की ओर से 14 गवाह पेश किए गए।
इनमें मृतक का भाई, पिता, चाची, चिकित्सक, पुलिसकर्मी, विवेचक और अन्य स्वतंत्र गवाह शामिल थे। इसके अलावा मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड के टुकड़े, कपड़े, वाइपर, राड, टाइल्स समेत अन्य वस्तुओं को भी साक्ष्य के रूप में पेश किया गया।
मंगलवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खुर्शीद आलम और शानी उर्फ सदफ शाह को आजीवन कारावास और 1.20-1.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही जुर्माना की 70 प्रतिशत धनराशि पीड़ित परिवार को देने के आदेश दिया है।
