मुरादाबाद: मजार पर बुलडोजर के बाद अब TMU से सटी 'मुस्तफा मस्जिद' पर शिकंजा, MDA ने थमाया नोटिस
मुरादाबाद में अवैध बाबा फौलाद शाह की मजार पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद अब टीएमयू के पास मुस्तफा मस्जिद को ...और पढ़ें

दिल्ली रोड स्थित टीएमयू की दीवार से सटी मुस्तफा मस्जिद। जागरण
HighLights
सात जुलाई को पास तालाब की भूमि पर अवैध रूप से बनी बाबा फौलाद शाह की मजार पर चला था बुलडोजर
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय (टीएमयू) के पास तालाब की भूमि पर अवैध रूप से बनी बाबा फौलाद शाह की मजार पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद अब 300 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनी मुस्तफा मस्जिद पर शिकंजा कस गया है। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार की दीवार से सटी 40 साल पुरानी मस्जिद के बिना मानचित्र स्वीकृति निर्माण की शिकायत पर एमडीए ने नोटिस जारी किया है।
एमडीए ने मस्जिद प्रबंधन से निर्माण और मानचित्र स्वीकृति से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रकरण में मस्जिद के इमाम हाफिज मुहम्मद शाने अजहरी ने बताया कि उन्हें नोटिस और निर्माण संबंधी दस्तावेजों के बारे में अधिक जानकारी नहीं है। वह यहां केवल नमाज पढ़ाने का कार्य करते हैं।
सात जुलाई को टीएमयू के पास तालाब की भूमि पर अवैध रूप से बनी बाबा फौलाद शाह की मजार को बुलडोजर चलाकर जमींदोज किया जा चुका है। मामले में भी शिकायत हुई थी। जांच में पता चला कि राजस्व ग्राम पाकबड़ा स्थित गाटा संख्या-1180, जिसका कुल रकबा 0.1620 हेक्टेयर है।
राजस्व अभिलेखों में श्रेणी-6 (1) के तहत अकृषित जलमग्न अथवा तालाब की भूमि के रूप में दर्ज है। जिस पर पहले बाबा फौलाद शाह की मजार बनाई गई। फिर धीरे-धीरे करके महबूब ने अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण भी कर लिया। मामले में तहसीलदार सदर की कोर्ट में वाद दायर हुआ।
राजस्व संहिता की धारा-67 के अंतर्गत दिसंबर 2025 को तहसीलदार सदर की कोर्ट ने बेदखली का आदेश पारित किया। इसके साथ ही अवैध कब्जा करने वाले पर एक लाख 73 हजार 340 रुपये की क्षतिपूर्ति और चार हजार रुपये का वाद व्यय लगाया था।
तहसीलदार न्यायालय के आदेश के विरुद्ध महबूब ने डीएम कोर्ट में अपील की। अपील की सुनवाई के दौरान डीएम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तालाब केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, भू-जल स्तर को सुरक्षित रखने, पशु-पक्षियों एवं जलीय जीवों के संरक्षण तथा वर्षा जल के संचयन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डीएम कोर्ट ने अपील को निरस्त करते हुए तहसीलदार सदर की ओर से पारित आदेश को यथावत बनाए रखा। जिसके बाद गाटा संख्या-1180 की तालाब भूमि पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कराते हुए जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था।
अब मुस्तफा मस्जिद को लेकर की गई शिकायत में बताया गया कि निर्माण के लिए प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया। अभिलेखों को लेकर भी सवाल उठाए गए। जिसके बाद एमडीए ने नोटिस जारी किया है। जिसके बाद से खलबली मच गई है।
इन मजारों व मस्जिदों पर चल चुका है बुलडोजर
इससे पहले डिडोरी गांव में तालाब में दर्ज भूमि पर बनाई गई अवैध मस्जिद, भोजपुर में चामुंडा मंदिर की भूमि पर बनी अवैध मजार, कांठ रोड पर बनी हजरत सुल्तान शाह की मजार, बेलवाड़ा गांव में अवैध रूप से बनी मस्जिद पर बुलडोजर चला चुका है।
मुस्तफा मस्जिद को लेकर प्राधिकरण में शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में मानचित्र स्वीकृत न होने की बात कही गई थी। जिसके चलते नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे गए हैं। दस्तावेज की जांच के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- अनुभव सिंह, उपाध्यक्ष, एमडीए
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