विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पांच करोड़ की मशीन से लगाया सिगरेट बनाने का कारखाना, देश की सबसे बड़ी कंपनी को दिया तगड़ा झटका

Published: Mon, 07 Sep 2026 11:29 PM (IST)Updated: Tue, 08 Sep 2026 07:26 AM (IST)

मेरठ के हस्तिनापुर में पांच करोड़ की मशीनों से चल रही नकली सिगरेट फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है।

हस्तिनापुर: दूधली खादर गांव के समीप बंद इमारत में चलती नकली सिगरेट बनाने की फैक्ट्री। जागरण

हस्तिनापुर: दूधली खादर गांव के समीप बंद इमारत में चलती नकली सिगरेट बनाने की फैक्ट्री। जागरण

HighLights

  1. हस्तिनापुर में पांच करोड़ की मशीनों से चल रही थी फैक्ट्री।

  2. कंबोडियाई फिल्टर और राजस्थानी तंबाकू का होता था उपयोग।

  3. दिल्ली के रवि कुमार ने शुरू किया था अवैध कारोबार।

जागरण संवाददाता, मेरठ। दिल्ली के मयूर विहार के कारोबारी रवि कुमार ने दिसंबर में विदेश से पांच करोड़ रुपये की मशीनें मंगाकर हस्तिनापुर में नकली सिगरेट बनाने का कारखाना शुरू किया था।

कंबोडिया से सिगरेट का फिल्टर व कागज मंगाया जाता था, जिसमें राजस्थान का तंबाकू भरकर सिगरेट तैयार की जाती थी। इस सेटअप में हस्तिनापुर के तरुण व दीपक भी शामिल थे। पुलिस भवन स्वामी सुंदरपाल की भूमिका की जांच कर रही है और उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया है।

दो करोड़ का कच्चा माल और डेढ़ करोड़ रुपये की सिगरेट बरामद

पुलिस ने कारखाने के संचालक दिल्ली के ही रहने वाले रवि किशोर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कारखाने से दो करोड़ का कच्चा माल और डेढ़ करोड़ रुपये की सिगरेट बरामद की गई है।

हस्तिनापुर के दूधली खादर में गोशाला के पास एक कॉलेज भवन में देश की एक बड़ी आईटीसी कंपनी की नकली सिगरेट बनाने का कारखाना संचालित किया जा रहा था।

पुलिस ने गुरुवार को कंपनी के अधिकारियों के साथ कारखाने पर छापा मारकर डेढ़ करोड़ की सिगरेट, दो करोड़ का कच्चा माल और पांच करोड़ की मशीनें बरामद की है। कारखाने का मालिक दिल्ली के मयूर विहार निवासी कारोबारी रवि कुमार है।

वहीं, संचालन की जिम्मेदारी रवि किशोर निवासी नेहरू नगर, दक्षिण दिल्ली को दी गई थी। पुलिस ने रवि किशोर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दीपक व वरुण भाग गए थे।

एक लाख रुपये प्रति माह के लिए किराए पर ली बिल्डिंग

पुलिस जांच में सामने आया कि दूधली खादर निवासी सुंदरपाल गांव में ही डिग्री कॉलेज चलाते थे। कॉलेज बंद करने के बाद उन्होंने बिल्डिंग को किराए के लिए इंटरनेट पर अपलोड कर दिया। इंस्टाग्राम पर किराए की बिल्डिंग देखकर रवि कुमार ने सुंदरपाल से संपर्क किया।

सुंदरपाल के मुताबिक, उन्होंने डेरी खोलने के लिए बिल्डिंग को एक लाख रुपये प्रति माह के लिए किराए पर ले लिया। दिसंबर में बिल्डिंग के किराए का एग्रीमेंट हुआ था। इसके बाद रवि कुमार विदेश से पांच करोड़ की मशीनें खरीदकर लाया। तीन करोड़ का कंबोडिया से फिल्टर और कागज मंगाया था।

साथ ही राजस्थान से दो करोड़ रुपये का तंबाकू मंगाया गया। करीब 10 करोड़ रुपये में पूरा सेटअप कर कारखाना शुरू कर दिया गया। इसके बाद रोजाना करीब 50 लाख की सिगरेट तैयार कर बाजार में सप्लाई की जा रही थी।

रवि किशोर को मौके से गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया। इसके साथी तरुण और दीपक एवं मालिक रवि कुमार की तलाश की जा रही है। उसके दिल्ली मयूर विहार स्थित आवास पर दबिश डाली गई है।

आईटीसी कंपनी की सप्लाई कम होने पर ढूंढा कारखाना

नकली सिगरेट ने बाजार को पूरी तरह कब्जे में कर लिया था, जिस सिगरेट की कीमत 300 रुपये थी। उसे 100 रुपये में बेचा जा रहा था। दुकानदार भी मोटा मुनाफा कमाने के लिए नकली सिगरेट खरीद रहे थे। नकली सिगरेट ने बाजार को कब्जे में कर लिया। इससे कंपनी की बिक्री पर फर्क पड़ रहा था।

कंपनी ने नकली माल बाजार में उतारने वाले की तलाश की। दिल्ली में एक वाहन में नकली सिगरेट मंगाई गई। इससे मामले की जानकारी ली। तब हस्तिनापुर में आकर रेकी करने के बाद ही पुलिस को मामले से अवगत कराया गया।

बंद कॉलेज की इमारत को एक लाख प्रति माह किराए पर लिया था

कॉलेज के नाम से भवन की मान्यता थी, लेकिन वहां पर इस समय कोई भी छात्र शिक्षा ग्रहण नहीं कर रहा था और पिछले लगभग एक वर्ष से बंद पड़ा था।

भवन स्वामी एसपी सिंह का कहना है कि उनके द्वारा संसाधनों व छात्रों की कमी के चलते कॉलेज को बंद कर दिया गया था। कॉलेज को शिफ्ट करने के लिए विश्वविद्यालय में पत्र भी भेजा गया था। इसके बाद भवन को दिल्ली के रवि कुमार को डेरी के लिए प्रति माह एक लाख रुपये किराए पर दिया था।

कंपनी के अधिकारियों की तहरीर पर मालिक रवि कुमार, संचालक रवि किशोर समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस की दो टीमें लगाकर फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने मौके से मशीनें और सिगरेट को बरामद कर सील कर दिया। भवन स्वामी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

-अभिजीत कुमार, एसपी देहात

 

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में हर्बल दंडिका से छुड़ाई जा रही बीड़ी-सिगरेट की लत, CTRI में दर्ज हुआ रिसर्च

यह भी पढ़ें- कंबोडिया का रैपर, राजस्थान का घटिया तंबाकू और हस्तिनापुर में पैकेजिंग... यूं रोजाना तैयार हो रही थीं 50 लाख की नकली सिगरेट