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कंबोडिया का रैपर, राजस्थान का घटिया तंबाकू और हस्तिनापुर में पैकेजिंग... यूं रोजाना तैयार हो रही थीं 50 लाख की नकली सिगरेट

By Pankaj Tyagi Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sat, 05 Sep 2026 01:36 PM (IST)

हस्तिनापुर में एक बंद पड़े कॉलेज में चल रही नकली सिगरेट फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है, जहां रोजाना 50 लाख ...और पढ़ें

हस्तिनापुर में गुरुवार रात में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मशीन को सील करते अधिकारी। सौ. प्रशासन

हस्तिनापुर में गुरुवार रात में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मशीन को सील करते अधिकारी। सौ. प्रशासन

HighLights

  1. हस्तिनापुर में बंद कॉलेज में चल रही थी नकली सिगरेट फैक्ट्री।

  2. रोजाना 50 लाख नकली सिगरेट का उत्पादन किया जा रहा था।

  3. करोड़ों की मशीनें, माल और सिगरेट बरामद, एक गिरफ्तार।

संवाद सहयोगी, हस्तिनापुर (मेरठ)। दिल्ली के मयूर विहार के कारोबारी रवि कुमार ने दिसंबर में विदेश से पांच करोड़ रुपये की मशीनें मंगाकर हस्तिनापुर में नकली सिगरेट बनाने का कारखाना शुरू किया था। कंबोडिया से सिगरेट का फिल्टर व कागज मंगाया जाता था, जिसमें राजस्थान का तंबाकू भरकर सिगरेट तैयार की जाती थी। इस सेटअप में हस्तिनापुर के तरुण व दीपक भी शामिल थे। पुलिस भवन स्वामी सुंदरपाल की भूमिका की जांच कर रही है और उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया है। पुलिस ने कारखाने के संचालक दिल्ली के ही रहने वाले रवि किशोर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

कारखाने से दो करोड़ का कच्चा माल और डेढ़ करोड़ रुपये की सिगरेट बरामद की गई है। हस्तिनापुर के दूधली खादर में गोशाला के पास एक कालेज भवन में देश की एक बड़ी आइटीसी कंपनी की नकली सिगरेट बनाने का कारखाना संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने गुरुवार को कंपनी के अधिकारियों के साथ कारखाने पर छापा मारकर डेढ़ करोड़ की सिगरेट, दो करोड़ का कच्चा माल और पांच करोड़ की मशीनें बरामद की है। कारखाने का मालिक दिल्ली के मयूर विहार निवासी कारोबारी रवि कुमार है।

वहीं, संचालन की जिम्मेदारी रवि किशोर निवासी नेहरू नगर, दक्षिण दिल्ली को दी गई थी। पुलिस ने रवि किशोर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दीपक व वरुण भाग गए थे। जांच में सामने आया कि दूधली खादर निवासी सुंदरपाल गांव में ही डिग्री कालेज चलाते थे। कालेज बंद करने के बाद उन्होंने बिल्डिंग को किराए के लिए इंटरनेट पर अपलोड कर दिया। इंस्टाग्राम पर किराए की बिल्डिंग देखकर रवि कुमार ने सुंदरपाल से संपर्क किया। सुंदरपाल के मुताबिक, उन्होंने डेरी खोलने के लिए बिल्डिंग को एक साल रुपये प्रति माह के लिए किराए पर ले लिया। दिसंबर में बिल्डिंग के किराए का एग्रीमेंट हुआ था। इसके बाद रवि कुमार विदेश से पांच करोड़ की मशीनें खरीदकर लाया।

तीन करोड़ का कंबोडिया से फिल्टर और कागज मंगाया था। साथ ही राजस्थान से दो करोड़ रुपये का तंबाकू मंगाया गया। करीब 10 करोड़ रुपये में पूरा सेटअप कर कारखाना शुरू कर दिया गया। इसके बाद रोजाना करीब 50 लाख की सिगरेट तैयार कर बाजार में सप्लाई की जा रही थी। रवि किशोर को मौके से गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया। इसके साथी तरुण और दीपक एवं मालिक रवि कुमार की तलाश की जा रही है। उसके दिल्ली मयूर विहार स्थित आवास पर दबिश डाली गई है।

आइटीसी कंपनी की सप्लाई कम होने पर ढूंढा कारखाना
नकली सिगरेट ने बाजार को पूरी तरह कब्जे में कर लिया था, जिस सिगरेट की कीमत 300 रुपये थी। उसे 100 रुपये में बेचा जा रहा था। दुकानदार भी मोटा मुनाफा कमाने के लिए नकली सिगरेट खरीद रहे थे। नकली सिगरेट ने बाजार को कब्जे में कर लिया। इससे कंपनी की बिक्री पर फर्क पड़ रहा था। कंपनी ने नकली माल बाजार में उतारने वाले की तलाश की। दिल्ली में एक वाहन में नकली सिगरेट मंगाई गई। इससे मामले की जानकारी ली। तब हस्तिनापुर में आकर रेकी करने के बाद ही पुलिस को मामले से अवगत कराया गया।

बंद कालेज की इमारत को एक लाख प्रति माह किराए पर लिया था
कालेज के नाम से भवन की मान्यता थी, लेकिन वहां पर इस समय कोई भी छात्र शिक्षा ग्रहण नहीं कर रहा था और पिछले लगभग एक वर्ष से बंद पड़ा था। भवन स्वामी एसपी सिंह का कहना है कि उनके द्वारा संसाधनों व छात्रों की कमी के चलते कालेज को बंद कर दिया गया था। कालेज को शिफ्ट करने के लिए विश्वविद्यालय में पत्र भी भेजा गया था। इसके बाद भवन को दिल्ली के रवि कुमार को डेरी के लिए प्रति माह एक लाख रुपये किराए पर दिया था।