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    लखनऊ में सरकारी जमीन पर बनाई गई मस्जिद पर चला बुलडोजर, बेदखली को हाई कोर्ट ने माना वैध

    By Digital Desk Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Thu, 02 Apr 2026 01:17 PM (IST)

    BulldozerAction on Illegal Majid: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकार को कार्रवाई जारी रखने में दखल नहीं दिया। ...और पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। सीतापुर के बाद लखनऊ में सरकारी जमीन पर बनाई गई मस्जिद को जमींदोज किया गया। बक्शी का तालाब क्षेत्र में गुरुवार सुबह करीब चार बजे से तीन बुलडोजर लगाकर अवैध मस्जिद गिराई गई।

    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लखनऊ जिला प्रशासन के सरकारी जमीन पर मस्जिद के बेदखली के आदेश को वैध माना और सरकार को कार्रवाई जारी रखने में दखल नहीं दिया।

    अधिकारियों के अनुसार यह निर्माण सरकारी जमीन पर अवैध रूप से किया गया था। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के तहत की गई। इसके बाद बक्शी का तालाब क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को बुल्डोजर की मदद से ध्वस्त किया गया। बक्शी का तालाब क्षेत्र के अस्ती में प्रशासन ने अवैध मस्जिद को ध्वस्त कराया।

    राजस्व अभिलेखों में दर्ज खलिहान की सुरक्षित भूमि पर बनाई गई अवैध मस्जिद को न्यायालय का आदेश होने के बाद प्रशासन ने बीकेटी के अस्ती गांव में बनी मस्जिद को सरकारी जमीन से हटाने के लिये भारी भरकम पुलिस फोर्स की घेराबंदी के बाद बुल्डोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया।
    बीकेटी तहसील क्षेत्र के अस्ती गांव में गाटा संख्या मस्जिद 648 खलिहान सुरक्षित भूमि पर कई वर्ष पहले बनाई गई थी। सुरक्षित भूमि से अवैध कब्जा हटाने के लिये बीकेटी तहसीलदार के न्यायालय से 28 फरवरी 2025 को बेदखली के आदेश के साथ 36 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था‌।

    जिसके बाद मस्जिद बनवाने वाले मुस्लिम पक्षकार मो शाहबान व अन्य की ओर से अपर जिलाधिकारी न्यायिक की कोर्ट में अपील की गई थी। 31 अक्टूबर 2025 को अपर जिलाधिकारी न्यायिक के न्यायालय से अपील खारिज कर दी गई।

    मस्जिद बनवाने वाले पक्षकारों की ओर से हाई कोर्ट में दोनों न्यायालयों के आदेश को चुनौती दी गई थी। याचिका में बेदखली के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी। तहसीलदार और अपर जिलाधिकारी के बेदखली के आदेश को वैध मानते हुए उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ ने 25 मार्च को याचिका पर सुनवाई करते हुए बेदखली के आदेश पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया था। जिसके बाद खलिहान की सुरक्षित भूमि से अवैध कब्जा हटाने का रास्ता साफ हो गया था।

    तहसीलदार के न्यायालय से लगाये गये जुर्माने को हाईकोर्ट ने माफ कर दिया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद तहसील प्रशासन द्वारा मस्जिद बनाने वाले पक्षकार को नोटिस दी। जिसके बाद प्रशासन ने बुधवार को अस्ती गांव में खलिहान की भूमि पर बनी मस्जिद हटाने के लिये तैयारी शुरू कर दी। पीएसी- पुलिस फोर्स को शाम से ही गांव के चारों तरफ तैनात कर दिया गया।

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    गुरुवार की भोर पहर करीब तीन बजे के आसपास एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह, एसडीएम साहिल कुमार, एडीसीपी रिषभ रुण्वाल,एसीपी ज्ञानेंद्र सिंह,तहसीलदार शरद सिंह की मौजूदगी में बुल्डोजर कारवाई शुरू की गई। सुबह होने तक अवैध मस्जिद को ढहा दिया गया। नायब तहसीलदार आकाश पांडे ने बताया सुरक्षित भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर भूमि ग्राम पंचायत को सुपर्द कर दी गई है। एसीपी ने बताया गांव में शांति व्यवस्था कायम रखने कर लिये पुलिस फोर्स को तैनात रखा गया है।

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