सीतापुर के लहरपुर में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी मस्जिद ढहाई गई, सुरक्षा के बीच चला बुलडोजर
सीतापुर के लहरपुर में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी मस्जिद को कड़ी सुरक्षा के बीच ढहा दिया गया। ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, सीतापुर। कस्बे में सोमवार को अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल रहा। कड़ी सुरक्षा के बीच कब्रिस्तान की जमीन पर बनी मस्जिद को ढहा दिया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ ही कई थानों की पुलिस तैनात रही। प्रशासन के उच्च अधिकारी भी निगाह बनाए रहे।
तहसीलदार न्यायालय ने मस्जिद को अतिक्रमण करार देकर हटवाने के आदेश दिए थे। मस्जिद कमेटी ने इस आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट में दावा पेश किया था। यहां से भी कमेटी को कोई राहत नहीं मिली थी।
हाईकोर्ट ने इस प्रकरण को जिलाधिकारी के न्यायालय में ले जाने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी न्यायालय ने भी तहसीलदार के निर्णय को बरकरार रखते हुए इसे ढहवाने का आदेश दिया।
कस्बा से सटे नयागांव बेहटी के गाटा संख्या 247 (रकबा 0.2430 हेक्टेयर) पर बनी सैयद हजरत उमर फारूक मस्जिद का निर्माण करीब 12 वर्ष पूर्व किया गया था। राजस्व अभिलेखों में यह भूमि कब्रिस्तान के लिए आरक्षित दर्ज है।
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इस मामले में ग्राम सभा की ओर से 18 दिसंबर 2025 को तहसीलदार न्यायालय में वाद दायर किया गया था। न्यायालय ने मस्जिद को अतिक्रमण करार देकर हटाने की नोटिस जारी की थी। इस पर कमेटी हाईकोर्ट चली गई थी।
हाईकोर्ट के निर्देश पर जिलाधिकारी न्यायालय में सुनवाई चल रही थी। डीएम के आदेश पर प्रशासन ने मस्जिद को ढहाकर कब्रिस्तान की जमीन अतिक्रमणमुक्त करवा दी। मुस्लिम बहुत इलाका होने के चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। कस्बे की अधिकांश गलियों को सील कर दिया गया।
उधर, अपर जिलाधिकारी नीतीश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह, उपजिलाधिकारी आकांक्षा गौतम, क्षेत्राधिकारी आलोक प्रसाद, तहसीलदार मनीष त्रिपाठी और कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह ने भी मोर्चा संभाल लिया। 18 थानों थानाध्यक्ष, 250 महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मी तथा पीएसी बल भी तैनात रहा।
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ड्रोन से हुई निगरानी, चप्पे-चप्पे पर पुलिस
कार्रवाई के दौरान लगातार ड्रोन से निगरानी की जाती रही। इसके अलावा सार्वजनिक सब्जी मंडी, बागवानी टोला, शहर बाजार, मजाशाह चौराहा, केशरीगंज तिराहा कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा।
लखीमपुर, हरगांव, भदफर की जाने वाली बसों को रूट डाइवर्जन किया गया था। सीएचसी मार्ग पर सिर्फ मरीजों व एंबुलेंस को ही निकलने दिया गया।
सधी रणनीति बनाकर किया काम
प्रशासन ने बड़े मामले को संभालने में सधी रणनीति से काम किया। एक दिन पहले रविवार को सीतापुर नगर के एक मंदिर को हटवाया। इससे भेदभाव के नाम पर अराजकतत्वों को जनभावनाएं उकसाने का मौका नहीं मिला। मुस्लिम बहुल होने के बावजूद लहरपुर में शांति बनी रही।
उधर, कुछ हिंदूवादी संगठन मंदिर हटाने का विरोध इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर मुस्लिम धार्मिक स्थल पर कार्रवाई किए जाने की मांग कर रहे थे। प्रशासन ने उन्हें भी जवाब दे दिया।
आंख खुली तो चलता मिला बुलडोजर
प्रशासन और पुलिस ने कदम-कदम पर सधी रणनीति से काम किया गया। अधिकारी सोमवार भोर चार बजे से ही छह जेसीबी मशीन और कई ड्रिल मशीनों के साथ लहरपुर पहुंच गए थे।
इसके बाद मस्जिद तक आने वालों रास्तों को सील करके ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। कड़ी सुरक्षा के चलते कोई विरोध प्रदर्शन करने की हिम्मत नहीं कर पाया। कुछ लोगों ने इंटरनेट मीडिया पर ब्लैक आउट लिखकर आंशिक विरोध अवश्य किया।
कब्रिस्तान की भूमि पर अतिक्रमण करके मस्जिद बनवाई गई थी। जिलाधिकारी के आदेश पर मस्जिद को ढहा दिया गया है। अतिक्रमण विरोधी इस मुहिम में कस्बे के लोगों का पूरा सहयोग मिला है।
-आकांक्षा गौतम, उप जिलाधिकारी, लहरपुर।