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    कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया व राजेंद्र पाल गौतम को BSP प्रमुख मायावती ने बैरंग लौटाया, दोनों से मांगा स्पष्टीकरण

    By Digital Desk Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Wed, 20 May 2026 07:28 PM (IST)

    Congress and BSP: माना जा रहा है कि दोनों नेता कांग्रेस के दिग्गज राहुल गांधी का संदेश लेकर मायावती के घर गए थे। ...और पढ़ें

    घर तक पहुंचने के बाद भी मायावती से नहीं मिल पाए सांसद तनुज पुनिया और राजेंद्र पाल गौतम।

    घर तक पहुंचने के बाद भी मायावती से नहीं मिल पाए सांसद तनुज पुनिया और राजेंद्र पाल गौतम।

    HighLights

    1. बताया जा रहा राहुल गांधी का संदेश लेकर पहुंचे थे तनुज पुनिया और साथी

    2. विधानसभा चुनाव 2027 में गठबंधन को लेकर होने की बात

    3. कांग्रेस ने इसे मायावती का हालचाल जानने के लिए नेताओं की निजी मुलाकात का प्रयास बताया

    4. पार्टी ने सांसद और अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख को दिया नोटिस

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी दल बेहद गंभीर हो गए हैं। एनडीए के खिलाफ गठबंधन की भी तैयारी हो रही है।

    भीषण गर्मी में बुधवार को लखनऊ का पारा उस समय और चढ़ गया जब बाराबंकी से कांग्रेस के सांसद तनुज पुनिया और पार्टी के कांग्रेस के अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम का प्रकरण चर्चा में आया।

    दोनों नेताओं को बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने अपने घर से बैरंग लौटा दिया। माना जा रहा है कि दोनों नेता कांग्रेस के दिग्गज राहुल गांधी का संदेश लेकर मायावती के घर गए थे, हालांकि सांसद और गौतम इस शिष्टाचार भेंट का प्रयास बता रहे हैं।

    लखनऊ के माल एवेन्यु क्षेत्र के हाई सिक्योरिटी जोन का एक प्रकरण बुधवार को चर्चा में आने से राजनीतिक गलियारे में खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि राहुल गांधी का संदेश लेकर पहुंचे उनके सांसद तनुज पूनिया को बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने बैरंग लौटाया। इतना ही नहीं उनके आवास का गेट भी नहीं खोला गया। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के वरिष्ठ दलित नेता मायावती के दरवाजे पर पर पहुंचे और इनके बीच मुलाकात भी नहीं हुई, लेकिन उत्तर प्रदेश में हलचल मची है। 

    कांग्रेस के उत्तर प्रदेश के प्रभारी अविनाश पाण्डेय ने बताया कि दोनों नेताओं के बसपा अध्यक्ष से मुलाकात के प्रयास का प्रकरण सामने आया तो इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है, अब जवाब मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी।

    उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल इस बात को लेकर है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की रायबरेली में मौजूदगी के दौरान कांग्रेस के दो वरिष्ठ दलित नेता मंगलवार शाम को बसपा प्रमुख मायावती से मिलने उनके आवास पर पहुंच गए।

    कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया और पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख राजेंद्र पाल गौतम के लिए मायावती के आवास का दरवाजा नहीं खुला। इन दोनों के पास मायावती से मिलने का अपॉइंटमेंट नहीं था। इस प्रकरण पर किरकिरी होने के बाद कांग्रेस ने इसे मायावती का हालचाल जानने के लिए एक निजी मुलाकात बताया। इसके साथ ही पार्टी ने दोनों नेताओं को इस कृत्य के लिए नोटिस भी भेज दिया है। 

    खबरें और भी

    रायबरेली के दौरे पर राहुल गांधी

    मंगलवार को लखनऊ में यह घटना कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे के दौरान हुई। बुधवार को रायबरेली में राहुल गांधी ने दलितों तक पहुंच बनाने वाले दो कार्यक्रम में थे। उन्होंने बहुजन स्वाभिमान सभा को संबोधित करने के साथ स्वतंत्रता सेनानी वीरा पासी की प्रतिमा का अनावरण किया।

    मायावती ने कांग्रेस को नहीं दिया भाव

    माना जा रहा है कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बेहद गंभीर है और मायावती को मनाने में जुटी है। बसपा मुखिया के लखनऊ में होने की जानकारी पर मंगलवार को बाराबंकी से कांग्रेस के सांसद तनुज पुनिया व पार्टी के अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ‍‍उनसे से मुलाकात की ख्वाहिश लिए उनके घर पहुंच गए। गेट नहीं खुलने पर दोनों की यह मुलाकात संभव नहीं हो सकी। अब बाराबंकी से कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया और राजेंद्र पाल गौतम के लिए मायावती के घर के दरवाजे ना खुलने और मायावती से मुलाकात ना हो पाने के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

    मायावती का साथ लेने की कोशिश में कांग्रेस

    माना जा रहा है कि 2027 के चुनाव में कांग्रेस अब उत्तर प्रदेश में मायावती को साथ लाना चाहती है ताकि विपक्ष का मोर्चा मजबूत हो सके। उत्तर प्रदेश में पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को टक्कर देने का प्रयास किया जा रहा है।

    पुनिया और राजेंद्र गौतम का बसपा से जुड़ाव

    कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया दिग्गज नेता पीएल पुनिया के बेटे हैं। मायावती जब मुख्यमंत्री थीं तब पीएल पुनिया उनके प्रमुख सचिव हुआ करते थे और मायावती के बेहद करीबी भी माने जाते थे। राजेंद्र पाल गौतम, कांग्रेस के अनुसूचित विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वह कांशीराम के समय बसपा में थे।

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    मुलाकात ना होने पर कांग्रेस नेताओं की सफाई

    तनुज पुनिया और राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि मंगलवार को कांग्रेस ऑफिस में मीटिंग थी, वहां से निकले तो मायावती का घर करीब में था, इसलिए वे दोनों मायावती का हालचाल लेने चले गए थे।

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    2024 में भी गठबंधन के लिए नहीं मानी थीं मायावती

    यूपी में 2024 लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने बसपा को भी इंडिया गठबंधन में लेने की कोशिश की थी लेकिन मायावती राजी नहीं हुई थीं।