बंगाल हिंसा को लेकर मायावती ने जताई चिंता, केंद्र व राज्य सरकारों को दी जरूरी मुद्दों पर ध्यान देने की नसीहत
बसपा अध्यक्ष मायावती ने बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों को संकीर्ण राजनीति से बचते हुए सामाजिक-आ ...और पढ़ें

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती।- फाइल फोटो
HighLights
मायावती ने बंगाल चुनाव बाद हिंसा पर चिंता जताई।
सरकारों को संकीर्ण राजनीति से बचने की सलाह दी।
संविधान के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों का पालन करने पर जोर।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बंगाल में चुनाव बाद हो रही हिंसा पर चिंता जताई है। बसपा प्रमुख ने कहा है कि हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सरकारों को इसके प्रति सतर्क व अराजकता के विरुद्ध सख्त हो जाना चाहिए, ताकि उन पर संकीर्ण राजनीति, धार्मिक भेदभाव, जातीय द्वेष व पक्षपात आदि का दोष लगे।
सोमवार को एक्स पर मायावती ने लिखा, सभी सरकारों को देश के सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक हालात व समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि विध्वंसकारी छवि आदि के माध्यम से लाेगों का ध्यान उन मुद्दों से बांटने का प्रयास करना चाहिए। इससे संकट और बढ़ेगा।
उन्होंने लिखा कि दुनिया भर में भारत की मानवतावादी पहचान डॉ. भीमराव आंबेडकर के बनाए संविधान के कारण है, जो धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत पर आधारित है। केंद्र व सभी राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसा कुछ न होने दें, जिससे भारत सरकार से इसके बारे अप्रिय सवाल हों। स्थापित नियम-कानूनों के अनुपालन या किसी नये कानून का अनुपालन सभी धर्मों के लोगों पर एक समान रूप में होना चाहिए, जिससे सरकारों की संवैधानिक प्रतिष्ठा प्रभावित न हो।