Pandu River Flood: कानपुर में पांडु नदी ने मचाई तबाही, बर्रा-8, गुजैनी सहित 10 से ज्यादा क्षेत्र जलमग्न, छतों पर लोग
पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से कानपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में तबाही मची है, जिससे बर्रा-8, गुजैनी सहित 10 ...और पढ़ें

बर्रा-8 वरुण विहार स्थित बस्तियों में भरा पांडु नदी में आयी बाढ़ का पानी। मो.आरिफ
HighLights
पांडु नदी का जलस्तर बढ़ा, कानपुर के कई इलाके जलमग्न
बर्रा-8, गुजैनी सहित 10 से अधिक क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित
लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर, एनडीआरएफ राहत में जुटी
जागरण संवाददाता, कानपुर। Pandu River Water Level: पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ रविवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की बेबसी साफ दिखाई दी। सुबह से ही नदी का पानी बस्तियों की ओर बढ़ता रहा और गलियां जलमग्न हो गईं। मेहरबान सिंह पुरवा, गोपाल पुरवा, बर्रा-आठ, गुजैनी, बनपुरवा, बिहारीपुरवा, वरुण विहार, कपिली और बौद्ध विहार में पानी घरों तक पहुंच गया। कई जगह दो से तीन फीट तक पानी बढ़ने से लोग घरों में कैद होकर रह गए।
वरुण विहार की कच्ची बस्ती में करीब 60 मकान पानी में डूब गए। कुछ इलाकों में पानी घरों के अंदर कमर तक पहुंच गया है। वहां परिवारों ने जरूरी सामान समेटकर छतों पर शरण ली। नीचे पानी और ऊपर छत पर सिमटी गृहस्थी के बीच लोग बच्चों व बुजुर्गों को लेकर परेशान नजर आए। खाने-पीने के सामान से लेकर दैनिक जरूरतों की चीजें जुटाना भी मुश्किल हो गया है।
बाढ़ का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ा है। कई स्कूल परिसरों में पानी भर गया है। पानी से घिरे स्कूलों तक पहुंचना बच्चों और शिक्षकों के लिए मुश्किल हो गया है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई पहले ही प्रभावित हो रही थी, अब स्कूलों में जलभराव से परेशानी और बढ़ गई है। इसके अलावा जिन घरों में पानी ज्यादा भर गया है।वहां रहने वाले परिवारों को निकालकर राहत केंद्रों में भेजा जा रहा है।
-1788711497790.webp)
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचा रही एनडीआरएफ
पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। प्रभावित बस्तियों में एनडीआरएफ की टीम पहुंचकर लोगों का हाल जान रही है और राहत सामग्री उपलब्ध करा रही है। मेहरबान सिंह पुरवा, गोपाल पुरवा और आसपास के जलभराव वाले इलाकों में लोगों को जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। लगातार बढ़ते पानी के बीच एनडीआरएफ की मौजूदगी से प्रभावित परिवारों को राहत मिली है। टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
-1788711515760.webp)
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलमग्न, मिलन केंद्र में लगा कैंप
पांडु नदी का पानी बढ़ने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी जलमग्न हो गया है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं और मरीजों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने मेहरबान सिंह पुरवा स्थित मिलन केंद्र को अस्थाई उपचार केंद्र बना दिया है। यहां कैंप लगाकर बाढ़ प्रभावित लोगों का इलाज किया जा रहा है। जलभराव के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को जरूरी चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने में जुटी है।
-1788711533192.webp)
ट्यूब की नाव बनाकर पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था
गोपालपुरवा में बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ पेयजल की समस्या भी सामने आने लगी है। स्थानीय निवासी अमरजीत सिंह ने बताया कि पानी से घिरे लोगों तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए ट्यूब की नाव तैयार की गई है। इसी के सहारे जरूरतों तक पेयजल पहुंचाया जा रहा है। रास्तों पर पानी भरने के कारण सामान्य आवागमन मुश्किल हो गया है। ऐसे में स्थानीय लोग अपने स्तर पर भी जरूरी सुविधाएं जुटाने में लगे हुए हैं।
-1788711549768.webp)
रात में बिजली आई तो लोगों ने ली राहत की सांस
मर्दनपुर सबस्टेशन जलमग्न होने के कारण 56 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। इससे बाढ़ प्रभावित लोगों की परेशानी और बढ़ गई थी। बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा के निर्देश के बाद दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति बहाल कराई। रात में बिजली आने के बाद प्रभावित इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली।
घर में कमर तक पानी, छत पर रहने को मजबूर
पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से कई बाढ़ प्रभावित परिवारों के घरों में कमर तक पानी भर गया है। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण लोगों को घरों के अंदर रहने में मुश्किल हो रही है। कई परिवार सुरक्षित रहने के लिए घरों की छतों पर पहुंच गए हैं। नीचे कमर तक पानी भरा होने से घरेलू सामान और जरूरी वस्तुओं को भी सुरक्षित रखना चुनौती बन गया है। प्रभावित परिवार पानी कम होने और राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
-1788711572592.webp)
वरुण विहार की कच्ची बस्ती के 60 मकान डूबे
पांडु नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने का असर वरुण विहार की कच्ची बस्ती पर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। बस्ती के करीब 60 मकान बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। हालांकि पानी बढ़ने के साथ ही लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया था। लगभग सभी परिवार मकानों को छोड़कर जा चुके हैं।
-1788713121317.webp)
बाढ़ प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ के साथ उतरे अधिकारी
पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के दक्षिणी और ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का संकट बना हुआ है। 50 से अधिक मोहल्ले और आबादी क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं। रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। प्रभावित लोगों को दूध, ब्रेड और पानी की बोतलें वितरित की गईं।
-1788713137270.webp)
2,000 लोगों के घर पहुंची राहत सामग्री
एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि अब तक करीब दो हजार लोगों के घरों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है। वरुण विहार, मेहरबान सिंह का पुरवा, जरौली, बर्रा आठ, कपिली और मायापुरम समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित परिवारों तक भोजन और आवश्यक सामग्री पहुंचा रही हैं। सुंदर नगर पनकी में एसडीएम अनुभव सिंह ने आबादी क्षेत्र में पहुंचकर बाढ़ के पानी की स्थिति का निरीक्षण किया।
-1788713153826.webp)
एनडीआरएफ की टीम ने किया सर्वेक्षण
जलभराव वाले स्थानों पर संक्रमण की आशंका को देखते हुए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने और दूषित पानी का इस्तेमाल न करने की अपील की। ग्राम पिपौरी में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित आबादी का एनडीआरएफ टीम के साथ सर्वेक्षण किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।
प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया
अधिकांश प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। कुछ परिवारों ने स्वेच्छा से घर छोड़ने से इनकार कर दिया। ऐसे परिवारों के घर तक प्रशासन की टीमों ने राहत सामग्री और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं पहुंचाईं। साथ ही उन्हें बाढ़ का पानी बढ़ने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए समझाया गया।
