विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गढ़मुक्तेश्वर में गंगा फिर उफान पर, खतरे के निशान से महज 18 सेंटीमीटर नीचे पहुंचा पानी; येलो अलर्ट पार

Published: Tue, 08 Sep 2026 03:36 PM (IST)

गढ़मुक्तेश्वर में गंगा का जलस्तर येलो अलर्ट पार कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे किनारे बसे ...और पढ़ें

हापुड़ में गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंची। फोटो: जागरण

हापुड़ में गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंची। फोटो: जागरण

HighLights

  1. गंगा का जलस्तर येलो अलर्ट पार, खतरे के करीब

  2. 24 घंटे में 16 सेंटीमीटर जलस्तर में वृद्धि दर्ज

  3. प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, गांवों में चिंता का माहौल

ध्रुव शर्मा, गढ़मुक्तेश्वर। एक पखवाड़े के भीतर गंगा का जलस्तर एक बार फिर येलो अलर्ट को पार कर गया है। मंगलवार को जलस्तर 198.82 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 199.00 मीटर से महज 18 सेंटीमीटर नीचे है। गंगा के बढ़ते पानी से किनारे बसे गांवों में बेचैनी बढ़ गई है और प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।

24 घंटे में 16 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर

पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हुई वर्षा के बाद गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। सोमवार को जलस्तर 198.70 मीटर था, जो मंगलवार को बढ़कर 198.82 मीटर पहुंच गया। इस तरह 24 घंटे में जलस्तर में 16 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई।

गंगा का पानी आसपास के गांवों की तरफ बढ़ना शुरू हो गया है। जंगलों में भी दोबारा जलभराव होने लगा है। पहले से जलभराव की समस्या झेल रहे ग्रामीणों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है।

जलस्तर पर नजर

दिन गंगा का जलस्तर
मंगलवार 198.82 मीटर
सोमवार 198.70 मीटर
रविवार 198.66 मीटर
शनिवार 198.64 मीटर
येलो अलर्ट 198.75 मीटर
खतरे का निशान 199.00 मीटर
रेड अलर्ट 199.33 मीटर

22 अगस्त को भी गांवों में घुसा था पानी

इससे पहले 22 अगस्त को गंगा का जलस्तर 198.92 मीटर तक पहुंच गया था। उस समय गांवों के अंदर पानी घुस गया था और करीब दस हजार हेक्टेयर जमीन पर जलभराव हो गया था। गांवों के रास्तों पर दो से पांच फीट तक पानी खड़ा हो गया था।

जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हुई थी। नगर में आने-जाने के लिए लोगों को नाव और ट्रैक्टर-ट्राली का सहारा लेना पड़ा था। फसलों में पानी भरने से पशुओं के चारे की समस्या भी खड़ी हो गई थी। लोगों को गढ़मुक्तेश्वर के साथ बहादुरगढ़ और सिंभावली क्षेत्र से घास काटकर पशुओं को खिलानी पड़ी थी।

पानी घटा तो मिली थी राहत, फिर बढ़ने लगा जलस्तर

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गांवों में राहत सामग्री और भूसे का वितरण कराया था। स्वास्थ्य शिविर लगाकर दवाइयां भी बांटी गई थीं।

इसके बाद गंगा के जलस्तर में गिरावट शुरू हुई और 31 अगस्त को यह 198.25 मीटर रह गया। बाढ़ का पानी गांवों और रास्तों से निकलकर दोबारा गंगा की तरफ जाने लगा था। लेकिन शुक्रवार शाम से गंगा में फिर उफान शुरू होने के बाद ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। एसडीएम श्रीराम यादव ने बताया कि गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है और प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें- दूर-दूर तक दिखीं लपटें और धुएं का गुबार: हापुड़ की रीसाइक्लिंगफैक्ट्री धधकी, चपेट में आईं 3 और कंपनियां

यह भी पढ़ें- बदनौली गोलीकांड: दलित युवक की मौत के बाद गांव में उबाल, हापुड़ में 2 घंटे जाम रहा हापुड़-मोदीनगर मार्ग