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    हमीरपुर में सेतु निगम की तकनीकी टीम ने माना पिलर में लगी सामग्री घटिया, JMD बोले- पहली बार देखा ऐसा हादसा

    Updated: Mon, 01 Jun 2026 11:20 PM (IST)

    हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल के पिलर टूटने से छह लोगों की मौत के मामले में सेतु निगम की टीम ने जांच में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की पुष्ट ...और पढ़ें

    सेतु निगम की तकनीकी टीम ने माना पिलर में लगी थी सामग्री घटिया।

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    जागरण संवाददाता, हमीरपुर। बेतवा नदी पर 92 करोड़ रुपये से बन रहे 700 मीटर लंबे पुल के पांचवें पिलर के तीन टुकड़ों में टूटने और स्लैब गिरने से छह लोगों की मौत के मामले में भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं। सोमवार दोपहर बाद शासन स्तर से सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक (जेएमडी) मिथलेश कुमार के नेतृत्व में आई तीन सदस्यीय टीम ने तीन घंटे जांच के बाद माना कि पिलर में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग हुआ है।

    कहा कि मौसम के अलर्ट बाद रात में काम नहीं कराया जाना चाहिए था। टीम ने सरिया, सीमेंट, बालू, गिट्टी व टूटकर गिरे पिलर के मलबे के नमूने लिए हैं।जेएमडी ने कहा कि ऐसा हादसा जीवन में पहली बार देखा। नमूनों की जांच आइआइटी कानपुर या बीएचयू वाराणसी में कराई जाएगी।

    पुल के सभी 13 पिलर व स्लैब में लगी सामग्री की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट सप्ताह भर में मिलने की उम्मीद है। इसके बाद मौजूदा ढांचे पर पुल निर्माण बढ़ाने या नए सिर से दोबारा बनवाने पर निर्णय लिया जाएगा। टीम ने हर हिस्से की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी भी की।

    टीम में शामिल चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर डिजाइन व महाप्रबंधक प्रेम सिंह ने सभी पिलर की स्थिति देखी। पिलर के टूटे तीनों टुकड़ों की जांच की। गिरी स्लैब के साथ कसाव करने वाले तारों के साथ पिलर व उनके बीच की लंबाई और चौड़ाई भी जांची।

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    टूटे पिलर की कंकरीट का क्यूब बनवाया व पिलर में लगी 32 व 25 एमएम की सरिया के अलावा सामग्री भी देखी। टीम के अनुसार, पुल निर्माण के दौरान स्लैब रखकर तारों से खिंचाव का काम किया जा रहा था।

    पूरी तरह से खिंचाव नहीं हो पाने से हवा के तेज झोंकों से दबाव बना व घटना हो गई। चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर डिजाइन फरहान वाशिद ने बताया कि डिजाइन सही है। खंभों के बीच की दूरी 60 मीटर होनी चाहिए, जो मानक के अनुरूप है।

    भविष्य में नदियों में जलमार्ग विकसित किए जाने के कारण जहाज गुजरने को लेकर इतनी दूरी रख डिजाइन बनाई जा रही है। गांव मोराकांदर परसनी से कंडौर के बीच कानपुर की द शेल्टर कंपनी पुल बना रही है।

    बीते गुरुवार की रात करीब 12:30 बजे हादसा हुआ, जिसमें चार श्रमिकों व दो सुरक्षा गार्डों की मौत हो गई थी। बचे तीन श्रमिकों ने बताया था कि जो पिलर गिरा, उसमें तीन माह पहले दरारें आई थीं।

    पुल दुर्घटना की हो उच्चस्तरीय जांच

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल के ध्वस्त होने के मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। कहा है कि घटना के वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए।

    वहीं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बृजलाल खाबरी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने दुर्घटना स्थल का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।

    उन्होंने बताया कि दुर्घटना के संबंध में अनेक गंभीर प्रश्न अभी भी अनुत्तरित हैं। कुछ मजदूरों के मोबाइल फोन घटना के बाद से बंद बताए जा रहे हैं। उन्होंने मृतकों के परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

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