हमीरपुर में पिलर टूटा तो खुली घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार की परत, क्या गिराया जाएगा पूरा पुल?
हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहा मोराकांदर पुल घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार के कारण ढह गया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद सहायक अभियंता न ...और पढ़ें

पिलर टूटा तो खुली घटिया निर्माण व लापरवाही की परत।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अनुराग मिश्रा, हमीरपुर। घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा मोराकांदर का निर्माणाधीन पुल ढहने के बाद इस पुल में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्री पर हर कोई सवाल उठा रहे हैं। जानकारों के अनुसार न तो इसमें सीमेंट उच्च गुणवत्ता की लगाई गई है और न ही सरिया का सही तरह से प्रयोग किया गया है। यही कारण रहा कि बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का पांचवां पिलर तीन टुकड़ों में टूटकर गिरने से उसमें दबकर छह लोगों की मौत हो गई।
वहीं घटना के दो दिन बीतने को हैं और अभी तक जांच टीम के द्वारा घटना स्थल का जायजा नहीं लिया गया है। इसके साथ ही पुलिस द्वारा कार्यदायी संस्था, उसके मालिक और सुपरवाइजर के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे के बाद पुलिस अब विवेचना को बढ़ाते हुए आरोपितों को नोटिस देने की तैयारी में जुट गई है।
प्रथम दृष्टया लापरवाही पर सहायक अभियंता जीके चौधरी को निलंबित करने के साथ उप परियोजना प्रबंधक दिलीप कुमार के विरुद्ध विभागीय जांच कराई जा रही है।
गुरुवार की रात करीब साढ़े 12 बजे भाजपा के राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद के पैतृक गांव में बेतवा नदी पर बन रहे पुल का पांचवा पिलर धराशायी हो गया था। जिसके चलते स्लैब भी नीचे आ गिरी थी और उसमे दबकर चार मजदूरों और दो गार्डों की मौत हो गई थी। तीन माह पूर्व धराशायी हुई कोठी में दरारें भी आईं थीं। लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
इन दरारों ने कहीं न कहीं पुल निर्माण में की जा रही लापरवाही और भ्रष्टाचार को उजागर किया था। लेकिन उसे सीमेंट मसाले के पर्दे से ढाकते हुए इस पिलर की लीपापोती कर उसे खड़ा कर दिया गया और उसके ऊपर स्लैब डाल दी गई।
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गुरुवार की रात ढहे पुल ने भ्रष्टाचार की पोल को खोलकर रख दी और शासन-प्रशासन से लेकर कार्यदायी संस्था हर किसी इस भ्रष्टाचार के कठघरे में खड़ा कर दिया। इस घटना के बाद जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने मामले की जांच के लिए जिलास्तर पर तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था।
समिति में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे सुरेश कुमार को अध्यक्ष, अधीक्षण अभियंता हमीरपुर व बांदा वृत्त लोक निर्माण विभाग सुनील कांत एवं मुख्य परियोजना प्रबंधक कानपुर अंचल राज्य सेतु निर्माण लिमिटेड को सदस्य नामित किया गया था। लेकिन घटना के दो दिन बीतने के बाद भी जांच टीम घटनास्थल पर जांच के लिए नहीं पहुंची है। इससे कहीं न कहीं यह जांच लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।
वहीं इस घटना को लेकर शुक्रवार की रात कुरारा थाने में उप परियोजना प्रबंधक दिलीप की तहरीर पर कार्यदायी संस्था मेसर्स दि शेल्टर समेत मालिक विजय प्रताप सिंह और सुपरवाइजर नितीश सचान के खिलाफ धारा 106 (1) व 125 (ए) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
फिलहाल इन धाराओं में आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हैं। लेकिन पुलिस ने अपनी विवेचना शुरू कर दी है। विवेचना के क्रम में पुलिस के द्वारा कंपनी को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा।
अभी तक की कार्रवाई में सिर्फ सहायक अभियंता हुआ निलंबित
प्रबंध निदेशक धर्मवारी सिंह का कहना है कि जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया लापरवाही पर सहायक अभियंता जीके चौधरी को निलंबित करने के साथ उप परियोजना प्रबंधक दिलीप कुमार के विरुद्ध विभागीय जांच कराई जा रही है। कमेटी को भी पुल निर्माण में भ्रष्टाचार, घटिया सामग्री समेत सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट बनानी है।
जांच के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है, जल्द ही जांच प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जो भी जांच रिपोर्ट आएगी उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। -राकेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व हमीरपुर।
कार्यदायी संस्था समेत मालिक विजय प्रताप सिंह व सुपरवाइजर नितीश सचान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। गिरफ्तारी की धाराएं न होने के कारण आरोपितों को नोटिस दी जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी। -अरविंद कुमार वर्मा, एएसपी हमीरपुर।