गोरखपुर में जहां सांसद रविकिशन ने कहा था 'सीधे स्वर्ग जइबा', वहीं गिरा गुंबद
गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ घाट पर गुंबद गिरने से लोग घायल हो गई, जिसके बाद सांसद रविकिशन शुक्ल का 'सीधे ...और पढ़ें
HighLights
गुरु गोरक्षनाथ घाट पर गुंबद गिरने से दो की मौत।
सांसद रविकिशन का 'सीधे स्वर्ग जइबा' बयान चर्चा में।
घाट निर्माण की गुणवत्ता पर पहले से थे सवाल।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जिस गुरु गोरक्षनाथ घाट पर गुंबद गिरा है, वहीं सांसद व अभिनेता रविकिशन शुक्ल ने उद्घाटन कार्यक्रम में कहा था, फूंकाई में टाइम ना लगी..डायरेक्ट स्वर्ग जइबा...। अब उनका बयान एक बार फिर चर्चा में आ गया है। घाट का निर्माण सिंचाई विभाग ने पांच साल पहले कराया है।
16 फरवरी 2021 को इसका लोकार्पण हुआ था। निर्माण के साथ ही गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठने लगे थे। यही वजह है कि खामियां दुरुस्त न हो पाने के कारण नगर निगम ने आज तक दोनों घाटों का हैंडओवर नहीं लिया है। यह अलग बात है कि जनहित को देखते हुए सफाई का कार्य नगर निगम ही कराता है।
राप्ती तट पर राजघाट कभी सिर्फ श्मशान के कारण ही जाना जाता था। यहां पार्थिव शरीर लेकर ही लोग पहुंचते थे। वर्ष 2019 में राजघाट के सुंदरीकरण का प्रस्ताव बनाया गया था। 48 करोड़ 83 लाख 71 हजार रुपये की लागत से निर्माण कार्य शुरू कराया गया। राजघाट पर श्मशान स्थल की तरफ 27 करोड़ 85 लाख 71 हजार रुपये की लागत से गुरु गोरक्षनाथ घाट का सुंदरीकरण कराया गया। लाल पत्थर से बनीं चौड़ी सीढ़ियों के साथ ही पर्यटकों के बैठने के लिए गुंबद बनाया गया।
एक तरफ पर्यटक, दूसरी तरफ श्मशान
एक तरफ पर्यटकों के बैठने, स्थान की अच्छी व्यवस्था के साथ ही दूसरी तरफ श्मशान बनाया गया है। यहां काफी दिन तक नौकायन की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि बनने के बाद ही अव्यवस्था भी सामने आने लगी।
नगर निगम ने यह काम कराया
- राजघाट पर अन्त्येष्टि स्थल का निर्माण - 1054.63 लाख
- प्रदूषण मुक्त लकड़ी एवं गैस आधारित शवदाह संयंत्र की स्थापना - 106.3 लाख
सिंचाई विभाग ने यह काम कराया
- राप्ती नदी के बाएं तट पर महायोगी गुरु गोरक्षनाथ घाट का निर्माण - 2785.71 लाख
- राप्ती नदी के बाएं तट पर राज घाट का निर्माण - 499 लाख
- राप्ती नदी के दाएं तट पर रामघाट का निर्माण - 1599.00 लाख
सांसद ने दिया था विवादित बयान
गुरु गोरक्षनाघाट पर हुए उद्घाटन कार्यक्रम में सांसद रविकिशन शुक्ल ने विवादित बयान दिया था। कहा था, 'राप्ती घाट पर पहले क्या होता था, सबको पता है। सुबह सुबह लोग यहां आ जाते थे। लेकिन अब यहां जो माहौल बना है...यहां अगर आपकी मृत्यु होती है तो आप डायरेक्ट स्वर्ग में जाएंगे। यहां जब आप जलाए जाओगे। कितना आनंद आएगा यहां जलने में। अत्याधुनिक है एकदम और इलेक्ट्रिक वाला है...इसलिए फूंकाई में टाइम ना लगी..डायरेक्ट स्वर्ग जइबा..।'
