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गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ घाट पर वज्रपात से ढहा गुंबद, दो अधिवक्ता की मौत; हंगामे के बाद CMO पर FIR

By Satish PandeyEdited By: Vivek Shukla
Published: Sun, 06 Sep 2026 12:00 PM (IST)Updated: Sun, 06 Sep 2026 03:50 PM (IST)

गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ घाट पर वज्रपात से गुंबद गिरने से दो अधिवक्ताओं की मौत हो गई। उपचार में लापरवाही ...और पढ़ें

HighLights

  1. गोरखपुर घाट पर वज्रपात से गुंबद ढहा, दो अधिवक्ता मृत।

  2. उपचार में लापरवाही पर अधिवक्ताओं का हंगामा, सीएमओ पर FIR।

  3. मुख्यमंत्री ने हादसे का संज्ञान लिया, सहायता के निर्देश।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। महायोगी गुरु गोरक्षनाथ घाट पर रविवार को साथी अधिवक्ता की माता की अंत्येष्टि में शामिल होने पहुंचे लोगों पर अचानक आफत टूट पड़ी। तेज बारिश के बीच राजघाट के गुंबदनुमा छज्जे (गजीबो) पर वज्रपात होने से वह भरभराकर नीचे गिर गया।

मलबे के नीचे दबने से दो अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। जिला अस्पताल ले जाते समय राप्तीनगर निवासी अधिवक्ता आलोक अस्थाना की मौत हो गई। शक्तिनगर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता संजय सिंह की देर शाम बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरु अस्पताल में मौत हो गई।

उपचार में लापरवाही और समय से एंबुलेंस नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर जमकर हंगामा किया। दोपहर एक बजे से करीब ढाई घंटे तक सड़क जाम रही। आलोक अस्थाना की पत्नी शालिनी अस्थाना की तहरीर पर अपराह्न 3:29 बजे कोतवाली थाने में सीएमओ व स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध लापरवाही का मुकदमा दर्ज होने के बाद अधिवक्ताओं ने जाम समाप्त किया।

शनिवार शाम सिविल कोर्ट के अधिवक्ता विनोद तिवारी की माता का निधन हो गया था। रविवार को राजघाट घाट पर उनकी अंत्येष्टि होनी थी। इसमें शामिल होने के लिए उनके साथी अधिवक्ता आलोक अस्थाना और संजय सिंह समेत अन्य लोग पहुंचे थे। सुबह करीब 11:30 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।

बारिश से बचने के लिए कुछ लोग घाट पर बने गुंबदनुमा छज्जे के नीचे चले गए। इसी दौरान तेज आवाज के साथ वज्रपात हुआ और छज्जा भरभराकर नीचे गिर गया। मलबे में दबने से आलोक और संजय गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला।

संजय के सिर, बाएं हाथ-पैर और दाहिने पैर की एड़ी व पंजे में चोट आई है। बाएं हाथ और दाहिने पैर में फ्रैक्चर बताया गया है। जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसपी सिटी निमिष पाटील ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। बाद में जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर संजय सिंह के उपचार की जानकारी ली और प्राचार्य को इलाज में लापरवाही न होने देने के निर्देश दिए।

शाम सात बजे संजय की स्थिति बिगड़ने पर आईसीयू में भर्ती किया गया जहां कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हादसे का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को परिवार काो सहायता देने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने आपदा के तहत सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त आर्थिक सहायता के लिए भी शासन को पत्र भेजा जाएगा। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि वज्रपात से गजीबो गिरने की बात सामने आयी है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोप की जांच कराई जा रही है। साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

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