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    गाजियाबाद में बिना सूचना और सहमति के पोस्टपेड से प्रीपेड कर दिया बिजली मीटर, खातों में चढ़ा दिया गलत मोबाइल नंबर

    Updated: Sat, 11 Apr 2026 07:46 AM (IST)

    गाजियाबाद में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिना सूचना दिए पोस्टपेड से प्रीपेड में बदल दिया गया है। आरोप है कि विद्युत कर्मियों ने गलत मोबाइल नंबर दर्ज क ...और पढ़ें

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    लक्ष्य चौधरी, गाजियाबाद। जिले में स्मार्ट मीटर व्यवस्था को पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी बनाने के दावों के बीच अब उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आने लगी हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद विद्युत निगम ने बिना जानकारी दिए ही मीटरों को पोस्टपेड से प्रीपेड प्रणाली में बदल दिया। इससे उपभोक्ताओं को अचानक रिचार्ज व्यवस्था में जाना पड़ा और उन्हें स्थिति की जानकारी तक नहीं दी गई।

    न सूचना दी न सहमति ली

    उत्तर प्रदेश पावर काॅरपोरेशन लिमिटेड के अंतर्गत जिले में अब तक लगभग 2.80 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 2.30 लाख से अधिक कनेक्शन प्रीपेड प्रणाली में परिवर्तित कर दिए गए हैं। लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें न तो इसकी पूर्व सूचना दी गई और न ही उनकी सहमति ली गई।

    ओटीपी के माध्यम से पोस्टपेड से किया प्रीपेड

    उपभोक्ताओं का आरोप है कि मीटर लगाने के बाद विद्युत कर्मियों ने सिस्टम में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर लिया। उसी नंबर पर आए ओटीपी के माध्यम से मीटर को प्रीपेड प्रणाली में सक्रिय कर दिया गया।

    उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी तब हुई जब बिजली आपूर्ति रिचार्ज खत्म होने पर बाधित हो गई। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शिकायत की तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

    एक ओर जहां स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ता की अनुमति का नियम बताया जाता है, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार की घटनाएं व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। पोस्टपेड से प्रीपेड प्रणाली सक्रिय करने के समय ओटीपी अनिवार्य होता है।

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    उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच रही सूचनाएं

    प्रीपेड स्मार्ट मीटर प्रणाली में उपभोक्ता के स्थान पर अन्य मोबाइल नंबर दर्ज हो जाने से रिचार्ज व बैलेंस संबंधी संदेश उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे उपभोक्ता को यह जानकारी ही नहीं मिलती कि बैलेंस समाप्त होने वाला है। परिणामस्वरूप बिना पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि मोबाइल नंबर अपडेट की इस गड़बड़ी से उन्हें अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है।

    उपभोक्ता भटकने को मजबूर

    मोबाइल नंबर गड़बड़ी से बिजली घरों के चक्कर काट रहे उपभोक्ता स्मार्ट मीटर सिस्टम में गलत मोबाइल नंबर दर्ज हो जाने के बाद रिचार्ज और बैलेंस संबंधी संदेश उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचने से उपभोक्ता विद्युत कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। लाइट कटने के बाद उपभोक्ता दर-दर की ढोकर खा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि मोबाइल नंबर अपडेट की इस गड़बड़ी ने उनकी परेशानी कई गुना बढ़ा दी है।

    "इस संबंध में जानकारी है, जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर एक से अधिक मोबाइल नंबर दर्ज हैं, उनकी सूची तैयार की जा रही है और उनसे संपर्क कर नंबर का सत्यापन कराने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।"

    -अनिल कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता, जोन-प्रथम। 

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