गाजियाबाद में किसानों तक नहीं पहुंची बिजली बिल माफी की खबर, 36 प्रतिशत अभी भी योजना से बाहर
गाजियाबाद में निजी नलकूपों के लिए कृषक विद्युत माफी योजना का लाभ सभी पात्र किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है, केवल 64.11% ने पंजीकरण कराया है। लगभग 36% ...और पढ़ें

HighLights
गाजियाबाद में 36% किसान अभी भी योजना से बाहर।
मोदीनगर डिवीजन में सबसे कम पंजीकरण प्रतिशत दर्ज।
बकाया बिल जमा करने पर ही मिलेगा योजना का लाभ।
लक्ष्य चौधरी, गाजियाबाद। किसानों के निजी नलकूपों का बिजली बिल माफ करने वाली कृषक विद्युत माफी योजना का लाभ जिले के सभी पात्र किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है। योजना के तहत अब तक महज 64.11 प्रतिशत किसानों ने ही पंजीकरण कराया है।
9402 पात्र निजी नलकूप उपभोक्ताओं में 6025 किसान योजना से जुड़े हैं, जबकि करीब 36 प्रतिशत यानी 3377 किसान अब भी पंजीकरण से बाहर हैं। बड़ी संख्या में किसानों के योजना से नहीं जुड़ने से विद्युत निगम के प्रचार-प्रसार पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
निजी नलकूपों के लिए मुफ्त बिजली योजना एक अप्रैल 2023 से लागू है। इसके तहत पात्र किसानों के निजी नलकूपों का बिजली बिल शत-प्रतिशत माफ किया जाना है। इसके बावजूद जिले में करीब एक-तिहाई पात्र किसान योजना से बाहर हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें योजना और पंजीकरण की प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल सकी।
मोदीनगर में सबसे कम पंजीकरण
डिवीजनवार आंकड़ों में मोदीनगर की स्थिति सबसे कमजोर है। यहां 4146 निजी नलकूप उपभोक्ताओं में 2386 ने ही पंजीकरण कराया है। पंजीकरण का प्रतिशत 57.62 है। मुरादनगर में 3174 में से 2089 किसान योजना से जुड़े हैं, जबकि लोनी में 2082 में से 1550 किसानों ने पंजीकरण कराया है। लोनी का पंजीकरण प्रतिशत 74.45 है, जो तीनों डिवीजन में सर्वाधिक है।
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बकाया जमा करने पर मिलेगा लाभ
मुख्य अभियंता नरेश कुमार भारती ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को एक अप्रैल 2023 से पहले का बकाया बिजली बिल जमा करना होगा। बकाया पर लगा ब्याज भी माफ किया जाएगा।
किसान आसान किस्तों में भी भुगतान कर सकते हैं। निजी नलकूप पर बिजली का मीटर लगवाना भी अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जो किसान अभी तक योजना से नहीं जुड़े हैं, उन्हें घरेलू कनेक्शन का कनेक्शन नंबर संबंधित बिजलीघर में देना होगा।