रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र अभी नहीं संभालेंगे कार्यभार, काम को भलीभांति समझने के बाद लेंगे सीईओ का चार्ज
CEO Jitendra Mishra: ट्रस्ट की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को समझने के लिए ट्रस्टियों व अधिकारियों के साथ चर्चा की। नवनियुक्त ...और पढ़ें
HighLights
पवित्र जिम्मेदारी मिली है, जल्द साझा करूंगा अपनी विस्तृत कार्ययोजना
मीडिया को दिखाए तेवर-बोले, सबको पहचान रहा हूं, दुबारा आने नहीं दूगा
अयोध्या में अभी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ कामकाज देखेंगे सीईओ
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र की पांच दिन बाद ही कार्यभार संभालने की योजना
डिजिटल डेस्क, अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र नियुक्ति की घोषणा के अगले ही दिन यानी गुरुवार को अयोध्या पहुंचे गये। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर का भ्रमण किया। एयरपोर्ट पर मीडिया से सहज भाव से वार्ता करने जितेंद्र मिश्र का जन्मभूमि परिसर में अंदाज बेहद जुदा था।
श्रीराम लला का दर्शन करने के बाद जितेंद्र मिश्र रामघाट पर ट्रस्ट की कार्यशाला के अकाउंट आफिस पहुंचे। यहां नवनियुक्त महासचिव गोविंद गिरि के साथ बैठक कर अन्य ट्रस्टियों से मुलाकात की और परिचय प्राप्त किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने औपचारिक रूप से सीईओ का कार्यभार हस्ताक्षर कर ग्रहण कर लिया है, लेकिन उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अभी कार्यभार ग्रहण न करने की बात कही। इस दौरान नए ट्रस्टी मदन मोहन पांडेय भी मौजूद रहे।
ट्रस्टियों व अधिकारियों के साथ चर्चा
उन्होंने ट्रस्ट की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को समझने के लिए ट्रस्टियों व अधिकारियों के साथ चर्चा की। नवनियुक्त सीईओ ने कहा कि उन्हें अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए वह चयन समिति, ट्रस्ट के सदस्यों और प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद के प्रति हृदय से आभारी हैं। उन्होंने कहा कि यह अयोध्या की उनकी पहली यात्रा है। पदभार संभालने और व्यवस्थाओं को समझने के लिए थोड़ा समय चाहिए। जल्द ही ट्रस्ट के साथ मिलकर तैयार की गई अपनी विस्तृत कार्ययोजना सभी के साथ साझा करेंगे। उन्होंने मानस भवन में लंच किया।
अभी पांच-छह दिन काम को समझेंगे
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ जितेंद्र मिश्र अभी पांच-छह दिन काम को समझेंगे। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के साथ अगले पांच दिनों काम को देखूंगा, उसके बाद ज्वाइन करूंगा। फिलहाल वह ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ ट्रस्ट के काम को समझेंगे और कार्य विवरण तैयार करेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय में CEO की नियुक्ति के बाद पहली बैठक के बाद जितेंद्र मिश्र ने कहा कि आज मैं ट्रस्ट की बैठक में शामिल हुआ हूं। पहली बैठक परिचयात्मक बैठक थी जहां हमने एक दूसरे के विषय में जाना और कार्य करने के विषय में जाना। आगे ट्रस्ट जितना चाहेगा मैं उनके साथ बैठक करूंगा और अपने काम को भलीभांति समझ लूंगा। जब मैं इसको भलीभांति समझ लूंगा तब मैं सीईओ के रुप में काम करूंगा।
मीडिया पर भड़क गये, कहा कि दोबारा अंदर नहीं आने दूंगा
श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भ्रमण के बाद तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय में जाने के दौरान जितेंद्र मिश्र मीडिया पर भड़क गये। उन्होंने कहा कि दोबारा अंदर नहीं आने दूंगा। अयोध्या में गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनिर्वाचित CEO जितेंद्र मिश्रा के तीखे तेवर कैमरे में कैद हुए। ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कर्मचारियों से उनकी मुलाकात के बाद जब मीडिया ने उनसे सवाल करने की कोशिश की, तो वह नाराज नजर आए। वीडियो वायरल में जिसमें वो मीडिया से कह रहे हैं कि देखिए मैं आप सबको पहचान रहा हूं। दुबारा अंदर आने नहीं दूगा। इस बयान का वायरल वीडियो अब चर्चा में है।
इससे पहले महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि चयन समिति का धन्यवाद है और ट्रस्ट का भी धन्यवाद है प्रभु श्री राम की है कृपा। देश की सेवा के बाद राम भक्तों की सेवा मेरा हृदय भावुक है। मेरे जीवन की यह बड़ी अनुभूति है एक बार राष्ट्र सेवा और अब राम की सेवा। अब राम भक्तों और राम मंदिर ट्रस्ट की सेवा करूंगा। हमारा देश और प्रदेश कर रहा है तरक्की, एक बार पदभार ग्रहण करने के बाद फिर मीडिया से चर्चा करूंगा। इसके बाद तो उनका तेवर ही बदल गया।
चंपत राय से मिले गोविंद गिरि
नए महासचिव गोविंद गिरि ने पूर्व महासचिव चंपत राय से भी मुलाकात की। दोनों की राम मंदिर के माडल कक्ष में कुछ देर बातचीत हुई। इस मुलाकात को लेकर ट्रस्ट से जुड़े घटनाक्रम के बीच विशेष चर्चा रही। चंपत राय ने मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया। वह हाथ हिलाते हुए अपने कक्ष की ओर चले गए। ट्रस्ट के पुनर्गठन के बाद नए सीईओ और महासचिव की सक्रियता को मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है।
