नए घर में प्रवेश से पहले जरूर जानें वास्तु के ये 4 नियम, कभी नहीं होगी परेशानी
नए घर में प्रवेश से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत होती है इनमें कुछ वास्तु के ...और पढ़ें

नए घर में सुख-समृद्धि के लिए अपनाएं ये वास्तु नियम (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
लिविंग रूम उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में रखें।
किचन दक्षिण-पूर्व में हो, पीले, नारंगी रंग शुभ।
बाथरूम उत्तर या उत्तर-पश्चिम में, साफ-सुथरा रखें।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। नया घर बसाने का सपना भला किसका नहीं होता है। लोग जब भी नए घर में प्रवेश करने जाते हैं उस स्थान को सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर करना जरूरी है जिससे आने वाले समय में कोई समस्या न आए। ऐसे में वास्तु के नियमों का पालन करना भी जरूरी माना जाता है।
जब आप वास्तु को ध्यान में रखकर किसी भी नए स्थान पर जाते हैं तब इसके शुभ प्रभाव आपके जीवन में दिखाई देने लगते हैं। घर के लिए वास्तु का कॉन्सेप्ट इस विश्वास पर आधारित होता है कि ब्रह्मांडीय सिद्धांतों के अनुसार घर को व्यवस्थित करने से सुख-समृद्धि आती है।
वास्तु आपके घर को व्यवस्थित करने का एक बेहतरीन तरीका बताता है। वास्तु शास्त्र एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है जो सदियों से चला आ रहा है। आइए आपको बताते हैं कि अगर आप नए घर में शिफ्ट होने जा रहे हैं तो आपको कौन से वास्तु नियमों का पालन करना चाहिए।
लिविंग रूम के लिए वास्तु टिप्स
जब आप नया घर सेटअप करने जा रहे हैं तो श्यान रखें कि लिविंग रूम हमेशा घर की उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए। लिविंग रूम को हमेशा साफ़-सुथरा और व्यवस्थित रखें।
इस स्थान पर हल्के और हवादार माहौल के लिए आप सफेद, क्रीम और पेस्टल जैसे हल्के रंगों का इस्तेमाल करें। यह आपके घर के लिए सकारात्मक और बनाता है। इस जगह पर फर्नीचर को पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें। अगर आप लिविंग रूम में आईना लगाना चाहते हैं, तो उसे उत्तर की दीवार पर लगाएं।
किचन के लिए वास्तु टिप्स
किचन घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में होना सबसे अच्छा माना जाता है। किचन की दीवारों के लिए पीले, नारंगी या लाल रंगों का इस्तेमाल करें, क्योंकि ये आपके घर के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं और अग्नि तत्व को बढ़ाते हैं।
किचन में हवा आने-जाने की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे वह साफ रहे और नकारात्मक ऊर्जा से दूर रहे। चूल्हा हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा में होना चाहिए। ध्यान रखें कि पानी और आग दो अलग-अलग तत्व हैं। इसलिए, गैस चूल्हा और पानी का सिंक कभी भी एक ही प्लेटफॉर्म पर न रखें।
बाथरूम के लिए वास्तु टिप्स
वास्तु के अनुसार, उत्तर या उत्तर-पश्चिम हिस्से में बाथरूम होना सबसे अच्छा होता है। बाथरूम का दरवाजा सीधे किचन या मुख्य प्रवेश द्वार के सामने न हो।
इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक सकता है। यही नहीं टॉयलेट उत्तर-दक्षिण दिशा में होना चाहिए और उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम कोनों में नहीं होना चाहिए। यदि बाथरूम में दो दरवाजे हैं तो हमेशा ऐसे दरवाजे को इस्तेमाल में लाएं जिसके सामने किचन या पूजा स्थान न हो।
पानी से जुड़ी चीजें कहां रखें
नए घर में आप फव्वारे जैसी पानी से जुड़ी चीजें आपके वास्तु-अनुकूल घर में ऊर्जा को संतुलित करने में मदद कर सकती हैं। इन्हें हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में रखें, क्योंकि यह दिशा पानी से जुड़ी होती है।
वास्तु शास्त्र में घर को व्यवस्थित और अनावश्यक सामान से मुक्त रखना जरूरी माना जाता है। घर के कोनों में सामान का ढेर लगाने से बचें, क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा पैदा हो सकती है। इसके बजाय, अपने वास्तु-अनुकूल घर में जगह को खुला और हवादार रखें और फर्नीचर या सजावट की चीजों को बहुत ज्यादा न भरें।
अगर आप भी नए घर में प्रवेश कर रहे हैं, तो यहां बताई बातों का ध्यान रखना जरूरी है जिससे आपके घर में किसी तरह का वास्तु दोष न लगे।
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