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नए घर का निर्माण शुरू करने से पहले क्यों जरूरी है भूमि पूजन, जानिए इसके पीछे का सबसे बड़ा रहस्य

Published: Sun, 16 Aug 2026 11:12 AM (IST)

नए घर के निर्माण से पहले भूमि पूजन का विशेष महत्व है, जो भूमि को पवित्र कर नकारात्मक ऊर्जा को ...और पढ़ें

भूमि पूजन की सरल विधि (Picture Credit- AI Generated)

भूमि पूजन की सरल विधि (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर किसी का सपना होता है कि उसका अपना एक घर हो। इसलिए लोग जीवनभर अधिक मेहनत करते हैं, जिससे वे अपने सपनों को पूरा करते हैं। साथ ही एक उम्मीद भी होती है कि वह घर उसके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सुरक्षा लेकर आएगा। इसलिए घर को बनवाने से पहले भूमि पूजन किया जाता है।

इस दौरान घर की नींव में नाग-नागिन का जोड़ा रखा रखा जाता है और मंत्रों का जप किया जाता है। इससे वातावरण शुद्ध होता है। साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। क्या आपने कभी सोचा है कि नए घर का निर्माण करने से पहले क्यों किया जाता है भूमि पूजन (Bhumi Pujan)? इसके पीछे का बेहद खास महत्व है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते है कि क्यों जरूरी है भूमि पूजन?

क्यों होता है भूमि पूजन?

नए घर को बनवाने से पहले भूमि पूजन का अधिक महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भूमि पूजन करने से भूमि पवित्र हो जाती है, जिससे निर्माण के काम में कोई भी बाधा नहीं आती है और भूमि पूजन करने से भूमि से संबंधित सभी तरह के दोष से छुटकारा मिलता है। साथ ही भूमि पर मौजूद नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मंत्रों के जप के द्वारा वह स्थान पवित्र हो जाता है।

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भूमि पूजन की विधि

  • भूमि पूजन करने से पहले किसी से ज्योतिषी से शुभ समय जरूर निकलवाएं।
  • इसके बाद भूमि की सफाई करने के बाद दिशा का चयन करें।
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार, भूमि पूजन के लिए उत्तर-पूर्व दिशा को बेहद शुभ माना जाता है।
  • शुभ मुहूर्त में गंगाजल या शुद्ध जल से पवित्र करें।
  • सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करें और मंत्रों का जप करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गणेश पूजन करने से किसी भी शुभ कार्य काम में कोई बाधा नहीं आती है।
  • तांबे या मिट्टी के कलश में जल को भरें। इसमें सिक्का, सुपारी और दूर्वा अर्पित करें।
  • कलश के ऊपर नारियल को रखें।
  • अब भूमि में चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा विराजमान करें।
  • पूजन करने के बाद घर की पहली ईंट रखें।
  • ईंट पर स्वास्तिक बनाना शुभ माना जाता है और रोली, अक्षत, फूल चढ़ाएं।
  • फल और मिठाई का भोग अर्पित करें।
  • पूजन के दौरान धरती मां से सभी दोषों को दूर करने के लिए प्रार्थना करें।
  • इसके बाद लोगों में प्रसाद का वितरण करें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।