गृह प्रवेश के लिए कौन-सा दिन है सबसे शुभ? वास्तु शास्त्र के जरूरी नियम अभी जान लें
नए घर में गृह प्रवेश करने जा रहे हैं? तो वास्तु शास्त्र के अनुसार जानें गृह प्रवेश के शुभ दिन, महीने, सही समय और राहुकाल से जुड़े जरूरी नियम।

गृह प्रवेश करने के लिए शुभ दिन (AI-Generated Image)
HighLights
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार गृह प्रवेश के लिए शुभ
मंगलवार, शनिवार, रविवार को गृह प्रवेश से बचना चाहिए
सुबह का समय श्रेष्ठ, राहुकाल में शुभ कार्य न करें
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र हमारे जीवन और घर की ऊर्जा से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह एक ऐसा प्राचीन विज्ञान है जो हमें बताता है कि घर के हर कोने की ऊर्जा का हमारे जीवन और मानसिकता पर सीधा असर पड़ता है। अगर हम वास्तु के नियमों का सही से पालन करते हुए नए घर में प्रवेश करते हैं, तो घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा, सुख और शांति बनी रहती है। वहीं, अगर गलत दिन या समय पर गृह प्रवेश किया जाए, तो जीवन में बेवजह की परेशानियां और नकारात्मकता आ सकती है।
किस दिन करें गृह प्रवेश और कब बचें?
वास्तु कहता है कि शुभ दिन पर की गई पूजा-पाठ से घर में हमेशा बरकत बनी रहती है और परिवार के सभी सदस्यों को जीवन में तरक्की मिलती है। नए घर में प्रवेश के लिए सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार का दिन सबसे शुभ माना गया है।
वहीं, मंगलवार, शनिवार और रविवार के दिन भूलकर भी गृह प्रवेश जैसा शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। इन दिनों में नए घर में जाने से अशुभ फलों का सामना करना पड़ सकता है।
दिन में करें गृह प्रवेश या रात के समय?
कई लोग अपनी सुविधा के अनुसार रात के समय पर भी शिफ्टिंग करते हैं। लेकिन, वास्तु के मुताबिक किसी भी तरह का धार्मिक काम या अनुष्ठान दिन के उजाले में ही करना सबसे शुभ माना गया है। गृह प्रवेश के लिए भी सुबह का समय सबसे श्रेष्ठ कहा गया है।
खास बात ये है कि राहुकाल के दौरान कभी भी गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए। कोई भी शुभ काम राहुकाल में शुरू करने से बचने की कोशिश करना चाहिए। इसलिए, जब भी नए घर में जाएं, तो किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से शुभ मुहूर्त जरूर निकलवा लें।
गृह प्रवेश के लिए कौन से महीने शुभ माने गए हैं?
वास्तु शास्त्र में महीनों का भी खास महत्व बताया गया है। वैशाख, ज्येष्ठ, श्रावण, मार्गशीर्ष (अगहन), माघ और फाल्गुन के महीनों में गृह प्रवेश करना बहुत शुभ होता है। इसके अलावा अलग इन दिनों को छोड़कर आप, श्राद्ध पक्ष (पितृ पक्ष), खरमास, चैत्र, आषाढ़, भाद्रपद, अश्विन और पौष के महीने में नए घर में शिफ्ट होने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको हर हाल में बचना चाहिए।
यह भी पढ़ें- हरियाली तीज पर गलत दिशा में न करें शिव-पार्वती की स्थापना, तुरंत जान लें सही वास्तु नियम
यह भी पढ़ें- क्या आप भी नौकरी में प्रमोशन के लिए ऑफिस डेस्क पर रखते हैं मनी प्लांट? वास्तु के इन नियमों का रखें ध्यान
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
